डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने सोनम वांगचुक के अनशन को भ्रमजाल बताया: कहा जनता भ्रम में आने वाली नहीं है
Digital UP News Desk
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने विपक्ष की राजनीति, हाल के राजनीतिक आंदोलनों और सामाजिक मुद्दों को लेकर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि देश की जनता लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप अपने निर्णय स्वयं ले रही है और विकास, सुरक्षा तथा सुशासन के आधार पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) पर भरोसा जता रही है।
अपने बयान में उन्होंने विपक्ष पर विभिन्न आंदोलनों और मुद्दों के माध्यम से भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने दावा किया कि पिछले कई वर्षों में हुए चुनाव परिणाम जनता के भरोसे और लोकतांत्रिक समर्थन को दर्शाते हैं। यह बयान ऐसे समय आया है जब पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक के अनशन और उससे जुड़े राजनीतिक विमर्श पर देशभर में चर्चा हो रही है।
सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए विपक्ष पर साधा निशाना
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर साझा किए गए संदेश में कहा कि लोकतंत्र में अंतिम निर्णय जनता का होता है और देश की जनता के सामने कोई भी तथ्य लंबे समय तक छिपा नहीं रह सकता।
उन्होंने लिखा कि पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार पर जनता का भरोसा लगातार मजबूत हुआ है। उनके अनुसार, लगातार तीन लोकसभा चुनावों और विभिन्न राज्यों के विधानसभा चुनावों के परिणाम इस विश्वास को दर्शाते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि भारतीय जनता पार्टी और एनडीए को जनता का समर्थन विकास और जनकल्याणकारी नीतियों के आधार पर प्राप्त हुआ है।
विपक्ष पर लगाए मुद्दाविहीन राजनीति के आरोप
केशव प्रसाद मौर्य ने अपने बयान में विपक्ष पर “मुद्दाविहीन राजनीति” करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष समय-समय पर विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक विषयों को लेकर लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा करने का प्रयास करता है।
उन्होंने अपने पोस्ट में किसान आंदोलन, शाहीन बाग, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) तथा घुसपैठ जैसे मुद्दों का उल्लेख करते हुए कहा कि विपक्ष इन विषयों को राजनीतिक दृष्टि से प्रस्तुत करने का प्रयास करता रहा है।
यह विपक्ष के प्रति उनका राजनीतिक दृष्टिकोण है। इन मुद्दों पर विभिन्न राजनीतिक दलों और संगठनों की अलग-अलग राय भी सामने आती रही है।
सोनम वांगचुक के अनशन का किया उल्लेख
अपने बयान में उपमुख्यमंत्री ने पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक के भूख हड़ताल का भी जिक्र किया। उन्होंने इसे विपक्ष की राजनीति से जोड़ते हुए कहा कि देश की जनता अब केवल भावनात्मक या राजनीतिक नारों के आधार पर निर्णय नहीं लेती।
उन्होंने दावा किया कि मतदाता अब विकास, सुरक्षा और सुशासन जैसे मुद्दों को प्राथमिकता देते हुए लोकतांत्रिक तरीके से अपने मत का प्रयोग कर रहे हैं।
सोनम वांगचुक और उनके समर्थकों का पक्ष अलग है। वे अपने आंदोलन को पर्यावरण संरक्षण, हिमालयी क्षेत्रों के हितों और संवैधानिक मांगों से जुड़ा बताते रहे हैं। इसलिए इस विषय पर विभिन्न पक्षों की अलग-अलग राय मौजूद है।
विकास और सुशासन को बताया भाजपा की प्राथमिकता
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि भाजपा की राजनीति का मूल उद्देश्य राष्ट्रहित और जनकल्याण है। उन्होंने कहा कि पार्टी का मूल मंत्र “व्यक्ति से बड़ा दल और दल से बड़ा देश” रहा है।
उनके अनुसार, भाजपा सरकारों ने बुनियादी ढांचे, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, डिजिटल सेवाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से विकास को प्राथमिकता दी है। उन्होंने दावा किया कि जनता का विश्वास लगातार भाजपा के साथ बना हुआ है।
डबल इंजन सरकार के मॉडल का किया उल्लेख
उपमुख्यमंत्री ने अपने बयान में “डबल इंजन सरकार” की अवधारणा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में केंद्र और राज्य दोनों स्तर पर भाजपा की सरकार है, वहां विकास कार्यों को गति मिली है।
उन्होंने दावा किया कि इन राज्यों में आधारभूत ढांचे के विकास, निवेश, रोजगार के अवसर और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का प्रभाव दिखाई दे रहा है।
उन्होंने कहा कि जहां भाजपा की सरकार नहीं है, वहां भी जनता परिवर्तन की ओर देख रही है।
भविष्य के चुनावों को लेकर जताया विश्वास
केशव प्रसाद मौर्य ने अपने संदेश में भविष्य के चुनावों को लेकर भी विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भाजपा का जनाधार लगातार बढ़ रहा है और आने वाले समय में भी पार्टी को जनता का समर्थन मिलेगा।
उन्होंने दावा किया कि जिन राज्यों में वर्तमान में भाजपा सत्ता में नहीं है, वहां भी पार्टी बेहतर प्रदर्शन करेगी।
यह राजनीतिक दावा भाजपा की ओर से व्यक्त किया गया दृष्टिकोण है। चुनावी परिणामों का अंतिम निर्णय संबंधित राज्यों की जनता लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत मतदान के माध्यम से करती है।
राष्ट्र प्रथम की भावना पर दिया जोर
अपने संदेश के अंत में उपमुख्यमंत्री ने भाजपा की विचारधारा का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी “राष्ट्र प्रथम” की भावना के साथ कार्य कर रही है।
उन्होंने प्रसिद्ध पंक्ति “तेरा वैभव अमर रहे मां, हम दिन चार रहें न रहें” का उल्लेख करते हुए कहा कि विकसित भारत का संकल्प ही देश को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने का आधार बनेगा।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि देश के समग्र विकास और नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाना है।
लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता की भूमिका
भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में राजनीतिक दल समय-समय पर विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार रखते हैं। वहीं, विपक्ष भी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाता है और वैकल्पिक दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है।
लोकतांत्रिक व्यवस्था की यही विशेषता है कि जनता सभी पक्षों के विचार सुनकर अपने मताधिकार का प्रयोग करती है। इसलिए राजनीतिक बयान लोकतांत्रिक विमर्श का हिस्सा माने जाते हैं और अंतिम निर्णय मतदाताओं के हाथ में होता है।

