बहराइच के मेले में जलपरी शो के दौरान हुआ बड़ा हादसा, टैंक का शीशा टूटने से 4 बच्चे हुए घायल, 2 गंभीर, पढ़िए पूरा घटनाक्रम,,,
रिपोर्ट – महेश चंद्र गुप्ता
बहराइच: उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में फखरपुर कस्बे में आयोजित मेले के दौरान जलपरी शो में एक हादसा हो गया। शो के दौरान अचानक ग्लास टैंक का शीशा फटने से वहां मौजूद चार मासूम बच्चे घायल हो गए। घटना के बाद मेले में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आनन-फानन में सभी घायल बच्चों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) फखरपुर भेजा गया। इनमें से दो बच्चों की हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल बहराइच रेफर कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार, फखरपुर थाना क्षेत्र में दादा मियां के पास मेला लगा हुआ है। मेले में लोगों के मनोरंजन के लिए जलपरी शो का आयोजन किया जा रहा था। इस शो को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे थे। इसी दौरान अचानक शो में इस्तेमाल किए जा रहे ग्लास टैंक का शीशा फट गया। टैंक का शीशा टूटते ही उसके टुकड़े आसपास मौजूद बच्चों की चपेट में आ गए, जिससे चार बच्चे घायल हो गए।
जलपरी शो देखते समय हुआ हादसा
प्रत्यक्ष रूप से सामने आई जानकारी के मुताबिक, घटना के समय मेले में बच्चे और अन्य दर्शक जलपरी शो देख रहे थे। इसी बीच अचानक कांच का टैंक क्षतिग्रस्त हो गया। शीशा टूटने से वहां मौजूद लोगों में घबराहट फैल गई। वहीं, हादसे में घायल बच्चों को देखकर परिजनों और मेले में मौजूद लोगों ने तुरंत मदद के प्रयास शुरू किए।
हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि टैंक का शीशा किस वजह से फटा। इसके पीछे तकनीकी खराबी, कांच की गुणवत्ता या सुरक्षा व्यवस्था में कमी जैसी कोई वजह थी या नहीं, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
चार घायल बच्चों में दो की हालत गंभीर
इस हादसे में घायल सभी चार बच्चे फखरपुर क्षेत्र के खालेपुर गांव के निवासी बताए जा रहे हैं। घायलों की पहचान आठ वर्षीय अर्श, सात वर्षीय भुरऊ, आठ वर्षीय अहद और नौ वर्षीय मोहम्मद सादिक के रूप में हुई है।
घटना के तुरंत बाद सभी बच्चों को उपचार के लिए CHC फखरपुर पहुंचाया गया। वहां चिकित्सकों ने बच्चों का प्राथमिक उपचार शुरू किया। इसके बाद दो बच्चों की स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल बहराइच रेफर कर दिया गया।
रेफर किए गए बच्चों में अहद और मोहम्मद सादिक शामिल हैं। दोनों की हालत गंभीर बताई गई है। वहीं, अन्य घायल बच्चों का उपचार स्वास्थ्य केंद्र पर किया गया। हादसे की जानकारी मिलते ही बच्चों के परिजन भी अस्पताल पहुंच गए।
हादसे के बाद मेले में मची अफरा-तफरी
जलपरी शो के दौरान अचानक हुए इस हादसे से मेले में मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कुछ देर पहले तक मनोरंजन का केंद्र बना शो अचानक लोगों की चिंता का कारण बन गया। बच्चों के घायल होने की खबर से उनके परिजन परेशान हो गए।
इसके अलावा, घटना ने मेले में आयोजित मनोरंजन कार्यक्रमों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चर्चा शुरू कर दी है। मेले में आने वाले परिवारों के साथ बड़ी संख्या में छोटे बच्चे भी ऐसे शो देखने पहुंचते हैं। ऐसे में आयोजकों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है कि दर्शकों की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए जाएं।
मेले की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
फखरपुर कस्बे में हुए इस हादसे के बाद जलपरी शो और मेले की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर ग्लास टैंक में किस प्रकार का शीशा लगाया गया था? क्या टैंक की नियमित जांच की गई थी? क्या शो के दौरान दर्शकों और टैंक के बीच पर्याप्त दूरी रखी गई थी? इन सवालों के जवाब सामने आना जरूरी है।
दरअसल, इस तरह के मनोरंजन कार्यक्रमों में कांच के बड़े टैंक और अन्य उपकरणों का इस्तेमाल किया जाता है। इसलिए आयोजन शुरू होने से पहले उनकी तकनीकी जांच और सुरक्षा मानकों का पालन करना बेहद जरूरी होता है। विशेष रूप से बच्चों की मौजूदगी वाले कार्यक्रमों में अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है।
इसके साथ ही आयोजकों को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी तकनीकी खराबी या अप्रत्याशित घटना की स्थिति में प्राथमिक उपचार और आपातकालीन सहायता की व्यवस्था उपलब्ध रहे।
जांच के बाद सामने आएगी हादसे की वजह
फिलहाल इस घटना में चार बच्चों के घायल होने और दो बच्चों को जिला अस्पताल रेफर किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, ग्लास टैंक का शीशा किन परिस्थितियों में फटा और हादसे के लिए कौन-से कारण जिम्मेदार थे, इसकी आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
स्थानीय लोगों की मांग है कि मामले की जांच कराई जाए और यह पता लगाया जाए कि जलपरी शो का संचालन निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप किया जा रहा था या नहीं। यदि सुरक्षा व्यवस्था में कोई लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
बहराइच के फखरपुर में हुआ यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि मेले और मनोरंजन कार्यक्रमों में लोगों की सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए। खासकर बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऐसे आयोजनों की नियमित जांच और निगरानी बेहद आवश्यक है।

