बिजनौर में नेपाली युवक की हत्या का खुलासा, रुपयों के लालच में हाईवे पर दिया धक्का, तीन गिरफ्तार

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रिपोर्ट- ताबिश मिर्ज़ा

बिजनौर। उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद के नजीबाबाद में काशीपुर-हरिद्वार हाईवे पर नेपाली युवक का शव मिलने के मामले में पुलिस ने हत्या की गुत्थी सुलझाने का दावा किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने रुपयों के लालच में युवक को अज्ञात वाहन के सामने धक्का देकर उसकी जान लेने की साजिश रची थी। इसके बाद वे उसके पास मौजूद नकदी और सामान लेकर मौके से फरार हो गए थे। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर 75 हजार रुपये सहित कुल 78 हजार 520 रुपये की नकदी बरामद की है।

इस मामले के खुलासे के बाद इलाके में चर्चा है। वहीं, पुलिस की कार्रवाई से घटना से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं।

हाईवे किनारे घायल अवस्था में मिला था युवक

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 25 अक्टूबर की सुबह नजीबाबाद क्षेत्र के ग्राम सरवनपुर के पास काशीपुर-हरिद्वार हाईवे पर एक व्यक्ति घायल अवस्था में पड़ा मिला था। स्थानीय स्तर पर सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घायल व्यक्ति को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, अस्पताल में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

इसके बाद पुलिस ने मृतक की पहचान कराने की प्रक्रिया शुरू की। मृतक की पहचान नेपाल निवासी अशंक बहादुर शाही के रूप में हुई। घटना की जानकारी मिलने पर परिजन भी सामने आए। मृतक के बेटे ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि उसके पिता के पास करीब एक लाख 55 हजार रुपये मौजूद थे, लेकिन घटना के बाद यह रकम और उनका सामान गायब था।

बेटे की तहरीर पर दर्ज हुआ हत्या का मुकदमा

मृतक के बेटे की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए हत्या का मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल के आसपास की परिस्थितियों, उपलब्ध साक्ष्यों और अन्य जानकारियों के आधार पर जांच शुरू की।

शुरुआत में हाईवे पर किसी अज्ञात वाहन की टक्कर से दुर्घटना होने की आशंका जताई जा रही थी। हालांकि, जांच आगे बढ़ने के साथ ही पुलिस को घटना के पीछे आपराधिक साजिश होने के संकेत मिले। इसके बाद पुलिस ने संदिग्ध व्यक्तियों की जानकारी जुटाई और मामले की कड़ियों को जोड़ना शुरू किया।

रुपयों के लालच में रची गई थी हत्या की साजिश

पुलिस के अनुसार, विवेचना के दौरान तीन आरोपियों के नाम सामने आए। जांच में आरोप है कि तीनों ने रुपयों के लालच में अशंक बहादुर शाही को निशाना बनाया था। आरोपियों ने कथित रूप से उन्हें अज्ञात वाहन के सामने धक्का दे दिया। इसके बाद जब उन्हें लगा कि युवक की मौत हो गई है, तो वे उसका बैग और नकदी लेकर मौके से फरार हो गए।

पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने घटना को सड़क दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की थी, ताकि किसी को उन पर संदेह न हो। हालांकि, पुलिस की जांच और जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर मामले का खुलासा हुआ।

78 हजार 520 रुपये की नकदी बरामद

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही आरोपियों की निशानदेही पर नकदी भी बरामद की गई। पुलिस के मुताबिक, बरामद रकम में 75 हजार रुपये के अलावा अन्य नकदी शामिल है। कुल मिलाकर 78 हजार 520 रुपये बरामद किए गए हैं।

हालांकि, मृतक के बेटे ने शुरुआत में एक लाख 55 हजार रुपये गायब होने की जानकारी दी थी। ऐसे में बरामद रकम और बताई गई कुल राशि के बीच अंतर भी जांच का विषय है।

एसपी ने दी मामले की जानकारी

बिजनौर के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि नजीबाबाद क्षेत्र में हाईवे पर नेपाली युवक का शव मिलने के प्रकरण में पुलिस ने जांच के बाद तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे और उनकी निशानदेही से नकदी बरामद की है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

फिलहाल, पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। इस घटना ने एक बार फिर हाईवे पर यात्रियों की सुरक्षा और आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण की आवश्यकता को सामने रखा है।

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