हमीरपुर में ब्राह्मण एकता परिषद का प्रदर्शन, नीट पेपर लीक और छात्रों पर लाठीचार्ज का जताया विरोध
रिपोर्ट – मोहम्मद अकरम
हमीरपुर: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में अखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद ने छात्रों से जुड़े मुद्दों और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन किया। संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुई कथित मारपीट तथा नीट पेपर लीक मामले को लेकर सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई।
प्रदर्शन का नेतृत्व संगठन की जिला अध्यक्ष दीपा तिवारी ने किया। प्रदर्शनकारी नगर पालिका स्थित अंबेडकर पार्क से जुलूस के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की।
जुलूस के बाद प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से पेपर लीक के मामलों में कठोर कार्रवाई और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाबदेही की मांग की गई।
अंबेडकर पार्क से कलेक्ट्रेट तक निकाला जुलूस
अखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद के पदाधिकारी और कार्यकर्ता निर्धारित कार्यक्रम के तहत नगर पालिका स्थित अंबेडकर पार्क में एकत्र हुए। यहां से प्रदर्शनकारियों ने जुलूस शुरू किया।
जुलूस में शामिल लोगों ने हाथों में बैनर और तख्तियां ले रखी थीं। इन पर छात्रों के समर्थन और पेपर लीक के विरोध से जुड़े संदेश लिखे गए थे।
प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट की ओर बढ़े और रास्ते में अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की। संगठन की ओर से कहा गया कि प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े विवादों का सीधा असर लाखों छात्रों के भविष्य पर पड़ता है।
नीट पेपर लीक मामले पर जताई चिंता
प्रदर्शन के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर चिंता जताई। उनका कहना था कि देशभर में बड़ी संख्या में छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं।
छात्र कई वर्षों तक मेहनत करते हैं और परीक्षा के माध्यम से अपने भविष्य का निर्माण करने का प्रयास करते हैं। ऐसे में पेपर लीक जैसी घटनाओं की शिकायतें सामने आने पर छात्रों के बीच असमंजस और चिंता की स्थिति बनती है।
संगठन ने मांग की कि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जाए। इसके साथ ही, यदि किसी परीक्षा में अनियमितता या पेपर लीक की शिकायत सामने आती है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
छात्रों पर लाठीचार्ज का भी जताया विरोध
प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुई कथित मारपीट और लाठीचार्ज के विरोध में भी आवाज उठाई। जिला अध्यक्ष दीपा तिवारी ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने वाले छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि छात्रों को अपनी समस्याएं और मांगें लोकतांत्रिक तरीके से रखने का अधिकार है। इसलिए, किसी भी शांतिपूर्ण प्रदर्शन को संवाद के माध्यम से संबोधित किया जाना चाहिए।
हालांकि, प्रदर्शनकारियों द्वारा लगाए गए आरोपों पर संबंधित प्रशासनिक पक्ष की विस्तृत प्रतिक्रिया इस खबर के समय उपलब्ध नहीं है। ऐसे में पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र पुष्टि संबंधित आधिकारिक बयानों और जांच के आधार पर ही हो सकेगी।
जिला अध्यक्ष ने सरकार से की कार्रवाई की मांग
अखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद की जिला अध्यक्ष दीपा तिवारी ने कहा कि बार-बार पेपर लीक की शिकायतों से लाखों छात्रों के भविष्य पर असर पड़ता है।
उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि पेपर लीक मामलों में शामिल दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। इसके अलावा, उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग की।
दीपा तिवारी ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में छात्रों का विश्वास बनाए रखने के लिए परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही आवश्यक है।
शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग
प्रदर्शन के दौरान संगठन की ओर से शिक्षा व्यवस्था से जुड़े व्यापक मुद्दों पर भी चर्चा की गई। पदाधिकारियों का कहना था कि प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले छात्रों को निष्पक्ष और पारदर्शी व्यवस्था मिलनी चाहिए।
इसके लिए परीक्षा केंद्रों की निगरानी, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े सभी चरणों में जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की गई।
संगठन ने कहा कि छात्रों और अभ्यर्थियों की मेहनत का सम्मान किया जाना चाहिए। यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो उसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
कलेक्ट्रेट पहुंचकर सौंपा ज्ञापन
जुलूस अंबेडकर पार्क से शुरू होकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर समाप्त हुआ। यहां प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन अधिकारियों को सौंपा।
ज्ञापन के माध्यम से पेपर लीक मामलों की जांच, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और छात्रों से जुड़े मामलों में सरकार से जवाबदेही की मांग की गई।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य छात्रों की समस्याओं को प्रशासन और सरकार तक पहुंचाना है। साथ ही, वे परीक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों के हितों की सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।
लोकतांत्रिक तरीके से मांगें रखने पर जोर
प्रदर्शन के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा होनी चाहिए। उनका कहना था कि किसी भी समस्या का समाधान संवाद और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से किया जा सकता है।
वहीं, प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि पेपर लीक जैसे मामलों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। इससे छात्रों और अभिभावकों का परीक्षा प्रणाली पर विश्वास प्रभावित हो सकता है।
इसलिए, उन्होंने सरकार से पारदर्शी जांच और समयबद्ध कार्रवाई की मांग की।
छात्रों के भविष्य को लेकर चिंता
प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले छात्र लंबे समय तक तैयारी करते हैं। कई छात्र आर्थिक और व्यक्तिगत चुनौतियों के बावजूद परीक्षा की तैयारी करते हैं।
ऐसे में परीक्षा से जुड़ी किसी भी अनियमितता की शिकायत उनके लिए चिंता का विषय बन जाती है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि छात्रों की मेहनत और भविष्य को ध्यान में रखते हुए परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी मांग की कि भविष्य में पेपर लीक जैसी शिकायतों को रोकने के लिए तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर प्रभावी कदम उठाए जाएं।
कुल मिलाकर, हमीरपुर में अखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद ने नीट पेपर लीक मामले और दिल्ली में छात्रों के साथ हुई कथित मारपीट तथा लाठीचार्ज के विरोध में प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष दीपा तिवारी के नेतृत्व में अंबेडकर पार्क से कलेक्ट्रेट तक जुलूस निकाला गया। प्रदर्शनकारियों ने पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। जुलूस के बाद संगठन की ओर से कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपा गया। अब प्रदर्शनकारियों की मांगों पर प्रशासन और सरकार की ओर से आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर रहेगी।

