कानपुर के घाटमपुर में आयोजित हुआ संपूर्ण समाधान दिवस: DM जितेंद्र प्रताप सिंह और DCP दक्षिण ने सुनीं जन समस्याएं

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रिपोर्ट – विक्की रघुवंशी

कानपुर: जन शिकायतों के प्रभावी और समयबद्ध निस्तारण को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शनिवार को घाटमपुर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह और पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) दीपेंद्र नाथ चौधरी ने आमजन की समस्याएं गंभीरता से सुनीं।

इस अवसर पर फरियादियों से सीधे संवाद कर उनकी शिकायतों का संज्ञान लिया गया तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

प्रशासन की इस पहल का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को एक ही मंच पर विभिन्न विभागों से जुड़ी समस्याओं के समाधान की सुविधा उपलब्ध कराना था। कार्यक्रम के दौरान राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य तथा अन्य विभागों से संबंधित शिकायतों को क्रमवार दर्ज किया गया और उनके त्वरित निस्तारण की दिशा में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।

अधिकारियों ने सुनीं नागरिकों की समस्याएं

घाटमपुर तहसील परिसर में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में बड़ी संख्या में नागरिक अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह और पुलिस उपायुक्त दक्षिण दीपेंद्र नाथ चौधरी ने प्रत्येक फरियादी की समस्या को ध्यानपूर्वक सुना और संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक निर्देश दिए।

कार्यक्रम में उपजिलाधिकारी, सहायक पुलिस आयुक्त घाटमपुर, मुख्य चिकित्साधिकारी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने कई मामलों में तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए, जबकि अन्य मामलों में समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।

समयबद्ध निस्तारण पर दिया गया विशेष बल

जन शिकायतों के समाधान को लेकर जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी शिकायत के निस्तारण में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक शिकायत का निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए।

साथ ही यह भी निर्देशित किया गया कि शिकायतकर्ता को उसकी शिकायत की प्रगति और समाधान की जानकारी समय-समय पर उपलब्ध कराई जाए। इससे प्रशासन के प्रति नागरिकों का विश्वास मजबूत होगा और शिकायतों के दोहराव में भी कमी आएगी।

पुलिस विभाग को दिए गए महत्वपूर्ण निर्देश

पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) दीपेंद्र नाथ चौधरी ने समाधान दिवस के दौरान मौजूद पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया कि जन शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिकायत का निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से परीक्षण किया जाए और आवश्यक होने पर मौके पर जाकर जांच भी सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि शिकायतों के निस्तारण के बाद संबंधित व्यक्ति को इसकी जानकारी अवश्य दी जाए, ताकि उसे बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। पुलिस विभाग की जिम्मेदारी केवल शिकायत दर्ज करना नहीं, बल्कि उसका प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना भी है।

फरियादियों के सम्मानजनक व्यवहार पर जोर

संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान अधिकारियों ने सभी कर्मचारियों को निर्देशित किया कि कार्यालय में आने वाले प्रत्येक नागरिक और पीड़ित के साथ सम्मानजनक एवं संवेदनशील व्यवहार किया जाए।

निर्देशों में कहा गया कि फरियादियों के बैठने की समुचित व्यवस्था हो, उन्हें अनावश्यक प्रतीक्षा न करनी पड़े तथा उनकी समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुना जाए। प्रशासन का उद्देश्य केवल शिकायत दर्ज करना नहीं, बल्कि नागरिकों को सकारात्मक और भरोसेमंद अनुभव प्रदान करना भी है।

बार-बार आने वाली शिकायतों पर विशेष निगरानी

बैठक के दौरान अधिकारियों ने उन समस्याओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए जो किसी क्षेत्र से लगातार सामने आ रही हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि यदि किसी गांव, वार्ड या क्षेत्र से एक जैसी शिकायतें बार-बार प्राप्त हो रही हैं तो उनका स्थायी समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।

उन्होंने संबंधित विभागों से कहा कि ऐसी समस्याओं के मूल कारणों की पहचान कर दीर्घकालिक समाधान तैयार किया जाए, ताकि नागरिकों को भविष्य में बार-बार शिकायत दर्ज कराने की आवश्यकता न पड़े।

प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ाने की पहल

संपूर्ण समाधान दिवस का उद्देश्य केवल शिकायतें सुनना नहीं, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही को और अधिक प्रभावी बनाना भी है। अधिकारियों ने विभागीय कर्मचारियों को निर्देश दिया कि शिकायतों के निस्तारण की नियमित समीक्षा की जाए और लंबित मामलों पर विशेष निगरानी रखी जाए।

इसके साथ ही प्रत्येक विभाग को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। यदि किसी स्तर पर अनावश्यक विलंब पाया जाता है तो उसके लिए संबंधित अधिकारी उत्तरदायी होंगे।

नागरिकों को मिला सीधे संवाद का अवसर

संपूर्ण समाधान दिवस के माध्यम से नागरिकों को वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों से सीधे संवाद करने का अवसर मिला। कई फरियादियों ने अपनी समस्याएं सीधे जिलाधिकारी और पुलिस उपायुक्त के समक्ष रखीं, जिससे संबंधित विभागों को मौके पर ही आवश्यक निर्देश जारी किए जा सके।

इस प्रकार के आयोजनों से प्रशासन और आम जनता के बीच संवाद मजबूत होता है तथा शिकायतों का समाधान अधिक प्रभावी और पारदर्शी तरीके से संभव हो पाता है।

सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित रूप से आयोजित होने वाले संपूर्ण समाधान दिवस सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे प्रशासन जनता की समस्याओं को सीधे समझ पाता है और विभागीय समन्वय के माध्यम से त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सकता है।

इसके अतिरिक्त, ऐसे कार्यक्रमों से नागरिकों का प्रशासन पर विश्वास भी बढ़ता है और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में सहायता मिलती है।

घाटमपुर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह और पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) दीपेंद्र नाथ चौधरी ने जन शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए।

फरियादियों के सम्मानजनक व्यवहार, शिकायतों के त्वरित समाधान तथा स्थानीय स्तर पर बार-बार आने वाली समस्याओं के स्थायी निस्तारण पर विशेष जोर दिया गया।

प्रशासन की यह पहल नागरिकों और शासन के बीच विश्वास को मजबूत करने के साथ-साथ पारदर्शी एवं जवाबदेह प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।