कानपुर में 49 केंद्रों पर होगी 59 हजार मीट्रिक टन धान की खरीद, किसानों को मिलेगा 2,441 का MSP
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कानपुर: खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के तहत कानपुर नगर में धान खरीद की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि धान क्रय केंद्रों पर पहुंचने वाले प्रत्येक पात्र किसान की उपज की खरीद नियमानुसार सुनिश्चित की जाए। साथ ही, पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित रखी जाए, ताकि किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी तरह की अनावश्यक परेशानी न हो।
जिलाधिकारी ने धान खरीद की तैयारियों और व्यवस्थाओं की समीक्षा बैठक में स्पष्ट किया कि क्रय केंद्रों पर निगरानी व्यवस्था मजबूत की जाए। इसके लिए सभी केंद्रों पर कैमरे लगाने और धान परिवहन में इस्तेमाल होने वाले वाहनों में जीपीएस अनिवार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा खरीद, भंडारण और परिवहन से जुड़े अभिलेखों को एक समान प्रारूप में रखने पर भी जोर दिया गया।
49 क्रय केंद्रों पर 59 हजार मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य
बैठक में बताया गया कि कानपुर नगर में धान खरीद के लिए कुल 49 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से 59 हजार मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अलग-अलग एजेंसियों को खरीद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
निर्धारित लक्ष्य के अनुसार खाद्य विभाग के 29 केंद्रों पर 43,500 मीट्रिक टन धान खरीदा जाएगा। वहीं, पीसीएफ के 12 केंद्रों के लिए 8,000 मीट्रिक टन, पीसीयू के सात केंद्रों के लिए 6,000 मीट्रिक टन और भारतीय खाद्य निगम के एक केंद्र के लिए 1,500 मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य रखा गया है।
इस प्रकार सभी 49 केंद्रों के माध्यम से जिले में निर्धारित लक्ष्य पूरा करने की योजना बनाई गई है। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि खरीद प्रक्रिया में किसी तरह की लापरवाही न हो और किसानों को केंद्रों पर समय से सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
फार्मर आईडी है तो अलग से पंजीकरण की जरूरत नहीं
धान बेचने वाले किसानों के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया में भी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है। बैठक में बताया गया कि जिन किसानों की एग्रीस्टैक के अंतर्गत फार्मर आईडी बन चुकी है, उन्हें धान विक्रय के लिए खाद्य विभाग के पोर्टल पर अलग से पंजीकरण कराने की आवश्यकता नहीं होगी।
हालांकि, जिन किसानों के पास अभी फार्मर आईडी उपलब्ध नहीं है, वे खाद्य एवं रसद विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://fcs.up.gov.in पर खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए ऑनलाइन पंजीकरण करा सकते हैं।
किसान अपने मोबाइल फोन, साइबर कैफे या जनसेवा केंद्र के माध्यम से पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इसके लिए आधार कार्ड, भूलेख और मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी के माध्यम से जरूरी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। इसलिए किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी पंजीकरण संबंधी जानकारी पहले से तैयार रखें।
सामान्य धान का MSP 2,441 और ग्रेड-ए का 2,461 रुपये
धान खरीद के लिए सरकार की ओर से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) भी निर्धारित किया गया है। बैठक में दी गई जानकारी के अनुसार सामान्य श्रेणी के धान का समर्थन मूल्य 2,441 रुपये प्रति क्विंटल और ग्रेड-ए धान का समर्थन मूल्य 2,461 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है।
दोनों श्रेणियों के समर्थन मूल्य में पिछले वर्ष की तुलना में 72 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है। इससे किसानों को अपनी उपज का निर्धारित मूल्य प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
धान खरीद का निर्धारित कार्यक्रम 1 नवंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक चलेगा। इस दौरान सभी क्रय केंद्र सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक संचालित होंगे। स्थानीय अवकाश और महीने के दूसरे शनिवार को भी केंद्र खुले रहेंगे, जबकि रविवार और राजपत्रित अवकाश के दिन खरीद केंद्र बंद रहेंगे।
खरीद केंद्रों पर कैमरे और वाहनों में GPS अनिवार्य
धान खरीद में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी ने सभी क्रय केंद्रों पर कैमरे लगाने के निर्देश दिए हैं। इससे केंद्रों पर होने वाली खरीद गतिविधियों की निगरानी की जा सकेगी। इसके साथ ही खरीद, स्टॉक, बोरों की उपलब्धता और परिवहन से संबंधित विवरण निर्धारित रजिस्टरों में नियमित रूप से दर्ज करना होगा।
इसके अलावा, क्रय केंद्रों से राइस मिलों तक धान पहुंचाने वाले वाहनों की जीपीएस के माध्यम से निगरानी की जाएगी। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि धान परिवहन में इस्तेमाल होने वाला कोई भी वाहन जीपीएस के बिना संचालित नहीं होना चाहिए। वाहनों की आवाजाही का रिकॉर्ड भी सुरक्षित रखा जाएगा।
बैठक में बताया गया कि जिले में कुल 93,014 गांठ बोरों की उपलब्धता है। जिलाधिकारी ने बोरों की आपूर्ति और वितरण व्यवस्था को मजबूत रखने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी केंद्र पर बोरों की कमी के कारण खरीद प्रभावित न हो।
किसानों के लिए बैठने, पानी और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था
जिलाधिकारी ने क्रय केंद्रों पर किसानों की सुविधा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केंद्रों पर किसानों के बैठने के लिए पर्याप्त स्थान, स्वच्छ पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध रहनी चाहिए।
इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक कांटे, नमी मापक यंत्र और खरीद प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरणों को क्रियाशील स्थिति में रखने को कहा गया है। प्रत्येक केंद्र पर न्यूनतम समर्थन मूल्य, केंद्र प्रभारी का मोबाइल नंबर और किसान सहायता से संबंधित जानकारी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाएगी।
इस व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को खरीद प्रक्रिया की सही जानकारी उपलब्ध कराना और केंद्रों पर होने वाली परेशानियों को कम करना है। वहीं, अधिकारियों को नियमित निरीक्षण और शिकायतों के प्राथमिकता से निस्तारण के निर्देश भी दिए गए हैं।
धान खरीद की शिकायत के लिए कंट्रोल रूम नंबर जारी
धान खरीद से संबंधित समस्याओं और शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए कानपुर नगर में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। किसान किसी भी तरह की परेशानी होने पर जनपद के कंट्रोल रूम मोबाइल नंबर 9125681404 पर संपर्क कर सकते हैं।
इसके अतिरिक्त राज्यस्तरीय टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-180-0150 पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। किसानों को सलाह दी गई है कि खरीद केंद्र पर किसी तरह की समस्या आने पर निर्धारित हेल्पलाइन के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
समीक्षा बैठक में अपर जिलाधिकारी (नागरिक आपूर्ति) राजेश कुमार सिंह, जिला खाद्य विपणन अधिकारी अजय विक्रम सिंह और विभिन्न क्रय एजेंसियों के अधिकारी मौजूद रहे।
कुल मिलाकर, कानपुर नगर में 49 केंद्रों के माध्यम से 59 हजार मीट्रिक टन धान खरीदने की तैयारी की गई है। अब निगरानी व्यवस्था, जीपीएस ट्रैकिंग और किसानों के लिए सुविधाओं के निर्देशों के साथ प्रशासन का जोर खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने पर है। किसानों के लिए फार्मर आईडी के आधार पर पंजीकरण में दी गई छूट भी महत्वपूर्ण है। ऐसे में धान बेचने से पहले किसान अपनी फार्मर आईडी और पंजीकरण की स्थिति की जानकारी जरूर जांच लें।

