यूपी के सभी रजिस्ट्री कार्यालयों में लगेंगे सीसीटीवी कैमरे, लखनऊ से होगी 24 घंटे निगरानी

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Digital UP News Desk 

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने स्टांप एवं पंजीयन विभाग में पारदर्शिता बढ़ाने और नागरिकों को अधिक जवाबदेह एवं सुगम सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाने की तैयारी की है। विभाग की योजना के अनुसार, प्रदेश के सभी उप निबंधक (रजिस्ट्री) कार्यालयों में आधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इन कैमरों के माध्यम से कार्यालयों की गतिविधियों की 24 घंटे रिकॉर्डिंग की जाएगी और उनकी निगरानी दो स्तरों पर स्थापित होने वाले कमांड सेंटरों से की जाएगी।

इस पहल का उद्देश्य सरकारी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाना, शिकायतों का प्रभावी निस्तारण करना तथा भ्रष्टाचार और अनियमितताओं पर नियंत्रण स्थापित करना है।

प्रदेशभर के रजिस्ट्री कार्यालय होंगे डिजिटल निगरानी के दायरे में

स्टांप एवं पंजीयन विभाग द्वारा तैयार की जा रही योजना के तहत उत्तर प्रदेश के सभी उप निबंधक कार्यालयों को चरणबद्ध तरीके से सीसीटीवी निगरानी प्रणाली से जोड़ा जाएगा।

इन कार्यालयों में लगाए जाने वाले कैमरे नियमित रूप से रिकॉर्डिंग करेंगे, जिससे कार्यालय परिसर में होने वाली गतिविधियों का डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा। आवश्यकता पड़ने पर इन रिकॉर्डिंग का उपयोग शिकायतों की जांच और प्रशासनिक समीक्षा के लिए भी किया जा सकेगा।

दो स्तर पर बनेगा कमांड सेंटर

नई व्यवस्था के तहत निगरानी प्रणाली को दो स्तरों पर संचालित करने की योजना बनाई गई है। पहला कमांड सेंटर संबंधित सहायक महानिरीक्षक (स्टांप एवं पंजीयन) कार्यालय में स्थापित किया जाएगा। यहां क्षेत्रीय स्तर पर निगरानी और रिकॉर्डिंग की समीक्षा की जाएगी।

वहीं दूसरा और केंद्रीय कमांड एवं मॉनिटरिंग सेंटर राजधानी लखनऊ में बनाया जाएगा। इस केंद्रीय केंद्र के माध्यम से पूरे प्रदेश के रजिस्ट्री कार्यालयों की निगरानी की जा सकेगी। इस व्यवस्था से राज्य स्तर पर भी आवश्यकतानुसार किसी भी कार्यालय की गतिविधियों की समीक्षा करना आसान होगा।

24 घंटे होगी रिकॉर्डिंग

योजना के अनुसार, सभी सीसीटीवी कैमरे चौबीसों घंटे सक्रिय रहेंगे और लगातार रिकॉर्डिंग करेंगे। इससे कार्यालयों में आने वाले नागरिकों, दस्तावेजों के पंजीकरण की प्रक्रिया और अन्य प्रशासनिक गतिविधियों का रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा। यदि किसी मामले में शिकायत प्राप्त होती है, तो रिकॉर्डिंग के आधार पर तथ्यों की जांच करना अधिक आसान होगा।

पारदर्शिता बढ़ाने पर रहेगा विशेष जोर

स्टांप एवं पंजीयन विभाग का मानना है कि डिजिटल निगरानी व्यवस्था लागू होने से विभागीय कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी। जब कार्यालयों की गतिविधियां रिकॉर्ड होंगी, तो कार्यप्रणाली अधिक जवाबदेह बनेगी। इससे नागरिकों का विश्वास भी मजबूत होगा और सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आने की संभावना है।

भ्रष्टाचार पर नियंत्रण की दिशा में पहल

सरकार का उद्देश्य केवल निगरानी बढ़ाना नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था विकसित करना है जिससे अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की संभावनाओं को कम किया जा सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि सार्वजनिक कार्यालयों में सीसीटीवी निगरानी से कर्मचारियों और नागरिकों दोनों के लिए अधिक पारदर्शी वातावरण तैयार होता है। साथ ही किसी भी विवाद की स्थिति में उपलब्ध रिकॉर्डिंग निष्पक्ष जांच में सहायक बन सकती है।

शिकायतों के निस्तारण में मिलेगी मदद

नई व्यवस्था लागू होने के बाद यदि किसी नागरिक को रजिस्ट्री प्रक्रिया के दौरान किसी प्रकार की शिकायत होती है, तो उसकी जांच रिकॉर्ड किए गए वीडियो के आधार पर की जा सकेगी। इससे शिकायतों के समाधान में पारदर्शिता आएगी और तथ्यात्मक आधार पर निर्णय लेने में सुविधा होगी।

डिजिटल प्रशासन को मिलेगा बढ़ावा

उत्तर प्रदेश सरकार पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न विभागों में डिजिटल तकनीक के उपयोग को बढ़ावा दे रही है। स्टांप एवं पंजीयन विभाग में सीसीटीवी आधारित निगरानी प्रणाली भी इसी दिशा का एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

डिजिटल निगरानी से न केवल प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी, बल्कि विभागीय रिकॉर्ड का बेहतर प्रबंधन भी संभव होगा।

नागरिकों को क्या होगा लाभ?

यदि यह व्यवस्था पूरी तरह लागू होती है, तो आम नागरिकों को कई प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लाभ मिल सकते हैं—

  • रजिस्ट्री प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता।
  • शिकायतों के निष्पक्ष निस्तारण की संभावना।
  • कार्यालयों में जवाबदेही बढ़ेगी।
  • अनियमितताओं पर प्रभावी निगरानी।
  • नागरिकों का सरकारी सेवाओं पर भरोसा मजबूत होगा।
  • प्रशासनिक कार्यों की गुणवत्ता में सुधार आएगा।

चरणबद्ध तरीके से होगा कार्यान्वयन

सूत्रों के अनुसार, विभाग इस परियोजना को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए तकनीकी ढांचा विकसित किया जाएगा और सभी कार्यालयों को केंद्रीय निगरानी प्रणाली से जोड़ा जाएगा।

हालांकि, योजना के क्रियान्वयन की विस्तृत समय-सीमा और तकनीकी दिशा-निर्देश विभाग द्वारा आधिकारिक आदेश जारी होने के बाद स्पष्ट होंगे।

पढ़िए क्या बोल रहे अधिकारी 

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक सेवा से जुड़े विभागों में आधुनिक निगरानी प्रणाली लागू करना सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उनके अनुसार, तकनीक आधारित निगरानी से कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी होती है, शिकायतों का समाधान तेज होता है और सेवा वितरण में गुणवत्ता सुधार देखने को मिलता है।

उत्तर प्रदेश के सभी उप निबंधक (रजिस्ट्री) कार्यालयों में सीसीटीवी कैमरे लगाने और लखनऊ से केंद्रीकृत निगरानी व्यवस्था स्थापित करने की योजना सरकारी सेवाओं को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

यदि यह व्यवस्था प्रभावी रूप से लागू होती है, तो रजिस्ट्री कार्यालयों में कार्यप्रणाली की निगरानी मजबूत होगी, शिकायतों के समाधान में आसानी होगी और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण की दिशा में भी सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं। अब विभाग द्वारा जारी होने वाले आधिकारिक दिशा-निर्देश और कार्यान्वयन की प्रक्रिया पर सभी की नजर बनी हुई है।

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