मानव उत्थान सेवा समिति ने चलाया वृक्षारोपण अभियान, 410 छायादार और फलदार पौधों का किया वितरण
रिपोर्ट- विक्की रघुवंशी
कानपुर: पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के निर्माण के उद्देश्य से मानव उत्थान सेवा समिति के तत्वावधान में एक व्यापक वृक्षारोपण एवं पौध वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान 410 छायादार एवं फलदार पौधों का वितरण किया गया और लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया गया। इस अभियान का आयोजन सुविख्यात समाजसेवी एवं उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री सतपाल जी महाराज की प्रेरणा से किया गया।
पर्यावरण संरक्षण को समर्पित इस कार्यक्रम में सामाजिक, धार्मिक और जनप्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया। आयोजन का उद्देश्य केवल पौधे वितरित करना नहीं था, बल्कि लोगों में प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और हरित वातावरण के निर्माण के लिए जनभागीदारी को प्रोत्साहित करना भी था।
पौधारोपण के साथ अभियान का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ भाजपा के जिला अध्यक्ष शिवराम सिंह, श्री हंस मंदिर की प्रभारी साध्वी चंदन बाई, साध्वी मुदिता बाई, साध्वी दुर्गा बाई तथा साध्वी पदमा बाई ने संयुक्त रूप से पौधारोपण कर किया।
इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और सभी लोगों से अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाने तथा उसे वृक्ष बनने तक संरक्षित रखने की अपील की।
पर्यावरण संरक्षण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री हंस मंदिर की प्रभारी साध्वी चंदन बाई ने कहा कि वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण असंतुलन पूरी दुनिया के लिए गंभीर चिंता का विषय बन चुके हैं।
उन्होंने कहा कि मौसम के बदलते स्वरूप और बढ़ते तापमान से यह स्पष्ट है कि प्रकृति अपने स्वाभाविक संतुलन से दूर होती जा रही है।
उन्होंने कहा कि यदि समय रहते पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली पीढ़ियों को अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए प्रत्येक नागरिक का यह दायित्व है कि वह वृक्षारोपण जैसे अभियानों से जुड़े और प्रकृति को सुरक्षित रखने में अपना योगदान दे।
पौधे लगाने के साथ उनकी देखभाल भी जरूरी
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल करना भी उतना ही आवश्यक है। यदि लगाए गए पौधों को समय पर पानी, सुरक्षा और उचित वातावरण मिले तो वे भविष्य में बड़े वृक्ष बनकर पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि छायादार और फलदार वृक्ष न केवल पर्यावरण को स्वच्छ बनाने में सहायक होते हैं, बल्कि जैव विविधता को बढ़ावा देने, भूजल संरक्षण और स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
410 पौधों के वितरण से दिया हरित संदेश
आयोजन के दौरान कुल 410 छायादार एवं फलदार पौधों का वितरण किया गया। इनमें ऐसे पौधों को प्राथमिकता दी गई जो स्थानीय जलवायु के अनुकूल हों और लंबे समय तक पर्यावरण को लाभ पहुंचा सकें।
कार्यक्रम में शामिल लोगों ने पौधे प्राप्त करने के साथ उन्हें सुरक्षित रखने और नियमित रूप से उनकी देखभाल करने का संकल्प भी लिया। आयोजकों ने कहा कि इस प्रकार के अभियान समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करते हैं।
सतपाल महाराज की प्रेरणा से चला अभियान
आयोजकों ने बताया कि यह अभियान सुविख्यात समाजसेवी एवं उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री सतपाल जी महाराज की प्रेरणा से आयोजित किया गया। उनका संदेश है कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसमें समाज की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है।
इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए मानव उत्थान सेवा समिति समय-समय पर सामाजिक और पर्यावरणीय जागरूकता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करती रही है। संस्था का उद्देश्य समाज को सेवा, पर्यावरण संरक्षण और मानवीय मूल्यों के प्रति प्रेरित करना है।
समाज की सक्रिय भागीदारी रही विशेष
कार्यक्रम में सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली। उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने पर जोर दिया।
इस अवसर पर भाजपा मंडल अध्यक्ष सौरभ चतुर्वेदी, पुलिस योजना निदेशक डॉ. के.एन. सिंह, शैलेंद्र पाल, गिरधारी लाल गुप्ता, शैलेंद्र सेंगर, अवधेश कटियार, यतेंद्र यादव, विनीत द्विवेदी, राजेंद्र वर्मा, अमित यादव, करन कठेरिया, विवेक राजावत, दीपक गुप्ता, मिथिलेश सोनी, माया दीक्षित, संजना वर्मा, रामपाल यादव, हरिकरन सिंह सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
वृक्षारोपण से जुड़े अभियान क्यों हैं महत्वपूर्ण
विशेषज्ञों के अनुसार बढ़ता शहरीकरण, औद्योगीकरण और वनों की कटाई पर्यावरण पर लगातार दबाव बढ़ा रहे हैं। ऐसे में वृक्षारोपण अभियान न केवल वायु गुणवत्ता सुधारने में मदद करते हैं, बल्कि तापमान नियंत्रित करने, वर्षा चक्र को संतुलित रखने और कार्बन अवशोषण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
फलदार और छायादार वृक्ष ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों में सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से भी लाभकारी होते हैं। यही कारण है कि सरकार और सामाजिक संस्थाएं लगातार जनभागीदारी आधारित वृक्षारोपण अभियानों को बढ़ावा दे रही हैं।
मानव उत्थान सेवा समिति द्वारा आयोजित वृक्षारोपण एवं पौध वितरण कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सार्थक पहल के रूप में सामने आया।
410 छायादार और फलदार पौधों के वितरण के साथ लोगों को प्रकृति संरक्षण, जलवायु संतुलन और हरित भविष्य के महत्व से अवगत कराया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने स्पष्ट संदेश दिया कि पर्यावरण की रक्षा केवल सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी से ही संभव है।
यदि प्रत्येक व्यक्ति पौधारोपण के साथ उसकी देखभाल का भी संकल्प ले, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, हरित और संतुलित पर्यावरण सुनिश्चित किया जा सकता है।

