ऑपरेशन मातृशक्ति: ट्रेन में प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला की सुरक्षित डिलीवरी, जच्चा और नवजात दोनों स्वस्थ

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रिपोर्ट – विक्की रघुवंशी

कानपुर: भारतीय रेलवे में यात्रियों की सुरक्षा और आपातकालीन सहायता को प्राथमिकता देते हुए एक बार फिर संवेदनशील और त्वरित कार्रवाई का उदाहरण देखने को मिला।

ऑपरेशन मातृशक्ति के तहत ट्रेन संख्या 12488 में यात्रा कर रही एक गर्भवती महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू होने पर रेलवे पुलिस और चिकित्सा टीम ने तत्काल सहायता उपलब्ध कराई।

समय पर किए गए समन्वित प्रयासों के परिणामस्वरूप महिला ने सुरक्षित रूप से एक स्वस्थ पुत्र को जन्म दिया। चिकित्सकीय परीक्षण के बाद जच्चा और नवजात दोनों को स्वस्थ पाया गया।

यह पूरा घटनाक्रम न केवल रेलवे सुरक्षा व्यवस्था की तत्परता को दर्शाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि आपात परिस्थितियों में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय यात्रियों के लिए जीवनरक्षक साबित हो सकता है।

सूचना मिलते ही शुरू हुई त्वरित कार्रवाई

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, 24 जुलाई 2026 को बीआईसी (BIC) ड्यूटी पर तैनात हेड कांस्टेबल रणजीत सिंह को सूचना मिली कि ट्रेन संख्या 12488 में यात्रा कर रही एक गर्भवती महिला को प्लेटफॉर्म संख्या 6 स्थित सुरंग के पास अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सूचना तत्काल सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) सुनीता तक पहुंचाई गई। सूचना मिलते ही उन्होंने बिना विलंब किए आवश्यक चिकित्सा सहायता की व्यवस्था शुरू कर दी।

चिकित्सा टीम और नर्सिंग स्टाफ ने संभाला मोर्चा

सूचना प्राप्त होने के तुरंत बाद एएसआई सुनीता ने मधुराज क्लीनिक की नर्स कौशिकी को सूचना देकर मौके पर बुलाया। इसके साथ ही वे स्वयं प्लेटफॉर्म संख्या 6 पर पहुंचीं।

मौके पर पहले से मौजूद हेड कांस्टेबल रणजीत सिंह, डॉ. विवेक तथा मधुराज क्लीनिक की महिला चिकित्सा टीम ने स्थिति का आकलन किया और सुरक्षित प्रसव के लिए आवश्यक तैयारियां शुरू कर दीं।

महिला की गरिमा और गोपनीयता का रखा गया पूरा ध्यान

रेलवे प्रशासन और चिकित्सा टीम ने प्रसव के दौरान महिला की गोपनीयता और सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। इसके लिए मौके पर कपड़ों की सहायता से अस्थायी पर्दे की व्यवस्था की गई, ताकि महिला को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण मिल सके।

इसके बाद चिकित्सा टीम की निगरानी में महिला का सुरक्षित प्रसव कराया गया, जिसमें उसने एक स्वस्थ पुत्र को जन्म दिया।

यह पूरा कार्य अत्यंत सावधानी और चिकित्सकीय मानकों के अनुरूप संपन्न किया गया।

सुरक्षित प्रसव के बाद दी गई तत्काल चिकित्सा सुविधा

प्रसव के बाद नवजात शिशु को आवश्यक प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराते हुए सुरक्षित रूप से मधुराज क्लीनिक ले जाया गया। इसके कुछ समय बाद प्रसूता महिला को भी बैटरी रिक्शा के माध्यम से क्लीनिक पहुंचाया गया।

वहां चिकित्सकों ने जच्चा और नवजात दोनों का विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण किया। जांच के दौरान दोनों की स्थिति सामान्य और स्वस्थ पाई गई।

हालांकि बेहतर चिकित्सकीय निगरानी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से डॉक्टरों ने महिला को आगे के उपचार के लिए उर्सला अस्पताल रेफर कर दिया।

108 एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया

चिकित्सकीय सलाह के बाद प्रसूता और नवजात को सुरक्षित रूप से 108 एम्बुलेंस सेवा के माध्यम से उर्सला अस्पताल भेजा गया।

इस दौरान महिला के साथ उनके परिजन भी मौजूद रहे और पूरी प्रक्रिया में सहयोग करते रहे। अस्पताल पहुंचने के बाद दोनों को आगे की चिकित्सकीय देखरेख में रखा गया।

यात्रा के दौरान आई आपात स्थिति

पूछताछ के दौरान महिला ने अपना नाम चंदा खातून बताया। उन्होंने बताया कि वह बिहार के सहरसा जिले की रहने वाली हैं और ट्रेन संख्या 12488 से आनंद विहार टर्मिनल (ANVT) से कटिहार (KGG) की यात्रा कर रही थीं।

यात्रा के दौरान अचानक प्रसव पीड़ा शुरू होने के कारण उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता पड़ी। समय रहते रेलवे पुलिस और चिकित्सा टीम की सहायता मिलने से सुरक्षित प्रसव संभव हो सका।

समन्वित प्रयास बने सफलता की वजह

इस पूरी घटना में रेलवे सुरक्षा बल, चिकित्सा टीम, नर्सिंग स्टाफ और स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला।

हेड कांस्टेबल रणजीत सिंह द्वारा समय पर सूचना देना, एएसआई सुनीता की त्वरित कार्रवाई, नर्स कौशिकी और डॉ. विवेक की चिकित्सकीय सहायता तथा बाद में एम्बुलेंस सेवा की उपलब्धता ने पूरी प्रक्रिया को सफल बनाया।

आपातकालीन परिस्थितियों में इसी प्रकार की त्वरित प्रतिक्रिया यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

ऑपरेशन मातृशक्ति का उद्देश्य

रेलवे में ऑपरेशन मातृशक्ति का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित सहायता उपलब्ध कराना है।

इस पहल के तहत रेलवे पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा संस्थानों के बीच समन्वय स्थापित कर समय पर चिकित्सकीय सहायता पहुंचाने का प्रयास किया जाता है। इससे यात्रा के दौरान उत्पन्न होने वाली आकस्मिक परिस्थितियों का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सकता है।

यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण संदेश

गर्भावस्था के अंतिम चरण में यात्रा करने वाली महिलाओं को चिकित्सकीय सलाह के बाद ही यात्रा करनी चाहिए। साथ ही यात्रा के दौरान सभी आवश्यक स्वास्थ्य दस्तावेज और आपातकालीन संपर्क नंबर अपने पास रखना उपयोगी होता है।

यदि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति उत्पन्न हो, तो तत्काल रेलवे हेल्पलाइन, रेलवे सुरक्षा बल या स्टेशन पर उपलब्ध चिकित्सा सहायता से संपर्क करना चाहिए।

कानपुर रेलवे स्टेशन पर ऑपरेशन मातृशक्ति के तहत की गई यह त्वरित और समन्वित कार्रवाई मानवीय संवेदनशीलता तथा उत्कृष्ट आपातकालीन प्रबंधन का प्रेरणादायक उदाहरण है।

रेलवे पुलिस, चिकित्सा टीम और स्वास्थ्यकर्मियों की तत्परता के कारण ट्रेन में यात्रा कर रही गर्भवती महिला का सुरक्षित प्रसव संभव हो सका।

चिकित्सकीय जांच के बाद जच्चा और नवजात दोनों स्वस्थ पाए गए तथा उन्हें आगे की देखभाल के लिए अस्पताल भेजा गया। यह घटना दर्शाती है कि समय पर सहायता, बेहतर समन्वय और संवेदनशील कार्यशैली से आपात परिस्थितियों में भी सुरक्षित और सकारात्मक परिणाम सुनिश्चित किए जा सकते हैं।

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