ब्रज स्वच्छता अभियान: 57 ग्राम पंचायतों में छात्रों और ग्रामीणों ने श्रमदान कर दिया प्लास्टिक मुक्त ब्रज का संदेश
vikas chauhan July 18, 2026
रिपोर्ट- योगेश भारद्वाज
मथुरा: ब्रज क्षेत्र को स्वच्छ, सुंदर और प्लास्टिक मुक्त बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘हम सबने यह ठाना है, ब्रज को स्वच्छ बनाना है’ महाअभियान के अंतर्गत शनिवार को जनपद की 57 ग्राम पंचायतों में व्यापक स्तर पर विशेष स्वच्छता एवं श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किए गए।
इस अभियान में विद्यार्थियों, ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों, सफाई कर्मियों तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। सामूहिक श्रमदान के माध्यम से लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया और प्लास्टिक के उपयोग को कम करने का संदेश दिया गया।
यह अभियान केवल सफाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, कचरा प्रबंधन और जनभागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया। प्रशासन का उद्देश्य है कि ब्रज क्षेत्र की धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों की स्वच्छता को स्थायी रूप से बेहतर बनाया जाए, जिससे आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध हो सके।
तीर्थ और पर्यटन क्षेत्रों में चला विशेष अभियान
जिला प्रशासन की निगरानी में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य फोकस उन ग्राम पंचायतों पर रहा जो प्रमुख धार्मिक स्थलों और पर्यटन मार्गों से जुड़ी हुई हैं। इन क्षेत्रों में नोडल अधिकारियों की मौजूदगी में श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किए गए, ताकि स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
अभियान के दौरान गांवों की सड़कों, सार्वजनिक स्थलों, मंदिर परिसरों, तालाबों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों की साफ-सफाई की गई। साथ ही लोगों को यह भी बताया गया कि स्वच्छ वातावरण केवल सरकारी प्रयासों से नहीं बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी से ही संभव है।
छटीकरा में विद्यार्थियों और व्यापारियों ने निभाई अहम भूमिका
ग्राम पंचायत छटीकरा में उच्च प्राथमिक विद्यालय के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक स्वच्छता अभियान में भाग लिया। उनके साथ नोडल अधिकारी, अवर अभियंता, एडीओ पंचायत, ग्राम सचिव, प्रशासक तथा स्थानीय व्यापारियों ने भी श्रमदान किया।
इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों ने प्लास्टिक मुक्त ब्रज का संकल्प लिया। विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और कचरे के उचित प्रबंधन के बारे में जानकारी दी गई। वहीं स्थानीय व्यापारियों से भी अपील की गई कि वे प्लास्टिक के स्थान पर पर्यावरण अनुकूल विकल्पों को अपनाएं।
मुखराई में मुखरा देवी कुंड की हुई विशेष सफाई
विकासखंड मथुरा की ग्राम पंचायत मुखराई स्थित ऐतिहासिक मुखरा देवी कुंड पर भी विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। ग्राम सचिव हरेंद्र सिंह, प्रधान प्रतिनिधि विष्णु सिंह, पंचायत सहायक योगेश, सफाई कर्मियों की टीम और विद्यालय के विद्यार्थियों ने मिलकर पूरे परिसर की साफ-सफाई की।
कार्यक्रम के दौरान स्थानीय नागरिकों को यह संदेश दिया गया कि धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों की स्वच्छता बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। साथ ही लोगों से अपील की गई कि वे प्लास्टिक कचरा इधर-उधर न फेंकें और कचरे का उचित निस्तारण करें।
शिवली में छात्रों ने दिया स्वच्छता का संदेश
विकासखंड राया की ग्राम पंचायत शिवली में स्थित चौधरी हाकिम सिंह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों ने भी स्वच्छता श्रमदान कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
छात्रों ने गांव के विभिन्न हिस्सों में सफाई अभियान चलाया और ग्रामीणों को स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। इसके अलावा उन्होंने प्लास्टिक के अत्यधिक उपयोग से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान के बारे में भी लोगों को जागरूक किया।
विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी ने यह संदेश दिया कि यदि नई पीढ़ी स्वच्छता के प्रति जागरूक होगी, तो समाज में सकारात्मक बदलाव तेजी से आएगा।
जनभागीदारी बनी अभियान की सबसे बड़ी ताकत
इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषता स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी रही। ग्रामीणों, महिलाओं, विद्यार्थियों, व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन के साथ मिलकर श्रमदान किया। इससे यह स्पष्ट हुआ कि स्वच्छता केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि सामाजिक आंदोलन का स्वरूप ले सकती है।
विशेषज्ञ भी मानते हैं कि जब किसी अभियान में स्थानीय समुदाय की सहभागिता बढ़ती है, तब उसके परिणाम अधिक प्रभावी और लंबे समय तक टिकाऊ होते हैं।
प्रत्येक शनिवार चलेगा विशेष स्वच्छता कार्यक्रम
मुख्य विकास अधिकारी डॉ. पूजा गुप्ता ने बताया कि ‘हम सबने यह ठाना है, ब्रज को स्वच्छ बनाना है’ अभियान के तहत प्रत्येक शनिवार विशेष स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अभियान के अंतर्गत डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण, प्लास्टिक कचरे का पृथक्करण, जनजागरूकता कार्यक्रम और जनभागीदारी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासन का प्रयास है कि प्रत्येक गांव में स्वच्छता की स्थायी व्यवस्था विकसित हो और लोग स्वयं इस अभियान का हिस्सा बनें।
कचरा पृथक्करण और रिसाइक्लिंग पर विशेष जोर
मुख्य विकास अधिकारी ने जानकारी दी कि अभियान के तहत जैविक और अजैविक कचरे के पृथक्करण को बढ़ावा दिया जा रहा है। जैविक कचरे से कम्पोस्ट तैयार करने तथा प्लास्टिक अपशिष्ट को रिसाइक्लिंग के लिए भेजने की व्यवस्था विकसित की जा रही है।
इसके अतिरिक्त घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सूखा और गीला कचरा अलग-अलग रखने के लिए लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। इससे न केवल कचरा प्रबंधन बेहतर होगा बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।
स्वच्छ ब्रज से पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
ब्रज क्षेत्र देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में स्वच्छ वातावरण धार्मिक पर्यटन को भी सकारात्मक दिशा प्रदान करता है। यदि गांव, सड़कें, कुंड, मंदिर परिसर और सार्वजनिक स्थल स्वच्छ रहेंगे तो पर्यटकों का अनुभव भी बेहतर होगा।
इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने स्वच्छता अभियान को जनआंदोलन का रूप देने की दिशा में लगातार प्रयास तेज किए हैं।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
स्वच्छता अभियान के साथ-साथ प्लास्टिक मुक्त ब्रज का संदेश पर्यावरण संरक्षण के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एकल उपयोग वाले प्लास्टिक के कम उपयोग, कचरे के पृथक्करण और रिसाइक्लिंग जैसी पहलें प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में सहायक साबित हो सकती हैं।
यदि प्रशासन, स्थानीय निकायों और आम नागरिकों का यह सहयोग लगातार बना रहा तो आने वाले समय में ब्रज क्षेत्र स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का एक प्रेरणादायक मॉडल बन सकता है। यही इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य भी है कि स्वच्छता को केवल एक दिन का कार्यक्रम न मानकर दैनिक जीवन की आदत बनाया जाए, जिससे स्वच्छ, स्वस्थ और सुंदर ब्रज की परिकल्पना साकार हो सके।

