हमीरपुर के राठ बस डिपो के गड्ढों में युवाओं ने की धान की रोपाई, पढ़िए बदहाल व्यवस्था पर अनोखा प्रदर्शन
Digital UP News Desk
हमीरपुर: जिले के राठ स्थित सरकारी बस डिपो की बदहाल स्थिति को लेकर युवाओं ने अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। वर्षों से जर्जर सड़क, बड़े-बड़े गड्ढों और जलभराव की समस्या से परेशान युवाओं ने बस डिपो परिसर में बने गड्ढों में धान की रोपाई कर अपना विरोध दर्ज कराया। इस अनोखे प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने परिवहन विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब बस डिपो की स्थिति इतनी खराब है तो यात्रियों और बसों को रोजाना किन समस्याओं का सामना करना पड़ता होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। युवाओं का कहना था कि डिपो परिसर की बदहाल सड़कें लंबे समय से लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं, लेकिन इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।
गड्ढों में धान की रोपाई कर जताया विरोध
राठ सरकारी बस डिपो में बारिश के बाद जगह-जगह जलभराव और कीचड़ की स्थिति बनी हुई है। सड़क पर बने गड्ढों में पानी भर जाने के कारण यहां से गुजरना यात्रियों, बस चालकों और कर्मचारियों के लिए मुश्किल हो जाता है। इसी समस्या की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए युवाओं ने गड्ढों में धान की रोपाई की।
युवाओं का यह प्रदर्शन सामान्य विरोध से अलग था। उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से यह संदेश देने की कोशिश की कि बस डिपो की सड़कें इतनी खराब हो चुकी हैं कि वहां आवागमन के बजाय धान की खेती की जा सकती है। इस दौरान मौके पर लोगों की भीड़ भी जुट गई और कई लोगों ने प्रदर्शन का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया।
‘धान बेचकर करेंगे बस डिपो का विकास’
प्रदर्शन कर रहे युवाओं ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि यदि बस डिपो की जमीन पर धान की फसल उगाई जा सकती है, तो फसल बेचकर मिलने वाले पैसे से डिपो का विकास कराया जाएगा। युवाओं का यह बयान व्यवस्था पर तंज के रूप में देखा जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का विरोध करना नहीं, बल्कि लंबे समय से चली आ रही समस्या की ओर जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करना है। उनका कहना है कि यात्रियों से जुड़ी सरकारी सुविधा के परिसर में बुनियादी सुविधाओं का अभाव गंभीर चिंता का विषय है।
वर्षों से जर्जर सड़क और जलभराव की समस्या
स्थानीय लोगों के अनुसार, राठ बस डिपो में सड़क और जलनिकासी की समस्या नई नहीं है। बारिश के मौसम में स्थिति और अधिक खराब हो जाती है। जगह-जगह पानी भरने के कारण यात्रियों को बसों तक पहुंचने में परेशानी होती है। इसके अलावा, गड्ढों और कीचड़ के कारण वाहन संचालन भी प्रभावित होता है।
युवाओं ने आरोप लगाया कि कई वर्षों से इस समस्या को लेकर आवाज उठाई जा रही है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत और जलनिकासी की व्यवस्था कर दी जाती, तो हर बारिश में डिपो की स्थिति इस तरह खराब नहीं होती।
प्रदर्शन देखने के लिए जुटी भीड़
धान की रोपाई का अनोखा प्रदर्शन देखने के लिए मौके पर बड़ी संख्या में लोग जुट गए। लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बन गया कि सरकारी बस डिपो की स्थिति को लेकर युवाओं को इस तरह का विरोध क्यों करना पड़ा।
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने अपने मोबाइल फोन से वीडियो बनाए। इसके बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से चर्चा में आया। लोगों का कहना है कि इस तरह का अनोखा प्रदर्शन संबंधित विभाग और प्रशासन का ध्यान आकर्षित कर सकता है।
हालांकि, स्थानीय स्तर पर इस बात की भी उम्मीद जताई जा रही है कि प्रदर्शन के बाद परिवहन विभाग और प्रशासन समस्या का संज्ञान लेकर मौके का निरीक्षण करेंगे।
परिवहन विभाग की कार्यशैली पर उठे सवाल
युवाओं ने परिवहन विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि सरकारी बस डिपो यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण सार्वजनिक सुविधा है। ऐसे में यहां साफ-सफाई, सड़क, जल निकासी और सुरक्षित आवागमन की उचित व्यवस्था होनी चाहिए।
प्रदर्शनकारियों के अनुसार, यदि बस डिपो की सड़कें लंबे समय से जर्जर हैं, तो इसकी मरम्मत के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को समय रहते कदम उठाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि केवल बसों का संचालन करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि यात्रियों को बेहतर और सुरक्षित परिवेश उपलब्ध कराना भी विभाग की जिम्मेदारी है।
यात्रियों को होती है परेशानी
राठ बस डिपो से प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री विभिन्न क्षेत्रों के लिए बसों से यात्रा करते हैं। ऐसे में डिपो परिसर की खराब सड़क और जलभराव की स्थिति सीधे तौर पर यात्रियों की सुविधा को प्रभावित करती है।
बारिश के दिनों में यात्रियों को पानी और कीचड़ के बीच से होकर बसों तक पहुंचना पड़ सकता है। वहीं, बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए ऐसी स्थिति और अधिक असुविधाजनक हो सकती है। इसके अलावा, गड्ढों के कारण वाहन चालकों को भी सावधानी से बसों का संचालन करना पड़ता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बस डिपो जैसे सार्वजनिक स्थान पर नियमित रखरखाव और जल निकासी की व्यवस्था जरूरी है। यदि समय पर मरम्मत नहीं की गई, तो समस्या और बढ़ सकती है।
अनोखे प्रदर्शन से प्रशासन पर बढ़ा दबाव
युवाओं के इस अनोखे प्रदर्शन ने एक बार फिर सार्वजनिक सुविधाओं के रखरखाव को लेकर चर्चा शुरू कर दी है। आमतौर पर सड़क और जलभराव की समस्याओं को लेकर धरना या ज्ञापन दिया जाता है, लेकिन राठ बस डिपो में गड्ढों के बीच धान की रोपाई का तरीका अलग रहा।
प्रदर्शनकारियों ने उम्मीद जताई कि अब संबंधित विभाग इस समस्या को गंभीरता से लेगा और बस डिपो की सड़क की मरम्मत कराई जाएगी। साथ ही, जलभराव से निजात दिलाने के लिए स्थायी जलनिकासी व्यवस्था भी विकसित की जाएगी।
लोगों को कार्रवाई का इंतजार
अब स्थानीय लोगों की नजरें परिवहन विभाग और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। लोगों का कहना है कि केवल निरीक्षण या आश्वासन से समस्या का समाधान नहीं होगा। इसके लिए जर्जर सड़क की मरम्मत, गड्ढों को भरने और जल निकासी की उचित व्यवस्था करनी होगी।
राठ बस डिपो की यह तस्वीर सरकारी सुविधाओं के रखरखाव को लेकर भी सवाल खड़े करती है। वहीं, युवाओं का अनोखा प्रदर्शन यह संदेश देता है कि लंबे समय से बनी समस्याओं को नजरअंदाज करने पर जनता अलग-अलग तरीकों से अपनी आवाज उठा सकती है।
कुल मिलाकर, हमीरपुर के राठ बस डिपो में गड्ढों के बीच धान की रोपाई का प्रदर्शन स्थानीय समस्याओं को उजागर करने का एक अनोखा तरीका रहा। अब देखना होगा कि इस विरोध के बाद परिवहन विभाग और प्रशासन जर्जर सड़क तथा जलभराव की समस्या के समाधान के लिए क्या कदम उठाते हैं।

