प्रयागराज में छात्र आंदोलन तेज, पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे युवा

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रिपोर्ट- अमित सिंह यादव

प्रयागराज: दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुआ छात्र आंदोलन अब देश के अन्य शहरों तक पहुंच रहा है। इसी क्रम में प्रयागराज में भी शनिवार को बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं सड़कों पर उतरे और पेपर लीक, प्राथमिक शिक्षक भर्ती तथा युवाओं से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया। पत्थर गिरजाघर के पास एकत्र हुए छात्रों ने सरकार के सामने अपनी मांगें रखीं और जिलाधिकारी कार्यालय तक मार्च निकालने की तैयारी की। बारिश के बावजूद छात्रों का उत्साह कम नहीं हुआ।

हाथों में संविधान की प्रतियां और विभिन्न मांगों से जुड़े पोस्टर लेकर छात्र प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार, भर्ती प्रक्रिया को समय पर पूरा करने और परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठाई।

पत्थर गिरजाघर पर जुटे हजारों छात्र, सरकार से की कार्रवाई की मांग

प्रयागराज में हुए प्रदर्शन में संयुक्त युवा मोर्चा सहित कई छात्र संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। छात्रों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं से लाखों युवाओं के भविष्य पर असर पड़ रहा है।प्रदर्शनकारियों ने कहा कि युवाओं को लंबे समय तक भर्ती प्रक्रिया का इंतजार करना पड़ता है। इसके अलावा जो भर्तियां निकलती हैं, उनमें भी पारदर्शिता और स्पष्ट व्यवस्था की आवश्यकता है।

छात्रों ने मांग की कि परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाया जाए ताकि मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों को न्याय मिल सके।वहीं, प्रदर्शन के दौरान एक छोटी बच्ची भी पोस्टर लेकर पहुंची, जिस पर लिखा था, ” छात्र-युवाओं का संघर्ष जिंदाबाद”। यह पोस्टर लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना और छात्र आंदोलन में युवाओं के भविष्य को लेकर चिंता को दर्शाता नजर आया।

पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों में नाराजगी

छात्रों का कहना है कि पेपर लीक जैसी घटनाएं मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों के साथ अन्याय हैं। उनका आरोप है कि ऐसी घटनाओं से परीक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं और युवाओं का भरोसा प्रभावित होता है।प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने कहा कि सरकार को शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से लेना चाहिए। उनका कहना है कि समय पर वैकेंसी जारी नहीं होने और भर्ती प्रक्रिया में देरी के कारण बड़ी संख्या में युवा उम्र सीमा जैसी समस्याओं का सामना करते हैं।

इसके अलावा छात्रों ने वेटिंग लिस्ट और स्कोरकार्ड जैसी व्यवस्थाओं को लेकर भी अपनी मांगें रखीं। उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाया जाना चाहिए ताकि सभी अभ्यर्थियों को समान अवसर मिल सके।

सुरक्षा व्यवस्था रही सख्त, पुलिस प्रशासन अलर्ट

छात्र आंदोलन को देखते हुए प्रयागराज में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। प्रशासन ने संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया। वहीं, प्रदेश के अन्य जिलों में भी पुलिस को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए।प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो और किसी भी तरह की अव्यवस्था की स्थिति पैदा न हो। पुलिस अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की और प्रदर्शन स्थल पर मौजूद गतिविधियों पर नजर रखी।

जंतर-मंतर आंदोलन के समर्थन में देशभर में प्रदर्शन

गौरतलब है कि नीट पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों का आंदोलन जारी है। इसी आंदोलन के समर्थन में देश के कई हिस्सों में छात्र संगठनों द्वारा प्रदर्शन किए जा रहे हैं।इसी कड़ी में प्रयागराज में भी छात्रों ने अपनी आवाज बुलंद की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

छात्र संगठनों और सरकार के बीच बातचीत का दौर भी चल रहा है। हालांकि, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर अभी तक कोई अंतिम सहमति नहीं बन पाई है। छात्रों का कहना है कि उनकी मुख्य मांगों पर स्पष्ट निर्णय आने के बाद ही आंदोलन समाप्त होगा।

 प्रयागराज ही नहीं, कई जनपदों के छात्र भी हुए शामिल 

प्रदर्शन में न सिर्फ प्रयागराज बल्कि बड़ी संख्या में अलग-अलग जनपदों से छात्र शामिल होने पहुंचे हैं। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहा, जबकि छात्रों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाएगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। छात्रों का कहना है कि वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं और उम्मीद करते हैं कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। प्रयागराज में विरोध का यह रचनात्मक अंदाज पूरे प्रदर्शन का सबसे चर्चित पहलू रहा।

युवाओं ने उठाई शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग

प्रयागराज लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों का प्रमुख केंद्र रहा है। ऐसे में यहां होने वाले छात्र आंदोलनों का व्यापक प्रभाव देखने को मिलता है।प्रदर्शन में शामिल युवाओं ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार केवल छात्रों का नहीं बल्कि पूरे समाज का मुद्दा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने के साथ-साथ रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में भी कदम उठाए जाएं।

छात्रों का कहना है कि युवाओं को बेहतर भविष्य के लिए भरोसेमंद व्यवस्था की जरूरत है। इसलिए भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, समयबद्ध परीक्षा आयोजन और निष्पक्ष परिणाम उनकी प्रमुख मांगों में शामिल हैं।प्रयागराज में हुआ छात्र प्रदर्शन एक बार फिर शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर उठ रहे सवालों को सामने लाता है।

छात्र संगठनों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखने की बात कही है।अब सभी की नजर सरकार और छात्र संगठनों के बीच होने वाली आगामी बातचीत पर है। छात्रों को उम्मीद है कि उनकी मांगों पर सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे और भविष्य में परीक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा।

परीक्षा कराओ, नियुक्ति दिलाओ

वहीं कई छात्र तिरंगा ओढ़कर प्रदर्शन में पहुंचे। उनका कहना था कि वे देश के खिलाफ नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की मांग कर रहे हैं। उनके हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर “भविष्य से खिलवाड़ बंद करो” , “परीक्षा कराओ, नियुक्ति दिलाओ”, “युवा न्याय मांग रहा है” और “हमें रोजगार चाहिए” जैसे संदेश लिखे थे।

प्रदर्शन स्थल  छात्रों ने अलग तरह के क्रिएटिव पोस्टर और होर्डिंग भी तैयार किए थे।  किसी ने व्यंग्यात्मक संदेशों के जरिए अपनी पीड़ा व्यक्त की तो किसी ने सरकार से सवाल पूछते हुए कार्टून बनाए । इन पोस्टरों के साथ छात्र लगातार नारेबाजी करते रहे और समयबद्ध परीक्षा, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता,  और शीघ्र नियुक्ति की मांग करते रहे।

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