संविधान-मानस्तंभ स्थापना दिवस पर अखिलेश यादव का संकल्प, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का लिया प्रण
Digital UP News Desk
लखनऊः समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यालय में ‘संविधान-मानस्तंभ स्थापना दिवस’ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने संविधान के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हुए लोकतंत्र, पंथनिरपेक्षता और समाजवादी विचारधारा की रक्षा का संकल्प दोहराया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग को समान अवसर और सम्मान दिलाना समाजवादी आंदोलन का मूल उद्देश्य है।
कार्यक्रम के दौरान पार्टी नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने संविधान-मानस्तंभ के समक्ष एकजुट होकर संविधान में निहित आदर्शों का पालन करने तथा सामाजिक न्याय को मजबूत बनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने संविधान की गरिमा बनाए रखने और लोकतांत्रिक संस्थाओं को सशक्त करने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की।
संविधान के मूल्यों को सर्वोच्च रखने पर दिया जोर
अपने संबोधन में अखिलेश यादव ने कहा कि भारतीय संविधान देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार, समान अवसर और न्याय की गारंटी प्रदान करता है। इसलिए इसकी मूल भावना को सुरक्षित रखना प्रत्येक नागरिक और राजनीतिक दल की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नागरिक अधिकारों, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, सामाजिक समानता और न्यायपूर्ण व्यवस्था का आधार भी है। इसलिए संविधान के सिद्धांतों को व्यवहार में उतारना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
लोकतंत्र और पंथनिरपेक्षता की रक्षा का दोहराया संकल्प
कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के साथ-साथ पंथनिरपेक्षता को भारतीय लोकतंत्र की महत्वपूर्ण पहचान बताया। उन्होंने कहा कि भारत की विविधता ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति है और सभी धर्मों, समुदायों तथा वर्गों के बीच आपसी सम्मान और भाईचारा देश की प्रगति के लिए आवश्यक है।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि समाजवादी विचारधारा सदैव सामाजिक समरसता, समानता और न्याय के पक्ष में रही है। यही कारण है कि पार्टी संविधान के मूल आदर्शों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार कार्य करती रहेगी।
पीडीए, किसान, मजदूर, महिला और युवाओं के अधिकारों पर विशेष जोर
अखिलेश यादव ने अपने संबोधन में पीडीए (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) के साथ-साथ किसानों, मजदूरों, कारोबारियों, महिलाओं और युवाओं के अधिकारों का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग को समान अवसर मिलना चाहिए और विकास की मुख्यधारा में सभी की भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी का उद्देश्य केवल राजनीतिक परिवर्तन नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक न्याय स्थापित करना भी है। इसलिए पार्टी भविष्य में भी आमजन से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देती रहेगी।
इसके अलावा उन्होंने युवाओं के लिए रोजगार, किसानों के हितों की रक्षा, महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान तथा छोटे कारोबारियों के विकास को समाजवादी एजेंडे का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
सामाजिक न्याय का राज स्थापित करने की प्रतिबद्धता
कार्यक्रम में अखिलेश यादव ने एक बार फिर ‘सामाजिक न्याय का राज’ स्थापित करने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि समाज में समान अवसर, समान अधिकार और न्यायपूर्ण व्यवस्था ही लोकतंत्र को मजबूत बनाती है। यदि समाज के किसी भी वर्ग के साथ भेदभाव होता है तो लोकतंत्र की भावना कमजोर होती है।
उन्होंने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी का संघर्ष संविधान की मूल भावना के अनुरूप सामाजिक न्याय और समानता स्थापित करने के लिए निरंतर जारी रहेगा। इसी दिशा में पार्टी अपने संगठन और जनसंपर्क अभियान को और अधिक मजबूत करेगी।
‘बंधुराष्ट्र’ की अवधारणा पर रखा जोर
अपने संबोधन में उन्होंने ‘बंधुराष्ट्र’ की अवधारणा का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसा भारत बनाया जाना चाहिए जहां सभी नागरिक एक-दूसरे के प्रति सम्मान, सहयोग और भाईचारे की भावना रखें। उन्होंने कहा कि संविधान का उद्देश्य भी समाज में समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व को मजबूत करना है।
उन्होंने कहा कि जब समाज में भाईचारा बढ़ेगा, तभी लोकतंत्र मजबूत होगा और देश समावेशी विकास की दिशा में आगे बढ़ेगा। इसलिए समाजवादी पार्टी संविधान में निहित बंधुत्व की भावना को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास करती रहेगी।
कार्यकर्ताओं से संविधान के प्रति जागरूकता फैलाने की अपील
कार्यक्रम के दौरान अखिलेश यादव ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे संविधान के मूल सिद्धांतों को आम जनता तक पहुंचाने का कार्य करें। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था तभी मजबूत होगी जब नागरिक अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों के प्रति भी जागरूक होंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी समाज के हर वर्ग के साथ संवाद बनाए रखते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए सकारात्मक भूमिका निभाती रहेगी।
संगठनात्मक एकजुटता का भी दिया संदेश
इस अवसर पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की उपस्थिति ने संगठनात्मक एकजुटता का संदेश भी दिया। कार्यक्रम में संविधान के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए सभी ने लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाने तथा सामाजिक न्याय के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया।
साथ ही यह संदेश भी दिया गया कि संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं, बल्कि देश के लोकतांत्रिक ढांचे, नागरिक अधिकारों और सामाजिक समानता का आधार है। इसलिए इसकी गरिमा बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करने पर बल
कार्यक्रम के समापन पर संविधान-मानस्तंभ के समक्ष सभी उपस्थित लोगों ने लोकतंत्र, सामाजिक न्याय, समान अवसर और राष्ट्रीय एकता के मूल्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया। समाजवादी पार्टी की ओर से यह भी कहा गया कि संविधान में निहित आदर्शों के अनुरूप समाज के प्रत्येक वर्ग के अधिकारों की रक्षा और लोकतांत्रिक संस्थाओं को सशक्त बनाने के प्रयास भविष्य में भी जारी रहेंगे।
इस आयोजन के माध्यम से समाजवादी पार्टी ने संविधान, लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और बंधुत्व के मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए समाज के सभी वर्गों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए निरंतर कार्य करने का संदेश दिया।

