कानपुर RTO बैठक में बड़ा फैसला: परमिट शर्तों के उल्लंघन पर 18 परमिट निरस्त, आगे जानिए कितने वाहनों का है नंबर

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रिपोर्ट – हरी शंकर शर्मा 

कानपुर: मंडल में परिवहन व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित और नियमों के अनुरूप संचालित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए संभागीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीओ) कानपुर की बैठक आयुक्त कार्यालय शिविर, आर्य नगर में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मंडलायुक्त के. विजयेन्द्र पाण्ड्यन ने की। इस दौरान परिवहन से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई और कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

बैठक में सबसे अहम फैसला परमिट शर्तों के उल्लंघन और समय पर परमिट का नवीनीकरण न कराने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर लिया गया। नियमों के उल्लंघन के मामलों में 18 परमिट निरस्त किए गए, जबकि तीन वर्ष से अधिक समय तक परमिट का नवीनीकरण नहीं कराने वाले 150 वाहनों के परमिट भी निरस्त करने का निर्णय लिया गया।

इसके अलावा नए पंजीकरण, परमिट नवीनीकरण, सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था और नए मार्गों पर परमिट जारी करने जैसे कई प्रस्तावों पर भी विचार किया गया। बैठक में परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मोटर ऑपरेटरों और संबंधित आवेदकों की समस्याएं भी सुनी गईं।

आवेदकों और मोटर ऑपरेटरों की समस्याएं भी सुनी गईं

मंडलायुक्त के. विजयेन्द्र पाण्ड्यन ने बैठक की शुरुआत में परिवहन व्यवसाय से जुड़े आवेदकों और मोटर ऑपरेटरों से सीधे संवाद किया। उन्होंने सभी पक्षों की समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुना तथा अधिकारियों को नियमानुसार उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि परिवहन व्यवस्था तभी प्रभावी बन सकती है जब नियमों का समान रूप से पालन हो और ईमानदारी से कार्य करने वाले वाहन संचालकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। वहीं नियमों की अनदेखी करने वालों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई भी आवश्यक है।

परमिट शर्तों के उल्लंघन पर 18 परमिट निरस्त

बैठक के दौरान आरटीओ प्रशासन एवं आरटीए सचिव राकेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि केंद्रीय मोटर यान अधिनियम, 1988 की धारा 84 के अंतर्गत सभी प्रकार के परमिटों के लिए आवश्यक शर्तें निर्धारित की गई हैं।

समीक्षा के दौरान पाया गया कि कुछ वाहन संचालकों द्वारा इन शर्तों का उल्लंघन किया गया। ऐसे मामलों में मोटरयान अधिनियम की धारा 86 के तहत कार्रवाई करते हुए 18 परमिट निरस्त करने का निर्णय लिया गया।

अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य परिवहन व्यवस्था में अनुशासन बनाए रखना तथा नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।

150 वाहनों के परमिट भी किए गए निरस्त

बैठक में एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय उन भार वाहनों को लेकर लिया गया जिनके परमिट की वैधता समाप्त होने के बाद भी समय पर नवीनीकरण नहीं कराया गया।

आरटीओ प्रशासन के अनुसार, जिन 150 वाहनों के परमिट तीन वर्ष से अधिक समय से नवीनीकृत नहीं कराए गए, उनके मामलों की समीक्षा के बाद संबंधित परमिट निरस्त करने का निर्णय लिया गया।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि समय पर परमिट नवीनीकरण कराना प्रत्येक वाहन स्वामी की जिम्मेदारी है। ऐसा न करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

नए पंजीकरण और नवीनीकरण प्रस्तावों पर भी विचार

बैठक में कैरेज बाय रोड एक्ट, 2007 के अंतर्गत “कॉमन करियर” श्रेणी के 6 नए पंजीकरण और 5 नवीनीकरण से संबंधित आवेदनों पर भी विचार किया गया।

संबंधित दस्तावेजों और निर्धारित मानकों की समीक्षा के बाद इन आवेदनों पर आवश्यक निर्णय लिया गया। अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में भी सभी आवेदन निर्धारित नियमों और मानकों के आधार पर ही स्वीकृत किए जाएंगे।

रोडवेज के परमिट नवीनीकरण पर भी हुई चर्चा

बैठक के दौरान उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) की ओर से कानपुर-औरैया वाया विहारघाट मार्ग पर संचालित बसों के परमिट नवीनीकरण संबंधी आवेदन भी प्रस्तुत किया गया।

मंडलायुक्त ने इस प्रस्ताव पर विस्तार से विचार करने के निर्देश दिए। अधिकारियों का कहना है कि संबंधित मार्ग पर यात्रियों की सुविधा और परिवहन आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

नए वाहनों के परमिट पर भी लिया गया निर्णय

बैठक में बीएस-6 फेज-2 सीएनजी एवं पेट्रोल आधारित टाटा मैजिक 9-डी (चालक सहित) तथा मोटर यान अधिनियम, 1988 के अनुरूप निर्मित अन्य वाहनों को परमिट जारी करने के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया।

मोटरयान अधिनियम की धारा 68(4) के अंतर्गत परमिट विहीन वर्गीकृत मार्गों पर मंजिली गाड़ियों के लिए परमिट स्वीकृत करने संबंधी विषय पर भी विस्तृत चर्चा हुई। इस निर्णय से भविष्य में ऐसे मार्गों पर सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को बेहतर बनाने में सहायता मिलने की संभावना जताई जा रही है।

नियमों के पालन पर दिया गया विशेष जोर

बैठक के दौरान मंडलायुक्त ने स्पष्ट कहा कि परिवहन व्यवस्था में पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी परमिट धारकों द्वारा नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाए।

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जिन वाहन स्वामियों के परमिट या दस्तावेज समय सीमा के भीतर नवीनीकृत होने हैं, उन्हें समय रहते आवश्यक प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की प्रशासनिक कार्रवाई से बचा जा सके।

बैठक में मौजूद रहे वरिष्ठ अधिकारी

बैठक में परिवहन विभाग और जिला प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इनमें सदस्य जितेन्द्र प्रताप सिंहजिलाधिकारी कानपुर नगर आर.आर. सोनीउप परिवहन आयुक्त (परिक्षेत्र)आरटीओ प्रवर्तन राहुल श्रीवास्तव तथा कानपुर मंडल के अन्य अधिकारी शामिल रहे। सभी अधिकारियों ने परिवहन व्यवस्था को अधिक प्रभावी और नियमबद्ध बनाने के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य करने पर सहमति जताई।

परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में कदम

जानकारों का मानना है कि नियमित समीक्षा और नियमों का सख्ती से पालन कराने से सड़क परिवहन व्यवस्था अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बन सकती है। समय-समय पर होने वाली आरटीए बैठकों से परिवहन क्षेत्र की समस्याओं का समाधान भी तेजी से संभव होता है। इसके साथ ही वाहन संचालकों को भी समय पर दस्तावेजों का नवीनीकरण कराने और सभी वैधानिक शर्तों का पालन करने की सलाह दी गई है।

कानपुर में आयोजित सम्भागीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीओ) की बैठक में परिवहन व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। परमिट शर्तों के उल्लंघन पर 18 परमिट निरस्त किए गए, जबकि 150 वाहनों के परमिट नवीनीकरण न कराने पर उन्हें भी निरस्त करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा नए पंजीकरण, रोडवेज परमिट नवीनीकरण और नए वाहनों के परमिट से जुड़े प्रस्तावों पर भी विचार किया गया। प्रशासन का कहना है कि इन निर्णयों का उद्देश्य परिवहन व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और नियमबद्ध बनाना है।

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