कानपुर में खाद्य विभाग की जांच पर व्यापारियों का विरोध, राज्यपाल को भेजा ज्ञापन

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रिपोर्ट- हनुमंत सिंह पिंटू

कानपुर। दीपावली पर्व से पहले खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से की जा रही जांच और निरीक्षण को लेकर व्यापारियों में नाराजगी सामने आई है। समाजवादी व्यापार सभा ने आरोप लगाया है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने के नाम पर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में छोटे व्यापारियों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। संगठन का कहना है कि इस कार्रवाई से हलवाई, मिठाई विक्रेता, परचून दुकानदार और छोटे कारोबारियों के सामने आर्थिक एवं मानसिक परेशानियां खड़ी हो रही हैं।

इसी मामले को लेकर सोमवार को समाजवादी व्यापार सभा कानपुर नगर के महानगर अध्यक्ष नन्दलाल जायसवाल ने जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर हस्तक्षेप की मांग की। संगठन ने प्रशासन से खाद्य विभाग की जांच प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और छोटे व्यापारियों को अनावश्यक परेशानियों से बचाने की अपील की है।

खाद्य सुरक्षा के नाम पर उत्पीड़न का आरोप

समाजवादी व्यापार सभा की ओर से भेजे गए ज्ञापन में कहा गया है कि संगठन खाद्य पदार्थों की शुद्धता और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए खाद्य सुरक्षा कानूनों का पूरी तरह समर्थन करता है। आम जनता को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना जरूरी है। हालांकि, संगठन का आरोप है कि कुछ स्थानों पर जांच और सैंपल लेने की प्रक्रिया के नाम पर ईमानदारी से कारोबार करने वाले छोटे व्यापारियों को परेशान किया जा रहा है।

संगठन के मुताबिक, दीपावली जैसे बड़े त्योहार के दौरान मिठाई और खाद्य पदार्थों की बिक्री बढ़ जाती है। ऐसे में हलवाई, मिठाई विक्रेता और छोटे दुकानदार पहले से ही कारोबार की तैयारियों में जुटे रहते हैं। इसके बावजूद यदि उन्हें बार-बार निरीक्षण, अनावश्यक पूछताछ या दबाव का सामना करना पड़ता है तो उनके कारोबार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग

ज्ञापन के माध्यम से समाजवादी व्यापार सभा ने मांग की है कि दीपावली के दौरान छोटे व्यापारियों के अनावश्यक निरीक्षण पर रोक लगाई जाए। साथ ही खाद्य पदार्थों के सैंपल लेने और दुकानों की जांच करने के दौरान निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पूरी तरह पालन कराया जाए।

इसके अलावा संगठन ने कहा कि जांच के दौरान पारदर्शिता बनाए रखना बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी व्यापारी को बेवजह परेशान न होना पड़े। यदि खाद्य विभाग के किसी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ डराने-धमकाने, अनुचित दबाव बनाने अथवा अवैध वसूली की शिकायत मिलती है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

शिकायत निवारण व्यवस्था बनाने की मांग

समाजवादी व्यापार सभा ने केवल निरीक्षण प्रक्रिया में सुधार की ही मांग नहीं की, बल्कि व्यापारियों को खाद्य सुरक्षा कानूनों के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया है। संगठन का मानना है कि छोटे कारोबारियों को कानूनों की जानकारी उपलब्ध कराई जानी चाहिए, जिससे वे निर्धारित नियमों के अनुसार अपना कारोबार संचालित कर सकें।

इसके साथ ही जिला स्तर पर एक प्रभावी शिकायत निवारण व्यवस्था बनाने की मांग भी उठाई गई है। इससे यदि किसी व्यापारी को जांच के दौरान अनुचित व्यवहार या किसी प्रकार की परेशानी का सामना करना पड़ता है तो वह अपनी शिकायत संबंधित अधिकारियों तक पहुंचा सकेगा।

संगठन ने कहा कि छोटे व्यापारियों को भयमुक्त वातावरण में कारोबार करने का अवसर मिलना चाहिए। त्योहारों के समय प्रशासन और व्यापारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना भी जरूरी है, ताकि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित न हों।

निर्दोष व्यापारियों का उत्पीड़न नहीं होना चाहिए: नन्दलाल जायसवाल

समाजवादी व्यापार सभा कानपुर नगर के महानगर अध्यक्ष नन्दलाल जायसवाल ने कहा कि खाद्य सुरक्षा के नाम पर किसी भी निर्दोष व्यापारी का उत्पीड़न नहीं होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन खाद्य पदार्थों की शुद्धता के पक्ष में है, लेकिन कानूनों के पालन के नाम पर ईमानदारी से कारोबार करने वाले छोटे दुकानदारों को परेशान करना उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि आम जनता को शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। वहीं, छोटे व्यापारियों की आजीविका और सम्मान की रक्षा करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इसलिए खाद्य विभाग की जांच निर्धारित नियमों और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत होनी चाहिए।

फिलहाल समाजवादी व्यापार सभा ने राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर इस मामले में हस्तक्षेप करने और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देने की मांग की है। अब देखना होगा कि ज्ञापन के बाद प्रशासन की ओर से इस मामले में क्या कदम उठाए जाते हैं।

 

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