कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर यात्रियों से विवाद के आरोप में 9 किन्नरों को जीआरपी-आरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई, पढ़िए क्या हुई कार्यवाई
रिपोर्ट-हरी शंकर शर्मा
कानपुर: कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे परिसर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने रविवार को एक विशेष अभियान चलाया।
इस दौरान यात्रियों से कथित रूप से अभद्र व्यवहार और विवाद करने के आरोप में नौ किन्नरों को हिरासत में लेकर उनके विरुद्ध शांति भंग से संबंधित प्रावधानों के तहत विधिक कार्रवाई की गई।
रेलवे पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक रेलवे प्रकाश डी. के निर्देशों के क्रम में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई, जिसका उद्देश्य ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर अपराधों की रोकथाम तथा यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
प्लेटफॉर्म नंबर-10 से मिली थी सूचना
पुलिस के अनुसार रविवार को कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-10 से सूचना प्राप्त हुई कि कुछ व्यक्ति यात्रियों से पैसे मांगने को लेकर विवाद कर रहे हैं और यात्रियों के साथ अभद्र व्यवहार कर रहे हैं। सूचना मिलने के बाद जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम तत्काल मौके पर पहुंची।
इस अभियान का नेतृत्व जीआरपी थाना प्रभारी ओम नारायण सिंह और आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक सिद्धनाथ पाटीदार के निर्देशन में किया गया। मौके पर पहुंचे उपनिरीक्षक जितेंद्र कुमार तथा क्यूआरटी ने स्थिति का जायजा लिया और संबंधित व्यक्तियों से बातचीत करने का प्रयास किया।
पुलिस ने समझाने का किया प्रयास
रेलवे पुलिस के अनुसार मौके पर मौजूद व्यक्तियों को पहले शांत रहने और यात्रियों के साथ किसी प्रकार का विवाद न करने के लिए समझाया गया। पुलिस का कहना है कि समझाइश के बावजूद विवाद की स्थिति बनी रही, जिसके बाद सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कानूनी कार्रवाई की गई।
पुलिस ने बताया कि कार्रवाई के दौरान कुल नौ व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया। समाचार में जिन व्यक्तियों का उल्लेख है, उनमें कई के नाम काल्पनिक नाम के रूप में दर्ज किए गए हैं, ताकि उनकी निजता का सम्मान किया जा सके।
शांति भंग की आशंका में की गई कार्रवाई
जीआरपी के अनुसार संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 170, 126 और 135 के अंतर्गत शांति भंग की आशंका को देखते हुए कार्रवाई की गई। इसके बाद सभी को नियमानुसार आगे की विधिक प्रक्रिया के लिए संबंधित अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई का उद्देश्य रेलवे स्टेशन परिसर में शांति बनाए रखना और यात्रियों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है।
रेलवे स्टेशनों पर चल रहा विशेष अभियान
रेलवे पुलिस के अधिकारियों के अनुसार उत्तर प्रदेश के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर अपराध नियंत्रण, संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी और यात्रियों की सुरक्षा के लिए विशेष अभियान लगातार चलाया जा रहा है।
इसी अभियान के तहत जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीमें रेलवे स्टेशनों, प्लेटफॉर्म, प्रतीक्षालय और ट्रेनों में नियमित गश्त कर रही हैं। इसके अलावा संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई भी की जा रही है।
यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
रेलवे प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि कोई व्यक्ति यात्रियों को परेशान करता है, सार्वजनिक व्यवस्था भंग करता है या रेलवे परिसर में नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।
अधिकारियों ने यात्रियों से भी अपील की है कि यदि उन्हें रेलवे स्टेशन या ट्रेन में किसी प्रकार की असुविधा, अभद्र व्यवहार या संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत जीआरपी, आरपीएफ अथवा रेलवे हेल्पलाइन पर सूचना दें।
संवेदनशील मामलों में गरिमा और कानून दोनों आवश्यक
विशेषज्ञों का मानना है कि रेलवे स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थानों पर कानून-व्यवस्था बनाए रखना आवश्यक है। साथ ही किसी भी कार्रवाई के दौरान सभी व्यक्तियों की गरिमा, निजता और कानूनी अधिकारों का सम्मान किया जाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की पुष्टि विधिक प्रक्रिया और सक्षम न्यायालय के निर्णय के बाद ही होती है। इसलिए ऐसे मामलों में तथ्यों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही निष्कर्ष निकालना उचित माना जाता है।
जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त कार्यप्रणाली
रेलवे सुरक्षा व्यवस्था में जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। जहां आरपीएफ रेलवे संपत्ति और सुरक्षा से जुड़े मामलों पर कार्य करती है, वहीं जीआरपी कानून-व्यवस्था और आपराधिक मामलों की जांच करती है। दोनों एजेंसियों का समन्वय यात्रियों की सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाता है।
कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम द्वारा की गई कार्रवाई रेलवे परिसर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से की गई।
पुलिस के अनुसार यात्रियों से कथित अभद्र व्यवहार और विवाद की सूचना मिलने पर नौ किन्नरों को हिरासत में लेकर शांति भंग से संबंधित प्रावधानों के तहत विधिक कार्रवाई की गई। रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस प्रकार के अभियान आगे भी जारी रहेंगे।

