कानपुर में सिविल डिफेंस कृष्णा नगर प्रखंड की बैठक, नागरिक सुरक्षा और जल संरक्षण पर दिया गया विशेष जोर

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रिपोर्ट- विक्की रघुवंशी

कानपुर: नागरिक सुरक्षा को अधिक प्रभावी, संगठित और सक्रिय बनाने के उद्देश्य से कानपुर में सिविल डिफेंस कृष्णा नगर प्रखंड की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

जिला अधिकारी एवं नियंत्रक तथा चीफ वार्डन के निर्देशन में आयोजित इस बैठक में संगठनात्मक मजबूती, नए वार्डनों की नियुक्ति, प्रशिक्षण, नवीनीकरण और जनभागीदारी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

साथ ही राष्ट्रीय जल मिशन के अंतर्गत संचालित ‘कैच द रेन’ अभियान के माध्यम से जल संरक्षण का संदेश भी दिया गया।

बैठक का आयोजन नागरिक सुरक्षा संगठन को अधिक प्रभावी बनाने और आपदा प्रबंधन में उसकी भूमिका को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सिविल डिफेंस के पदाधिकारियों, वार्डनों और स्वयंसेवकों ने भाग लिया।

नवनियुक्त डिवीजनल वार्डन का हुआ भव्य स्वागत

कार्यक्रम की शुरुआत सिविल डिफेंस कृष्णा नगर प्रखंड के नवनियुक्त डिवीजनल वार्डन शरद प्रकाश अग्रवाल के स्वागत और अभिनंदन के साथ हुई। उन्हें माल्यार्पण, अंगवस्त्र और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर उपस्थित पदाधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में प्रखंड की गतिविधियों को नई गति मिलेगी तथा नागरिक सुरक्षा से जुड़े कार्यक्रमों का विस्तार होगा।

संगठन को मजबूत बनाने पर हुई विस्तृत चर्चा

बैठक के दौरान प्रखंड में रिक्त पदों को शीघ्र भरने, नए स्वयंसेवकों को जोड़ने, नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने, पुराने सदस्यों के नवीनीकरण तथा संगठन की सक्रियता बढ़ाने जैसे विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

वक्ताओं ने कहा कि एक मजबूत और प्रशिक्षित नागरिक सुरक्षा तंत्र किसी भी जिले की आपदा प्रबंधन क्षमता को बेहतर बनाता है। इसलिए संगठन में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना आवश्यक है।

इसके साथ ही स्वयंसेवकों को समय-समय पर आधुनिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने और उन्हें आपदा प्रबंधन की नवीन तकनीकों से अवगत कराने पर भी जोर दिया गया।

नागरिक सुरक्षा की भूमिका पर प्रकाश

बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि और अन्य वक्ताओं ने नागरिक सुरक्षा (Civil Defence) के महत्व को विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि सिविल डिफेंस केवल आपदा के समय ही नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता फैलाने, राहत कार्यों में सहयोग देने और प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

उन्होंने उपस्थित वार्डनों से कहा कि वे बिना किसी आर्थिक लाभ के पूरी निष्ठा और सेवा भावना के साथ समाज और राष्ट्र की सेवा कर रहे हैं। उनकी यह भूमिका नागरिकों में सुरक्षा के प्रति विश्वास बढ़ाने और सरकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में भी सहायक होती है।

वक्ताओं ने यह भी कहा कि स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी से प्रशासन को विभिन्न परिस्थितियों में त्वरित सहायता मिलती है, जिससे राहत एवं बचाव कार्य अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किए जा सकते हैं।

गृह मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है नागरिक सुरक्षा कोर

बैठक में जानकारी दी गई कि नागरिक सुरक्षा कोर भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन कार्य करता है। देश के विभिन्न राज्यों की तरह उत्तर प्रदेश में भी यह संगठन जिलाधिकारियों के नियंत्रण में संचालित किया जा रहा है।

अधिकारियों ने बताया कि प्राकृतिक आपदाओं, सड़क दुर्घटनाओं, अग्निकांड, बाढ़, भूकंप तथा अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में नागरिक सुरक्षा संगठन प्रशासन के साथ मिलकर राहत एवं बचाव कार्यों में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करता है।

उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक नागरिक को नागरिक सुरक्षा के उद्देश्यों और कार्यप्रणाली की जानकारी होनी चाहिए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर सभी लोग प्रशासन के सहयोगी बन सकें।

आपदा प्रबंधन में स्वयंसेवकों की भूमिका अहम

कार्यक्रम के दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि प्रशिक्षित स्वयंसेवक किसी भी आपदा की स्थिति में राहत कार्यों को अधिक प्रभावी बना सकते हैं। प्राथमिक उपचार, बचाव कार्य, भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और राहत सामग्री वितरण जैसे कार्यों में नागरिक सुरक्षा के वार्डन महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

वक्ताओं ने कहा कि यदि समाज के अधिक से अधिक युवा और नागरिक इस संगठन से जुड़ते हैं, तो किसी भी आपातकालीन स्थिति का सामना अधिक संगठित और प्रभावी तरीके से किया जा सकेगा।

‘कैच द रेन’ अभियान के तहत जल संरक्षण का संदेश

बैठक के समापन से पहले राष्ट्रीय जल मिशन के अंतर्गत संचालित ‘कैच द रेन’ अभियान के तहत जल संरक्षण और जल जागरूकता पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।

उपस्थित सभी लोगों को वर्षा जल संचयन के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। वक्ताओं ने कहा कि वर्षा की प्रत्येक बूंद का संरक्षण भविष्य की जल आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

इस दौरान सभी प्रतिभागियों को “क्योंकि जल है तो हम हैं” के संदेश के साथ जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई। सभी ने अपने घरों, संस्थानों और आसपास के क्षेत्रों में वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने तथा जल का विवेकपूर्ण उपयोग करने का संकल्प लिया।

कई वरिष्ठ पदाधिकारी रहे उपस्थित

कार्यक्रम में स्वागताध्यक्ष के रूप में प्रखंडीय स्टाफ ऑफिसर सुखबीर सिंह मलिक ने मुख्यालय के स्टाफ ऑफिसर सतीश अरोड़ा तथा नगर स्तर की डिवीजन वार्डन सीमा अग्रवाल का स्वागत किया।

बैठक की अध्यक्षता प्रखंडीय डिवीजनल वार्डन शरद प्रकाश अग्रवाल ने की, जबकि कार्यक्रम का संचालन प्रभारी सहायक उपनियंत्रक प्रवीण वर्मा ने किया।

इसके अलावा अरविंद दीक्षित, विकास उमराव, प्रमोद अग्निहोत्री, इंदू प्रभा, विनोद मिश्रा, पूजा गुप्ता, अमन वर्मा, मनीष साहू, मनोज कुमार, बादाम सिंह, शैलेश अवस्थी, सत्येंद्र प्रकाश आर्य, राजकुमारी, कीर्ति दीक्षित सहित अनेक वार्डन और स्वयंसेवक कार्यक्रम में मौजूद रहे।

कानपुर के कृष्णा नगर प्रखंड में आयोजित सिविल डिफेंस की यह बैठक नागरिक सुरक्षा संगठन को अधिक मजबूत और सक्रिय बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई।

बैठक में संगठनात्मक विकास, स्वयंसेवकों के प्रशिक्षण, आपदा प्रबंधन में जनभागीदारी और जल संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। साथ ही ‘कैच द रेन’ अभियान के माध्यम से जल बचाने का संदेश देकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी लोगों को जागरूक किया गया।

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रशासन और नागरिकों के संयुक्त प्रयास से ही सुरक्षित, जागरूक और आपदा-प्रबंधन के प्रति सक्षम समाज का निर्माण संभव है।

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