प्रतापगढ़ में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 286 जोड़ों ने थामा एक-दूजे का हाथ, जनप्रतिनिधियों ने दिया आशीर्वाद

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रिपोर्ट – अमित सिंह

प्रतापगढ़। उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत मंगलवार को प्रतापगढ़ जिले में सामूहिक विवाह समारोह का भव्य आयोजन किया गया। समाज कल्याण विभाग के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में पांच विकासखंडों से आए कुल 286 जोड़े वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक रीति-रिवाजों के बीच परिणय सूत्र में बंधे। शहनाई की मधुर धुन और मंगलगीतों के बीच नवदंपतियों ने एक-दूसरे का हाथ थामकर अपने नए जीवन की शुरुआत की। इस अवसर पर वर-वधू के परिजनों के साथ बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक भी मौजूद रहे।

समारोह में सदर विधायक राजेंद्र कुमार मौर्य मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वहीं, राज्यसभा सांसद अमरपाल मौर्य के प्रतिनिधि रायसाहब सिंह ने भी कार्यक्रम में पहुंचकर नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया। जनप्रतिनिधियों ने नवदंपतियों पर पुष्पवर्षा कर उनके सुखमय वैवाहिक जीवन की कामना की। इसके साथ ही सरकार की इस कल्याणकारी योजना को समाज के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए महत्वपूर्ण पहल बताया।

गरीब परिवारों के लिए मददगार साबित हो रही योजना

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सदर विधायक राजेंद्र कुमार मौर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना निर्धन और जरूरतमंद परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को अपनी बेटियों की शादी करने में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सरकार की यह योजना उनके लिए बड़ी राहत लेकर आई है।

उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह के माध्यम से समाज में दहेज प्रथा को हतोत्साहित करने और शादी-विवाह में होने वाले अनावश्यक खर्च को कम करने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही, इस तरह के आयोजनों से सामाजिक समानता, आपसी सहयोग और भाईचारे की भावना को भी बढ़ावा मिलता है।

वहीं, राज्यसभा सांसद अमरपाल मौर्य के प्रतिनिधि रायसाहब सिंह ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण एवं उत्थान के लिए लगातार कार्य कर रही हैं। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना सरकार की संवेदनशीलता और गरीब परिवारों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का उदाहरण है। उन्होंने नवविवाहित जोड़ों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

प्रत्येक जोड़े के विवाह पर एक लाख रुपये का प्रावधान

समाज कल्याण विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत प्रत्येक जोड़े के विवाह के लिए कुल एक लाख रुपये की धनराशि का प्रावधान किया गया। इसमें 61 हजार रुपये की आर्थिक सहायता सीधे वधू के बैंक खाते में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से भेजे जाने की व्यवस्था शामिल रही।

इसके अतिरिक्त नवविवाहित जोड़ों को गृहस्थी की शुरुआत के लिए आवश्यक घरेलू सामग्री और उपहार भी प्रदान किए गए। इस सहायता का उद्देश्य नवदंपतियों को वैवाहिक जीवन की शुरुआती जरूरतों को पूरा करने में सहयोग देना है। इस प्रकार योजना आर्थिक सहायता के साथ-साथ नवविवाहित परिवारों को सम्मानजनक शुरुआत देने का प्रयास करती है।

प्रशासन ने संभाली आयोजन की जिम्मेदारी

पूरे कार्यक्रम की प्रशासनिक व्यवस्था जिला समाज कल्याण अधिकारी नागेंद्र कुमार मौर्य के नेतृत्व में संपन्न कराई गई। समारोह में वर-वधू और उनके परिजनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पंजीकरण, सुरक्षा, पेयजल और खान-पान सहित विभिन्न व्यवस्थाएं की गई थीं।

इसके अलावा विवाह की धार्मिक एवं पारंपरिक रस्मों को विधिवत संपन्न कराने के लिए भी आवश्यक इंतजाम किए गए। पांच विकासखंडों से आए 286 जोड़ों और उनके परिवारों की मौजूदगी में समारोह उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।

सामाजिक समानता और सामूहिक सहयोग का संदेश

समारोह में शामिल वर-वधू के परिजनों ने सरकार और जिला प्रशासन की इस पहल की सराहना की। उनका कहना था कि सामूहिक विवाह जैसे आयोजन से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को शादी के खर्च की चिंता से काफी हद तक राहत मिलती है। साथ ही, एक ही स्थान पर अनेक जोड़ों का विवाह संपन्न होने से सामाजिक एकता और आपसी सद्भाव का संदेश भी जाता है।

कुल मिलाकर, प्रतापगढ़ में आयोजित यह सामूहिक विवाह समारोह केवल 286 जोड़ों के वैवाहिक जीवन की नई शुरुआत का अवसर नहीं रहा, बल्कि सामाजिक सहयोग, सादगी और समानता की भावना को मजबूत करने वाला आयोजन भी बना। वैदिक मंत्रोच्चार, शहनाई की धुन और परिजनों की खुशियों के बीच नवदंपतियों ने अपने जीवन की नई पारी शुरू की।

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