कृष्णम परिवार ने गुरु पूर्णिमा पर मनाया 9वां स्थापना दिवस, कलाकारों और बच्चों का किया सम्मान

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रिपोर्ट – कृष्णा शर्मा

कानपुर: गुरु-शिष्य परंपरा और प्रतिभाओं के सम्मान को समर्पित एक विशेष कार्यक्रम में कृष्णम परिवार ने गुरु पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर अपना 9वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया। एक निजी रेस्टोरेंट में आयोजित इस कार्यक्रम में परिवार से जुड़े कलाकारों, बच्चों और सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम का उद्देश्य केवल स्थापना दिवस का उत्सव मनाना नहीं, बल्कि बच्चों और कलाकारों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करना और गुरु-शिष्य संबंधों की महत्ता को उजागर करना भी था। इस अवसर पर कृष्णम परिवार के डायरेक्टर विपिन निगम ने सभी प्रतिभागियों को सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

नौ वर्षों की सफलता का मनाया जश्न

कार्यक्रम के दौरान कृष्णम परिवार के डायरेक्टर विपिन निगम ने कहा कि इस वर्ष कृष्णम परिवार ने अपनी स्थापना के सफल नौ वर्ष पूरे किए हैं। इसी खुशी को सभी सदस्यों और कलाकारों के साथ साझा करने के लिए स्थापना दिवस समारोह का आयोजन किया गया।

उन्होंने कहा कि किसी भी संस्था की सफलता उसके सदस्यों, कलाकारों और बच्चों की मेहनत से संभव होती है। इसलिए यह अवसर उन सभी लोगों को सम्मान देने का भी है, जिन्होंने कृष्णम परिवार की यात्रा में अपना योगदान दिया है।

विपिन निगम ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में कृष्णम परिवार ने कला, संस्कृति और प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का प्रयास किया है। आगे भी संस्था का उद्देश्य बच्चों और कलाकारों को बेहतर मंच उपलब्ध कराना रहेगा।

गुरु के साथ बच्चों का सम्मान भी जरूरी

कार्यक्रम में गुरु-शिष्य परंपरा पर विशेष चर्चा की गई। विपिन निगम ने कहा कि एक अच्छे गुरु की पहचान केवल शिक्षा देने से नहीं होती, बल्कि वह अपने शिष्यों की प्रतिभा को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर भी देता है।

उन्होंने कहा कि हमें हर गुरु के साथ-साथ बच्चों और कलाकारों का भी सम्मान करना चाहिए। बच्चों को प्रोत्साहन मिलने से उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और वे अपनी प्रतिभा को बेहतर तरीके से निखार पाते हैं।

उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में सफलता के लिए मार्गदर्शन के साथ-साथ सम्मान और सहयोग की भावना भी जरूरी होती है। यही सोच कृष्णम परिवार की कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

कलाकारों और बच्चों को किया गया सम्मानित

स्थापना दिवस समारोह में कृष्णम परिवार से जुड़े सभी कलाकारों और बच्चों को सम्मानित किया गया। सम्मान पाकर बच्चों और कलाकारों के चेहरे पर खुशी नजर आई।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। साथ ही, कलाकारों के योगदान को भी विशेष रूप से सराहा गया।

इसके अलावा कार्यक्रम में शामिल सभी अतिथियों और सदस्यों का स्वागत किया गया। आयोजन के दौरान केक काटकर स्थापना दिवस की खुशी साझा की गई और सभी के लिए जलपान की व्यवस्था भी की गई।

समाजसेविका मनीष शुक्ला ने बच्चों को दिया आशीर्वाद

कार्यक्रम में विशेष रूप से समाजसेविका मनीष शुक्ला उपस्थित रहीं। उन्होंने बच्चों को सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि बच्चों की प्रतिभा को पहचानना और उन्हें सही दिशा देना समाज की जिम्मेदारी है। ऐसे आयोजन बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें अपनी क्षमताओं को प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करते हैं।

उन्होंने कृष्णम परिवार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि कला और प्रतिभा को बढ़ावा देने के लिए इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन लगातार होना चाहिए।

उत्साह और उमंग के साथ संपन्न हुआ कार्यक्रम

गुरु पूर्णिमा के विशेष अवसर पर आयोजित यह स्थापना दिवस समारोह उत्साह और उमंग के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं और कृष्णम परिवार के भविष्य के लिए मंगलकामना की।

इस दौरान संस्था से जुड़े सदस्यों ने कहा कि आने वाले समय में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे बच्चों और कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने के अधिक अवसर मिल सकें।

बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद

कार्यक्रम में शालिनी महिवाल, वंदना वर्मा, साक्षी टंडन, अनन्या दीक्षित, मनु सोमानी, आध्या दीक्षित, गरिमा गुप्ता, अदिति पाल, ऐश्वर्या, श्रुति श्री, तनिष्का गुप्ता, कुशल निगम, अर्सा राय निगम सहित कई लोग उपस्थित रहे।

सभी उपस्थित लोगों ने कार्यक्रम की सराहना की और कृष्णम परिवार को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं।

प्रतिभाओं को मंच देने का जारी रहेगा प्रयास

कृष्णम परिवार का यह 9वां स्थापना दिवस समारोह केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि प्रतिभाओं के सम्मान और प्रोत्साहन का संदेश भी लेकर आया। संस्था द्वारा लगातार बच्चों और कलाकारों को आगे बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

गुरु पूर्णिमा जैसे पावन अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने गुरु-शिष्य संबंधों की महत्ता को भी रेखांकित किया। साथ ही यह संदेश दिया कि सही मार्गदर्शन, सम्मान और प्रोत्साहन से हर प्रतिभा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।

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