पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ में की बिजनौर की विदुर प्रेरणा हर्बल टी की सराहना, बढ़ी देशभर में मांग
रिपोर्ट – तबिश मिर्जा
बिजनौर: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के लिए यह एक गौरवपूर्ण क्षण रहा, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में नगीना तहसील के ग्राम लखीवाला की “विदुर प्रेरणा हर्बल टी” का उल्लेख करते हुए इसकी सराहना की।
प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्रीय मंच से की गई इस प्रशंसा के बाद गांव में उत्साह का माहौल है। साथ ही स्थानीय महिला स्वयं सहायता समूह के प्रयासों को नई पहचान मिली है और उत्पाद की मांग भी विभिन्न राज्यों से बढ़ने लगी है।
प्रधानमंत्री के उल्लेख के बाद गांव के लोगों ने इसे पूरे क्षेत्र के लिए सम्मान की बात बताया। वहीं महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं ने कहा कि इस पहचान से न केवल उनके उत्पाद को नया बाजार मिलेगा, बल्कि अन्य ग्रामीण महिलाओं को भी स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।
महिला स्वयं सहायता समूह ने तैयार किया स्वदेशी ब्रांड
ग्राम लखीवाला की महिलाओं ने स्वयं सहायता समूह के माध्यम से हर्बल चाय के उत्पादन का कार्य शुरू किया था। लगातार मेहनत, गुणवत्ता और सामूहिक प्रयासों के बल पर “विदुर प्रेरणा हर्बल टी” एक पहचान बना चुकी है। समूह के अनुसार यह स्वदेशी ब्रांड आज करोड़ों रुपये के कारोबार तक पहुंच चुका है और ग्रामीण स्तर पर उद्यमिता का सफल उदाहरण बनकर उभरा है।
समूह की अधीक्षक बबीता ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘मन की बात’ में उनके उत्पाद का उल्लेख किया जाना उनके लिए किसी सम्मान से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि इससे पूरे गांव और महिला समूह का मनोबल बढ़ा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की सराहना के बाद अब देशभर में लोग उनके उत्पाद के बारे में जानना चाहते हैं। इससे भविष्य में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे और अधिक महिलाओं को इस पहल से जोड़ा जा सकेगा।
‘मन की बात’ के बाद बढ़ी उत्पाद की मांग
महिला समूह की सदस्य बबीता ने बताया कि प्रधानमंत्री द्वारा प्रशंसा किए जाने के बाद लोगों का भरोसा और रुचि दोनों बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर मिली इस पहचान से गांव की महिलाओं के वर्षों के परिश्रम को नई दिशा मिली है।
इसी क्रम में बबीता के भाई वासुदेव, जो विदुर प्रेरणा हर्बल टी की मार्केटिंग का कार्य देखते हैं, ने बताया कि ‘मन की बात’ प्रसारित होने के बाद अलग-अलग राज्यों से लगातार ऑर्डर मिलने शुरू हो गए हैं।
उनके अनुसार पहले जहां उत्पाद की पहचान मुख्य रूप से स्थानीय और क्षेत्रीय बाजार तक सीमित थी, वहीं अब देश के कई हिस्सों से ग्राहक संपर्क कर रहे हैं। इससे उत्पादन क्षमता बढ़ाने और नए बाजारों तक पहुंचने की संभावनाएं भी मजबूत हुई हैं।
जिलाधिकारी का जताया आभार
वासुदेव ने कहा कि इस उपलब्धि के पीछे स्थानीय प्रशासन का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा है। उन्होंने विशेष रूप से जिलाधिकारी जसजीत कौर का धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासन के मार्गदर्शन और सहयोग से महिला समूह को आगे बढ़ने का अवसर मिला।
उन्होंने विश्वास जताया कि यदि इसी प्रकार सहयोग मिलता रहा, तो भविष्य में यह स्वदेशी ब्रांड राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अपनी मजबूत पहचान बना सकता है।
भाजपा नेताओं ने महिलाओं को दी बधाई
प्रधानमंत्री द्वारा की गई सराहना के बाद स्थानीय भाजपा नेताओं ने भी लखीवाला गांव पहुंचकर महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्यों को बधाई दी। उन्होंने महिलाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह उपलब्धि केवल गांव या जिले की नहीं, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।
नेताओं ने कहा कि ग्रामीण महिलाओं ने अपने परिश्रम, अनुशासन और सामूहिक कार्यशैली से यह साबित किया है कि अवसर और सही मार्गदर्शन मिलने पर ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं भी बड़े स्तर पर सफल उद्यम स्थापित कर सकती हैं।
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने की सराहना
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी लखीवाला की महिलाओं की सफलता की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह पहल महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भर भारत और ग्रामीण उद्यमिता का एक प्रेरणादायक उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित कर रही हैं। ऐसे प्रयासों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ-साथ महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक भागीदारी भी बढ़ रही है।
महिला स्वयं सहायता समूहों की बढ़ती भूमिका
विशेषज्ञों का मानना है कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण विकास की महत्वपूर्ण कड़ी बन चुके हैं। ये समूह न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रहे हैं, बल्कि स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
विदुर प्रेरणा हर्बल टी की सफलता इसी दिशा में एक सकारात्मक उदाहरण के रूप में देखी जा रही है। स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक ज्ञान का उपयोग करते हुए तैयार किए गए उत्पाद अब बड़े बाजारों तक पहुंच रहे हैं, जिससे ग्रामीण उद्यमों को नई पहचान मिल रही है।
स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा लाभ
प्रधानमंत्री द्वारा उल्लेख किए जाने के बाद उत्पाद की मांग में वृद्धि का सीधा लाभ स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलने की संभावना है। यदि ऑर्डर लगातार बढ़ते हैं, तो उत्पादन क्षमता का विस्तार होगा और अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना बनेगी।
इसके अलावा यह सफलता अन्य महिला समूहों को भी नए उत्पाद विकसित करने और अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित कर सकती है। इससे गांवों में स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘मन की बात’ में बिजनौर के लखीवाला गांव की विदुर प्रेरणा हर्बल टी का उल्लेख करना ग्रामीण उद्यमिता और महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
इस सराहना के बाद उत्पाद की मांग में बढ़ोतरी, गांव में उत्साह और महिला समूहों का बढ़ा हुआ आत्मविश्वास इस बात का संकेत है कि गुणवत्तापूर्ण स्थानीय उत्पाद राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी अलग पहचान बना सकते हैं।
आने वाले समय में यदि उत्पादन और विपणन को इसी प्रकार प्रोत्साहन मिलता रहा, तो यह पहल ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण का एक और सफल मॉडल बन सकती है।

