फर्रुखाबाद जेल निरीक्षण: जिला जज, डीएम और एसपी ने परखी व्यवस्थाएं, बंदियों से की सीधी बातचीत

ddcb619c-21f5-4392-a930-51044266889e

रिपोर्ट – हर्ष वर्मा 

फर्रुखाबाद: जिले के फतेहगढ़ स्थित केंद्रीय कारागार और जिला कारागार में गुरुवार को उच्च प्रशासनिक और न्यायिक अधिकारियों ने संयुक्त रूप से औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिला जज नीरज कुमार, जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर, पुलिस अधीक्षक आरती सिंह तथा मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय ने कारागारों की सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता, अस्पताल, बैरकों तथा बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की।

अधिकारियों ने कारागार प्रशासन से विभिन्न व्यवस्थाओं की जानकारी लेने के साथ-साथ बंदियों से भी सीधे संवाद किया। इस दौरान विशेष रूप से यह सुनिश्चित किया गया कि सफाई कार्य करने वाले बंदियों से किसी प्रकार का जबरन कार्य न कराया जा रहा हो तथा जाति के आधार पर किसी भी प्रकार का भेदभाव न किया जा रहा हो। निरीक्षण में अधिकारियों को ऐसी कोई शिकायत या अनियमितता नहीं मिली।

कारागारों की व्यवस्थाओं का किया गया व्यापक निरीक्षण

औचक निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सबसे पहले केंद्रीय कारागार और जिला कारागार की बैरकों का निरीक्षण किया। उन्होंने बंदियों के रहने की व्यवस्था, साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था तथा सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन किया।

इसके अलावा अधिकारियों ने कारागार परिसर की स्वच्छता व्यवस्था का भी निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को नियमित सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जेल परिसर में स्वच्छ वातावरण बनाए रखना स्वास्थ्य और सुरक्षा दोनों दृष्टि से आवश्यक है।

सफाई कार्य कर रहे बंदियों से की गई बातचीत

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने विशेष रूप से उन बंदियों से बातचीत की जो कारागार परिसर में सफाई कार्य कर रहे थे।

उन्होंने बंदियों से पूछा कि क्या वे अपनी इच्छा से यह कार्य कर रहे हैं या उन पर किसी प्रकार का दबाव है। साथ ही यह भी जानकारी ली गई कि कहीं सफाई कार्य के आवंटन में जाति के आधार पर कोई भेदभाव तो नहीं किया जा रहा।

बंदियों से हुई बातचीत के दौरान सभी ने बताया कि वे स्वेच्छा से सफाई कार्य कर रहे हैं और इस कार्य में विभिन्न जातियों के बंदी शामिल हैं। किसी भी बंदी ने जबरन कार्य कराए जाने या भेदभाव की शिकायत नहीं की।

जिला और केंद्रीय कारागार में इतने बंदी कर रहे सफाई कार्य

जिलाधिकारी ने निरीक्षण के बाद जानकारी देते हुए बताया कि जिला कारागार में 12 बंदी तथा केंद्रीय कारागार में लगभग 60 बंदी सफाई कार्य में लगे हुए मिले।

उन्होंने कहा कि सभी बंदियों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की गई और यह सुनिश्चित किया गया कि कार्य उनकी सहमति से कराया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान किसी प्रकार की अनियमितता सामने नहीं आई।

अस्पतालों का भी किया गया निरीक्षण

कारागारों के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने दोनों जेलों के अस्पतालों का भी दौरा किया।

निरीक्षण के समय अस्पतालों में उपलब्ध दवाओं, उपचार व्यवस्था, चिकित्सा उपकरणों और बंदियों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने अस्पताल में भर्ती बंदियों की स्थिति के बारे में भी जानकारी प्राप्त की।

निरीक्षण में स्वास्थ्य व्यवस्थाएं संतोषजनक पाए जाने पर अधिकारियों ने चिकित्सा सुविधाओं की नियमित निगरानी जारी रखने के निर्देश दिए।

समय पर उपचार उपलब्ध कराने पर जोर

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय ने कारागार प्रशासन से कहा कि किसी भी बंदी को स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर समय पर उपचार उपलब्ध कराया जाए।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडार हमेशा उपलब्ध रहे तथा नियमित स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही गंभीर रोगियों को आवश्यकता पड़ने पर उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर करने की प्रक्रिया भी समयबद्ध हो।

सुरक्षा व्यवस्था की हुई समीक्षा

निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने कारागार की सुरक्षा व्यवस्था का भी जायजा लिया।

उन्होंने जेल परिसर की निगरानी व्यवस्था, प्रवेश द्वार, सुरक्षा कर्मियों की तैनाती तथा अन्य सुरक्षा उपायों की समीक्षा की। अधिकारियों ने कारागार प्रशासन को निर्देश दिए कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और सभी निर्धारित मानकों का पालन किया जाए।

बंदियों के अधिकारों पर विशेष ध्यान

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कारागारों में बंदियों के साथ मानवीय व्यवहार सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि बंदियों को कानून के अनुसार सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा उनके अधिकारों का सम्मान किया जाए। यदि किसी बंदी को किसी प्रकार की शिकायत हो तो उसका समयबद्ध और निष्पक्ष समाधान किया जाना चाहिए।

स्वच्छता और अनुशासन बनाए रखने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कारागार प्रशासन को निर्देश दिए कि स्वच्छता अभियान नियमित रूप से जारी रखा जाए।

इसके साथ ही बैरकों, रसोई, अस्पताल और सार्वजनिक स्थानों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि स्वच्छ वातावरण से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की संभावना भी कम होती है।

प्रशासनिक समन्वय पर दिया गया जोर

निरीक्षण के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने कारागार प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर कार्य करने पर बल दिया।

उन्होंने कहा कि सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और प्रशासनिक व्यवस्था एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं। इसलिए सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल आवश्यक है ताकि कारागारों का संचालन सुचारु रूप से हो सके।

नियमित निरीक्षण से बढ़ती है जवाबदेही

जानकर विशेषज्ञों का मानना है कि कारागारों का समय-समय पर होने वाला औचक निरीक्षण प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत करता है।

ऐसे निरीक्षणों के माध्यम से व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सकता है और यदि कहीं कोई कमी हो तो उसे समय रहते दूर किया जा सकता है। साथ ही बंदियों की समस्याओं की भी सीधे जानकारी मिलती है।

फतेहगढ़ स्थित केंद्रीय कारागार और जिला कारागार के संयुक्त निरीक्षण के दौरान जिला जज, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और मुख्य चिकित्साधिकारी ने सुरक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं और बंदियों के अधिकारों से संबंधित व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की। अधिकारियों ने सफाई कार्य कर रहे बंदियों से सीधे बातचीत कर यह सुनिश्चित किया कि किसी प्रकार का जबरन श्रम या जातीय भेदभाव नहीं हो रहा है।

निरीक्षण में व्यवस्थाएं संतोषजनक पाए जाने के बावजूद अधिकारियों ने कारागार प्रशासन को सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता और बंदियों के अधिकारों को लेकर निरंतर सतर्क रहने के निर्देश दिए। प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी ऐसे निरीक्षण नियमित रूप से किए जाएंगे, ताकि कारागारों में पारदर्शिता, अनुशासन और बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा सकें।

You may have missed