11 वर्षों से फरार 50 हजार का इनामी गैंगस्टर अवधेश सिंह गुरुग्राम से गिरफ्तार, कानपुर चकेरी पुलिस की बड़ी कार्रवाई

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रिपोर्ट – विक्की रघुवंशी

कानपुर: कमिश्नरेट कानपुर नगर पुलिस को लंबे समय से फरार चल रहे एक इनामी अभियुक्त की गिरफ्तारी में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। अपराध और अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना चकेरी पुलिस और पूर्वी ज़ोन सर्विलांस टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 11 वर्षों से फरार 50,000 के इनामी गैंगस्टर अवधेश सिंह को हरियाणा के गुरुग्राम से गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के अनुसार आरोपी गैंगस्टर एक्ट के एक मामले में वांछित था और अपनी पहचान छिपाकर पिछले कई वर्षों से हरियाणा में रह रहा था।

यह कार्रवाई तकनीकी निगरानी, मैनुअल इंटेलिजेंस और विभिन्न राज्यों की पुलिस के बीच समन्वय का परिणाम मानी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस गिरफ्तारी से लंबे समय से लंबित एक महत्वपूर्ण मामला आगे बढ़ सकेगा और संगठित अपराध के खिलाफ अभियान को भी मजबूती मिलेगी।

अपराधियों के खिलाफ अभियान के दौरान मिली सफलता

कमिश्नरेट कानपुर नगर में अपराध नियंत्रण और वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में थाना चकेरी पुलिस और पूर्वी ज़ोन सर्विलांस टीम को लंबे समय से फरार चल रहे गैंगस्टर अवधेश सिंह के संबंध में महत्वपूर्ण सूचनाएं प्राप्त हुईं।

इसके बाद पुलिस टीम ने उपलब्ध इनपुट का विश्लेषण किया और तकनीकी साक्ष्यों के साथ मैनुअल इंटेलिजेंस को जोड़ते हुए आरोपी की संभावित लोकेशन का पता लगाया। लगातार निगरानी के बाद यह पुष्टि हुई कि आरोपी हरियाणा के गुरुग्राम क्षेत्र में रह रहा है।

गुरुग्राम के सेक्टर-74 से की गई गिरफ्तारी

पुलिस के अनुसार आरोपी की गिरफ्तारी 16 जुलाई 2026 को हरियाणा के गुरुग्राम स्थित सेक्टर-74 के कॉर्पोरेट ग्रीन्स इलाके से की गई। इस कार्रवाई में हरियाणा पुलिस का भी सहयोग लिया गया।

संयुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए आरोपी को बिना किसी व्यवधान के हिरासत में ले लिया। इसके बाद आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर उसे कानपुर लाया गया।

पुलिस का कहना है कि अंतरराज्यीय समन्वय और सटीक सूचना के कारण यह कार्रवाई सफल रही। ऐसे मामलों में विभिन्न राज्यों की पुलिस एजेंसियों के बीच सहयोग अपराधियों की गिरफ्तारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

11 वर्षों से बदलकर रह रहा था पहचान

जांच में सामने आया कि गिरफ्तार अभियुक्त पिछले 11 वर्षों से अपनी पहचान छिपाकर हरियाणा में रह रहा था। पुलिस के अनुसार वह लगातार अपना ठिकाना बदलता रहा, जिससे उसकी गिरफ्तारी में कठिनाई आ रही थी।

हालांकि, सर्विलांस टीम द्वारा जुटाई गई तकनीकी जानकारी और मैनुअल इंटेलिजेंस के आधार पर आखिरकार उसकी लोकेशन की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने रणनीति बनाकर उसे गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि लंबे समय तक फरार रहने के बावजूद आरोपी तक पहुंचना तकनीकी जांच और सतत निगरानी की प्रभावशीलता को दर्शाता है।

गैंगस्टर एक्ट के मामले में था वांछित

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी अवधेश सिंह थाना चकेरी में दर्ज मु0अ0सं0 1055/2015 में धारा 3(1), गैंगस्टर एक्ट के तहत वांछित था।

उसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस द्वारा पहले ही 50,000 का पुरस्कार घोषित किया गया था। लंबे समय तक गिरफ्तारी से बचने के कारण आरोपी पुलिस की वांछित सूची में शामिल था और उसके संबंध में लगातार जानकारी एकत्र की जा रही थी।

गैंगस्टर एक्ट के मामलों में वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी पुलिस की प्राथमिकता में शामिल रहती है। इसी दिशा में यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

सर्विलांस और मैनुअल इंटेलिजेंस का प्रभावी उपयोग

इस पूरे ऑपरेशन में पुलिस ने आधुनिक तकनीक और पारंपरिक सूचना तंत्र दोनों का उपयोग किया। सर्विलांस टीम ने उपलब्ध तकनीकी इनपुट का विश्लेषण किया, जबकि स्थानीय स्तर पर जुटाई गई सूचनाओं का भी सत्यापन किया गया।

इसके अतिरिक्त हरियाणा पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी गई। जब उसकी मौजूदगी की पुष्टि हुई, तब संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार वर्तमान समय में अपराधियों की गिरफ्तारी में तकनीकी संसाधनों के साथ-साथ मानव स्रोतों से मिलने वाली सूचनाएं भी समान रूप से महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

कानपुर लाकर शुरू की गई वैधानिक कार्रवाई

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को नियमानुसार थाना चकेरी लाया गया। यहां आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की प्रक्रिया शुरू की गई।

पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की कार्रवाई कानून के प्रावधानों के अनुरूप की जाएगी। साथ ही आरोपी से जुड़े अन्य तथ्यों और उसके पुराने आपराधिक मामलों के संबंध में भी आवश्यक जांच जारी रहेगी।

संगठित अपराध के खिलाफ पुलिस का अभियान जारी

कमिश्नरेट कानपुर नगर पुलिस लगातार संगठित अपराध, गैंगस्टर एक्ट के मामलों और लंबे समय से फरार चल रहे अभियुक्तों के खिलाफ अभियान चला रही है। इसका उद्देश्य कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना और वांछित अपराधियों को न्यायिक प्रक्रिया के दायरे में लाना है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी ऐसे अभियानों को निरंतर जारी रखा जाएगा। इसके लिए तकनीकी संसाधनों, सर्विलांस, खुफिया सूचनाओं और अन्य राज्यों की पुलिस के सहयोग का प्रभावी उपयोग किया जाएगा।

कानून के दायरे में आगे बढ़ेगी प्रक्रिया

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि गिरफ्तार आरोपी के विरुद्ध आगे की सभी कार्रवाई नियमानुसार की जा रही है। मामले से संबंधित सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए उसे न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

इस कार्रवाई को कमिश्नरेट पुलिस की उन कोशिशों का हिस्सा माना जा रहा है, जिनका उद्देश्य लंबे समय से फरार वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करना और कानून के शासन को प्रभावी बनाए रखना है।

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