फर्रुखाबाद में नर्सिंग होम का पर्चा वायरल होने पर सीएमओ ने किया निरीक्षण, जांच में नहीं मिली कमी

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रिपोर्ट – हर्ष वर्मा 

फर्रुखाबाद: जिले में एक निजी नर्सिंग होम का पर्चा और उससे जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हलचल मच गई। मामले की शिकायत और वायरल वीडियो की सत्यता जांचने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) अपनी टीम के साथ संबंधित नर्सिंग होम पहुंच गए। यहां अधिकारियों ने अस्पताल की व्यवस्थाओं और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े निर्धारित मानकों का निरीक्षण किया। जांच के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने अस्पताल में किसी तरह की कमी या अनियमितता नहीं मिलने की बात कही।

इस कार्रवाई के बाद नर्सिंग होम को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास किया गया। सीएमओ और अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (एसीएमओ) ने संयुक्त रूप से अस्पताल के अलग-अलग हिस्सों और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों के मुताबिक, निरीक्षण के दौरान अस्पताल में निर्धारित मानक पूरे पाए गए।

पर्चा और वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग सक्रिय

जानकारी के अनुसार, फर्रुखाबाद के एक निजी नर्सिंग होम का पर्चा और उससे संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बाद अस्पताल को लेकर सवाल उठने लगे और मामला स्वास्थ्य विभाग तक पहुंच गया। शिकायत की जांच करना और वायरल वीडियो की वास्तविकता जानना जरूरी समझते हुए सीएमओ ने टीम के साथ मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया।

दरअसल, किसी भी निजी अस्पताल या नर्सिंग होम से जुड़ी शिकायत सामने आने पर स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी होती है कि उपलब्ध तथ्यों और निर्धारित नियमों के आधार पर मामले की जांच करे। इसी क्रम में अधिकारियों ने संबंधित नर्सिंग होम की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

हालांकि, वायरल पर्चे और वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह की चर्चाएं थीं, लेकिन विभागीय टीम ने मौके पर पहुंचकर अस्पताल की वास्तविक स्थिति देखने पर जोर दिया।

सीएमओ और एसीएमओ ने संयुक्त रूप से किया निरीक्षण

नर्सिंग होम पहुंचने के बाद सीएमओ और एसीएमओ ने अस्पताल का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित व्यवस्थाओं और निर्धारित मानकों की जांच की गई। अधिकारियों ने अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं और संचालन से जुड़े पहलुओं का जायजा लिया।

निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान उन्हें कोई ऐसी कमी नहीं मिली, जिसके आधार पर अस्पताल में अनियमितता की बात कही जा सके। उनके अनुसार, अस्पताल के सभी निर्धारित मानक पूरे पाए गए।

इस तरह स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर जांच के बाद अपनी स्थिति स्पष्ट की। अधिकारियों की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, निरीक्षण में नर्सिंग होम के खिलाफ सामने आई शिकायतों की पुष्टि नहीं हुई।

एसीएमओ ने क्या बताया?

एसीएमओ डॉ. सफीक ने बताया कि एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसी के बाद उसकी सत्यता की जांच करने के लिए सीएमओ और उनकी टीम ने अस्पताल का निरीक्षण किया।

उन्होंने कहा कि जांच के दौरान अभी तक अस्पताल में कोई कमी नहीं मिली है। साथ ही, निरीक्षण में अस्पताल के सभी निर्धारित मानक पूर्ण पाए गए हैं।

एसीएमओ के इस बयान के बाद स्वास्थ्य विभाग की जांच का निष्कर्ष सामने आया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मौके पर की गई पड़ताल में फिलहाल किसी प्रकार की अनियमितता नहीं मिली है।

नर्सिंग होम संचालक ने विरोधी पर लगाया आरोप

वहीं, नर्सिंग होम के संचालक डॉ. अंकित दास ने भी मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल का निरीक्षण किया और जांच में कोई कमी नहीं पाई गई।

डॉ. अंकित दास का आरोप है कि किसी विरोधी ने उनके नर्सिंग होम का पर्चा बनाकर वायरल किया था। उनके मुताबिक, ऐसा अस्पताल की छवि खराब करने के उद्देश्य से किया गया। हालांकि, विरोधी द्वारा पर्चा वायरल किए जाने के उनके दावे की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।

नर्सिंग होम संचालक ने विभागीय जांच के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं को सही बताया। दूसरी ओर, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने भी निरीक्षण के आधार पर अस्पताल के निर्धारित मानकों को पूरा पाया।

अस्पतालों की शिकायतों की जांच क्यों जरूरी?

निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम से जुड़ी शिकायतों को स्वास्थ्य विभाग गंभीरता से लेता है। मरीजों को बेहतर और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए अस्पतालों का निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालन जरूरी है। ऐसे में किसी अस्पताल के संबंध में शिकायत या वीडियो सामने आने पर उसकी वास्तविकता की जांच करना महत्वपूर्ण हो जाता है।

हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली किसी भी सामग्री को बिना जांच के सही या गलत मान लेना उचित नहीं है। संबंधित विभाग की ओर से मौके पर निरीक्षण और तथ्यों की पड़ताल के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

फर्रुखाबाद के इस मामले में भी स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल पहुंचकर जांच की। अधिकारियों के मुताबिक, निरीक्षण में कोई कमी नहीं मिली और अस्पताल के सभी निर्धारित मानक पूरे पाए गए।

जांच के बाद स्वास्थ्य विभाग ने दी राहत

फिलहाल सीएमओ और एसीएमओ के संयुक्त निरीक्षण के बाद नर्सिंग होम को लेकर स्वास्थ्य विभाग का पक्ष सामने आ गया है। अधिकारियों ने जांच में किसी तरह की अनियमितता नहीं मिलने की बात कही है। वहीं, अस्पताल संचालक ने पर्चा वायरल किए जाने के पीछे विरोधी का हाथ होने का आरोप लगाया है।

कुल मिलाकर, वायरल पर्चे और वीडियो के बाद शुरू हुई जांच में स्वास्थ्य विभाग की टीम को अस्पताल में कोई कमी नहीं मिली। अब इस मामले में अधिकारियों के निरीक्षण और उनके बयान के आधार पर ही स्थिति को देखा जा रहा है।

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