मथुरा-वृंदावन नगर निगम बोर्ड बैठक में मुन्ना मलिक ने उठाए जनसमस्याओं के मुद्दे, वार्ड-31 में गंगाजल आपूर्ति की मांग
रिपोर्ट- योगेश भारद्वाज
राधिका धाम पार्क का नाम होगा महाराजा अग्रसेन पार्क
बोर्ड बैठक में पार्षद मुन्ना मलिक की ओर से प्रस्तुत पत्र और प्रस्ताव पर चर्चा की गई। इसमें वार्ड-31 की राधिका धाम कॉलोनी स्थित पार्क का नाम महाराजा अग्रसेन के नाम पर रखने की मांग की गई थी। सदन में विचार-विमर्श के बाद इस प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। इससे क्षेत्र में पार्क की नई पहचान स्थापित होने का रास्ता साफ हो गया है।
वार्ड-31 में गंगाजल आपूर्ति को लेकर उठाए सवाल
बैठक में मुन्ना मलिक ने वार्ड-31 में गंगाजल की आपूर्ति नहीं होने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि आसपास के कई वार्डों में गंगाजल की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, लेकिन लगातार बोर्ड बैठकों में मांग उठाने के बावजूद उनके वार्ड के लोगों को इस सुविधा से वंचित रखा जा रहा है।
उन्होंने निगम प्रशासन से सवाल किया कि आखिर वार्ड-31 के साथ ऐसा भेदभाव क्यों किया जा रहा है? उन्होंने मांग की कि क्षेत्रवासियों को भी जल्द से जल्द गंगाजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को स्वच्छ पेयजल की सुविधा मिल सके।
आजाद मार्केट के जीर्णोद्धार और बलभद्र कुंड के सौंदर्यीकरण की मांग
पार्षद ने बैठक में विकास कार्यों की धीमी गति पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने बताया कि पिछली बोर्ड बैठक में आजाद मार्केट के जीर्णोद्धार और पुनर्निर्माण का प्रस्ताव पारित किया गया था, लेकिन इसके बावजूद अब तक मौके पर काम शुरू नहीं हुआ है।
उन्होंने निगम प्रशासन से मांग की कि आजाद मार्केट के विकास कार्य को प्राथमिकता के आधार पर शुरू कराया जाए। इसके अलावा भूतेश्वर क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक बलभद्र कुंड के निर्माण और सौंदर्यीकरण का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण स्थल के विकास के लिए लंबे समय से मांग की जा रही है। ऐसे में निगम को जल्द कार्ययोजना तैयार कर निर्माण कार्य शुरू कराना चाहिए।
वर्क ऑर्डर के बाद भी काम शुरू नहीं करने वाले ठेकेदारों पर कार्रवाई की मांग
मुन्ना मलिक ने उन विकास कार्यों को लेकर भी सवाल उठाए, जिनके लिए ठेकेदारों को वर्क ऑर्डर जारी किए जा चुके हैं, लेकिन मौके पर काम शुरू नहीं कराया गया है। उन्होंने कहा कि सरकारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी यदि ठेकेदार निर्धारित समय पर काम शुरू नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
इसके साथ ही उन्होंने पिछली बोर्ड बैठक की कार्यवाही की संपुष्टि नहीं होने पर सदन के पटल पर औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई। उनका कहना था कि सदन में पारित प्रस्तावों पर समयबद्ध तरीके से अमल होना चाहिए, ताकि विकास कार्य केवल कागजों तक सीमित न रहें।
सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए नए कर्मचारियों की तैनाती की मांग
वार्ड की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पार्षद ने सेवानिवृत्त सफाई कर्मचारियों के रिक्त पदों पर तत्काल नए कर्मचारियों की तैनाती की मांग की। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की कमी के कारण सफाई व्यवस्था प्रभावित होती है। इसलिए निगम प्रशासन को इस दिशा में आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
वहीं, उन्होंने पार्षदों के लिए सात दिवसीय स्टडी टूर आयोजित करने का प्रस्ताव भी रखा। इसके माध्यम से पार्षद दूसरे विकसित शहरों की नगर व्यवस्था, सफाई मॉडल और विकास योजनाओं का अध्ययन कर सकेंगे। इससे मथुरा-वृंदावन में भी बेहतर व्यवस्थाएं लागू करने में मदद मिल सकती है।
मीट बिक्री पर प्रतिबंध के बजाय वेंडिंग जोन बनाने का सुझाव
बैठक के दौरान शहर में मीट बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग का भी मुद्दा उठा। इस पर मुन्ना मलिक ने अपनी असहमति जताते हुए कहा कि किसी भी व्यापार से जुड़े लोगों की रोजी-रोटी प्रभावित करने के बजाय नगर निगम को उनके लिए व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराना चाहिए।
उन्होंने सुझाव दिया कि मीट कारोबारियों के लिए निर्धारित नियमों के अनुसार उचित वेंडिंग जोन विकसित किए जाएं, जिससे शहर की व्यवस्था भी बनी रहे और व्यापारियों की आजीविका भी प्रभावित न हो।
उन्होंने इस मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए कहा कि यदि शहर में प्रतिबंध लगाने की नीति अपनाई जा रही है, तो शराब की बिक्री पर भी विचार किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, जनहित को ध्यान में रखते हुए सभी विषयों पर समान दृष्टिकोण से निर्णय लिया जाना चाहिए।
विकास कार्यों को समय पर पूरा कराने की अपील
कुल मिलाकर नगर निगम की बोर्ड बैठक में मुन्ना मलिक ने वार्ड-31 की पेयजल, सफाई और विकास संबंधी समस्याओं के साथ शहर की व्यापक व्यवस्थाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने निगम प्रशासन से मांग की कि सदन में उठाए गए विषयों पर गंभीरता से विचार करते हुए लंबित प्रस्तावों को जल्द अमलीजामा पहनाया जाए।
अब देखना होगा कि निगम प्रशासन इन मांगों पर कितनी तेजी से कार्रवाई करता है और वार्ड-31 के निवासियों को गंगाजल आपूर्ति सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं का लाभ कब तक मिल पाता है।

