फर्जी पत्रकारों और ‘प्रेस’ लिखे वाहनों पर चलेगा विशेष अभियान, ब्रज प्रेस क्लब ने 25 जुलाई से की घोषणा
रिपोर्ट – योगेश भारद्वाज
लखनऊ: पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ मानी जाती है। समाज को निष्पक्ष, तथ्यपरक और विश्वसनीय जानकारी उपलब्ध कराना मीडिया की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में ऐसे मामलों में वृद्धि देखी गई है, जहां कुछ लोग बिना किसी वैध पहचान, संस्थान या पत्रकारिता से जुड़े दायित्व के स्वयं को पत्रकार बताकर समाज में भ्रम की स्थिति पैदा करते हैं। इसी पृष्ठभूमि में ब्रज प्रेस क्लब ने फर्जी पत्रकारों और अवैध रूप से “प्रेस” लिखे वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने की घोषणा की है।
ब्रज प्रेस क्लब के अध्यक्ष डॉ. कमलकांत उपमन्यु (एडवोकेट) ने बताया कि यह अभियान 25 जुलाई से शुरू किया जाएगा। उनका कहना है कि इस पहल का उद्देश्य वास्तविक पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा करना, पत्रकारिता की विश्वसनीयता बनाए रखना तथा पत्रकारिता की आड़ में गलत गतिविधियां करने वाले लोगों पर प्रभावी रोक लगाना है।
दिल्ली हाईकोर्ट की टिप्पणी बनी अभियान की प्रेरणा
डॉ. उपमन्यु ने कहा कि हाल ही में दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रेस की स्वतंत्रता और उसकी जवाबदेही को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में प्रेस की स्वतंत्रता अत्यंत आवश्यक है, लेकिन इस स्वतंत्रता का दुरुपयोग किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि अदालत की टिप्पणी यह संकेत देती है कि पत्रकारिता की गरिमा बनाए रखने के लिए ऐसे लोगों पर नियंत्रण जरूरी है, जो बिना किसी वैध अधिकार के पत्रकार होने का दावा करते हैं और इस पहचान का अनुचित लाभ उठाने का प्रयास करते हैं।
पत्रकारिता की आड़ में गलत गतिविधियों पर लगेगी रोक
ब्रज प्रेस क्लब के अध्यक्ष के अनुसार आज के डिजिटल युग में मोबाइल फोन, कैमरा और माइक्रोफोन की उपलब्धता के कारण कई लोग स्वयं को पत्रकार बताने लगते हैं। हालांकि, पत्रकारिता केवल उपकरणों के उपयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक जिम्मेदारी, नैतिक मूल्यों और तथ्यपरक रिपोर्टिंग से जुड़ा पेशा है।
उन्होंने कहा कि कुछ लोग पत्रकारिता की पहचान का उपयोग प्रशासनिक अधिकारियों या आम नागरिकों पर अनावश्यक प्रभाव बनाने के लिए करते हैं। ऐसे मामलों से वास्तविक पत्रकारों की छवि भी प्रभावित होती है। इसलिए इस अभियान का उद्देश्य पत्रकारिता के नाम पर हो रहे दुरुपयोग को रोकना है।
“प्रेस” लिखे फर्जी वाहनों की भी होगी पहचान
डॉ. उपमन्यु ने बताया कि अभियान केवल फर्जी पत्रकारों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उन वाहनों की भी पहचान की जाएगी जिन पर बिना किसी वैध अनुमति के “प्रेस” लिखा गया है।
उन्होंने कहा कि कई बार ऐसे वाहन विशेष सुविधाएं प्राप्त करने या नियमों से बचने के उद्देश्य से उपयोग किए जाते हैं। इससे न केवल प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित होती है, बल्कि वास्तविक मीडिया संस्थानों की पहचान भी धूमिल होती है। इसलिए इस दिशा में भी संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा।
प्रशासन और पुलिस के सहयोग से चलेगा अभियान
ब्रज प्रेस क्लब ने स्पष्ट किया है कि अभियान को प्रभावी बनाने के लिए जिले के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों से संपर्क किया जाएगा। इसके बाद पूरे ब्रज क्षेत्र में समन्वित रूप से विशेष अभियान संचालित किया जाएगा।
क्लब का कहना है कि प्रशासनिक सहयोग मिलने से वास्तविक और फर्जी पहचान के बीच स्पष्ट अंतर स्थापित करने में सहायता मिलेगी तथा आवश्यक कानूनी कार्रवाई भी सुगमता से की जा सकेगी।
वास्तविक पत्रकारों से सहयोग की अपील
डॉ. कमलकांत उपमन्यु ने प्रिंट, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े सभी पत्रकारों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता की साख और समाज का विश्वास बनाए रखने के लिए मीडिया जगत के जिम्मेदार लोगों का सहयोग अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि वास्तविक पत्रकार इस पहल में सहयोग करेंगे तो समाज में एक सकारात्मक संदेश जाएगा और पत्रकारिता की विश्वसनीयता और अधिक मजबूत होगी।
किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है अभियान
ब्रज प्रेस क्लब ने स्पष्ट किया कि यह अभियान किसी व्यक्ति विशेष या किसी मीडिया संस्थान को लक्ष्य बनाकर नहीं चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य केवल उन लोगों की पहचान करना है जो पत्रकारिता की आड़ में अनुचित गतिविधियों को बढ़ावा देते हैं या “प्रेस” शब्द का गलत उपयोग करते हैं।
क्लब का मानना है कि यह एक जन-जागरूकता अभियान भी होगा, जिसके माध्यम से आम नागरिकों को वास्तविक और फर्जी पत्रकारों के बीच अंतर समझाने का प्रयास किया जाएगा।
पत्रकारिता की विश्वसनीयता बनाए रखना समय की आवश्यकता
लोकतंत्र में स्वतंत्र और जिम्मेदार पत्रकारिता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। यदि पत्रकारिता के नाम पर फर्जी पहचान का दुरुपयोग बढ़ता है तो इससे समाज का भरोसा कमजोर हो सकता है। ऐसे में मीडिया संगठनों, प्रशासन और समाज के संयुक्त प्रयासों से ही पत्रकारिता की गरिमा और विश्वसनीयता को मजबूत किया जा सकता है।
ब्रज प्रेस क्लब की इस पहल को भी इसी दिशा में एक प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। यदि अभियान पारदर्शी, निष्पक्ष और कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप संचालित होता है, तो इससे वास्तविक पत्रकारों की पहचान और सम्मान को मजबूती मिल सकती है।
ब्रज प्रेस क्लब द्वारा 25 जुलाई से प्रस्तावित यह विशेष अभियान पत्रकारिता की विश्वसनीयता को मजबूत करने और फर्जी पहचान के दुरुपयोग को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
क्लब का कहना है कि यह अभियान किसी के खिलाफ व्यक्तिगत कार्रवाई नहीं, बल्कि पत्रकारिता की गरिमा, समाज के विश्वास और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की प्रतिष्ठा को बनाए रखने का प्रयास है। आने वाले दिनों में प्रशासन, पुलिस और मीडिया संस्थानों के सहयोग से इस अभियान के परिणाम पर सभी की नजर रहेगी।

