कानपुर में सड़क सुरक्षा पर सख्त निर्देश: हेलमेट, सीट बेल्ट और जनजागरूकता अभियान पर डीएम का विशेष जोर

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रिपोर्ट – विक्की रघुवंशी

कानपुर: सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कानपुर नगर में जिला सड़क सुरक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने की।

बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं, यातायात नियमों के प्रभावी अनुपालन, दुर्घटना संभावित स्थलों में सुधार, जनजागरूकता अभियान तथा सड़क दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में पुलिस, परिवहन, लोक निर्माण, शिक्षा विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ व्यापारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। सभी ने सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और सुरक्षित यातायात व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए अपने सुझाव प्रस्तुत किए।

सड़क सुरक्षा सबकी साझा जिम्मेदारी: जिलाधिकारी

बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी से ही इसे प्रभावी बनाया जा सकता है।

उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि दोपहिया वाहन चलाते समय हमेशा हेलमेट पहनें तथा चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से प्रयोग करें। उन्होंने कहा कि छोटी-सी सावधानी कई बड़े हादसों को रोक सकती है और अनमोल जीवन बचा सकती है।

उन्होंने यह संदेश भी दिया कि “अपनों की मुस्कान बनाए रखें, हेलमेट पहनें, सीट बेल्ट लगाएं और हर सफर सुरक्षित बनाएं।”

स्कूलों और कॉलेजों में चलेगा जागरूकता अभियान

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सड़क सुरक्षा को लेकर केवल प्रवर्तन कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। इसके साथ-साथ जनजागरूकता अभियान भी व्यापक स्तर पर चलाया जाना चाहिए।

उन्होंने विशेष रूप से शिक्षा विभाग को निर्देशित किया कि स्कूलों और कॉलेजों में विद्यार्थियों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जाए। उनका कहना था कि यदि कम उम्र से ही बच्चों और युवाओं में सुरक्षित यातायात व्यवहार विकसित किया जाए तो भविष्य में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।

इसके लिए विद्यालयों में सड़क सुरक्षा पर आधारित प्रतियोगिताएं, जागरूकता रैलियां, निबंध प्रतियोगिताएं, पोस्टर अभियान और संवाद कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए।

जून 2026 में हजारों चालान, बिना हेलमेट सबसे अधिक कार्रवाई

बैठक के दौरान यातायात पुलिस द्वारा जून 2026 में की गई प्रवर्तन कार्रवाई की समीक्षा भी की गई।

आंकड़ों के अनुसार सबसे अधिक कार्रवाई बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों के खिलाफ की गई।

जून 2026 के प्रमुख चालान

  • बिना हेलमेट: 38,221 चालान
  • रॉन्ग साइड ड्राइविंग: 14,707 चालान
  • ओवर स्पीडिंग: 9,619 चालान
  • ड्रंक एंड ड्राइविंग: 422 चालान
  • मोबाइल फोन का प्रयोग करते हुए वाहन चलाना: 367 चालान

इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि यातायात नियमों का उल्लंघन अभी भी बड़ी चुनौती बना हुआ है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नियमों के उल्लंघन के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई लगातार जारी रखी जाए।

दुर्घटना संभावित स्थलों में सुधार के निर्देश

बैठक में सड़क दुर्घटनाओं के दृष्टिकोण से संवेदनशील और दुर्घटना संभावित स्थलों (ब्लैक स्पॉट्स) की भी समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग और संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए कि ऐसे स्थानों की पहचान कर वहां आवश्यक सुधार कार्य शीघ्र पूरे किए जाएं।

उन्होंने कहा कि उचित संकेतक, सड़क मरम्मत, प्रकाश व्यवस्था, स्पीड कंट्रोल उपाय और सुरक्षित यातायात प्रबंधन दुर्घटनाओं को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

राहवीर योजना की जानकारी

बैठक में राहवीर योजना की भी विस्तार से जानकारी दी गई।

अधिकारियों ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति की गोल्डन ऑवर के दौरान सहायता कर उसे अस्पताल पहुंचाता है तो पात्र व्यक्ति को ₹25,000 की प्रोत्साहन राशि प्रदान करने का प्रावधान है।

इस योजना का उद्देश्य लोगों को दुर्घटना पीड़ितों की समय पर सहायता के लिए प्रेरित करना है, ताकि शुरुआती महत्वपूर्ण समय में इलाज उपलब्ध कराया जा सके और अधिक से अधिक जीवन बचाए जा सकें।

पीएम राहत जन आरोग्य योजना के तहत कैशलेस उपचार

बैठक में पीएम राहत जन आरोग्य योजना की समीक्षा भी की गई।

अधिकारियों ने बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को इस योजना के अंतर्गत अधिकतम सात दिनों तक अथवा ₹1.50 लाख तक, जो भी पहले हो, कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।

इस योजना का उद्देश्य दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति को बिना आर्थिक बाधा के तत्काल उपचार उपलब्ध कराना है।

कानपुर में 9 अस्पताल किए गए चिन्हित

जनपद कानपुर नगर में इस योजना के तहत उपचार के लिए नौ अस्पतालों को चिन्हित किया गया है।

इनमें शामिल हैं—

  • वेदान्ता हॉस्पिटल
  • डेल्टा हॉस्पिटल
  • आशीर्वाद हॉस्पिटल
  • चांदनी हॉस्पिटल प्रा. लि.
  • उजाला सिग्नस कुलवंती हॉस्पिटल
  • नारायणा हॉस्पिटल
  • रामादेवी मेडिकल सेंटर प्रा. लि.
  • रामा हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर
  • रामा हॉस्पिटल

इन अस्पतालों में सड़क दुर्घटना पीड़ितों को योजना के अनुसार उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश

बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि सड़क सुरक्षा के प्रति व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए।

उन्होंने कहा कि हेलमेट, सीट बेल्ट, निर्धारित गति सीमा, ट्रैफिक सिग्नल का पालन और मोबाइल फोन का उपयोग न करने जैसे संदेशों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जाए।

इसके साथ ही राहवीर योजना और पीएम राहत जन आरोग्य योजना का भी व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर नागरिक इन योजनाओं का लाभ उठा सकें।

विभिन्न विभागों की रही सहभागिता

बैठक में डीसीपी यातायात रविंद्र कुमार, एडीएम सिटी आलोक कुमार गुप्ता, लोक निर्माण विभाग, परिवहन विभाग, शिक्षा विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

सभी विभागों ने सड़क सुरक्षा को लेकर आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए आवश्यक कदम उठाने का भरोसा दिया

कानपुर में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि सड़क सुरक्षा केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।

हेलमेट पहनना, सीट बेल्ट लगाना, यातायात नियमों का पालन करना और सड़क पर जिम्मेदार व्यवहार अपनाना ही दुर्घटनाओं को कम करने का सबसे प्रभावी तरीका है।

इसके साथ ही राहवीर योजना और पीएम राहत जन आरोग्य योजना जैसी पहलें दुर्घटना पीड़ितों को समय पर सहायता और उपचार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

यदि प्रशासन, विभिन्न विभाग और आम नागरिक मिलकर सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाएं, तो निश्चित रूप से दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है और अनेक अनमोल जीवन सुरक्षित रखे जा सकते हैं।

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