ग्वालियर के क्लीनिक में युवक के हाथ में फटा मोबाइल, CCTV में कैद हुई घटना; मरीजों में मची अफरा-तफरी – पढ़िए कैसे हुआ था हादसा?
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ग्वालियर: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक क्लीनिक के अंदर मोबाइल फोन में अचानक आग लगने और ब्लास्ट होने की घटना सामने आई है। युवक के हाथ में मौजूद मोबाइल से पहले धुआं निकलने लगा और फिर उसमें आग लग गई। अचानक हुई इस घटना से क्लीनिक में मौजूद मरीजों और उनके परिजनों के बीच अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि उस समय क्लीनिक में नवजात बच्चा भी मौजूद था। गनीमत रही कि कर्मचारियों की तत्परता से आग पर जल्द काबू पा लिया गया और किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
घटना का वीडियो क्लीनिक में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है। अब यह फुटेज सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। इस घटना ने एक बार फिर मोबाइल फोन की बैटरी और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्लीनिक में बैठे युवक के मोबाइल में अचानक लगी आग
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, यह घटना ग्वालियर के थाटीपुर थाना क्षेत्र में चौहान प्याऊ के पास स्थित एक क्लीनिक में हुई। बताया गया है कि एक युवक उपचार के लिए क्लीनिक पहुंचा था और अपनी बारी का इंतजार करते हुए बैठा था। इसी दौरान उसके हाथ में मौजूद मोबाइल फोन से अचानक धुआं निकलने लगा।
युवक कुछ समझ पाता, उससे पहले ही मोबाइल में आग लग गई। इसके बाद उसने फोन को अपने से दूर कर दिया। मोबाइल में आग की लपटें उठते ही आसपास बैठे लोग घबरा गए। कुछ मरीज और उनके परिजन तुरंत सुरक्षित स्थान की ओर जाने लगे। देखते ही देखते क्लीनिक के वेटिंग एरिया में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
नवजात बच्चे समेत कई मरीज थे मौजूद
रिपोर्टों के अनुसार, घटना के समय क्लीनिक में कई मरीज और उनके परिजन मौजूद थे। इनमें एक महिला नवजात बच्चे को लेकर बैठी थी। उसके साथ एक अन्य बच्चा भी मौजूद बताया गया है। ऐसे में मोबाइल में अचानक आग लगने से वहां मौजूद लोगों की चिंता बढ़ गई।
किसी भी स्वास्थ्य केंद्र या क्लीनिक में मरीजों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण होती है। खासकर नवजात बच्चों, बुजुर्गों और गंभीर मरीजों की मौजूदगी में आग जैसी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी जरूरी होती है। इस घटना में राहत रही कि आग आसपास फैलने से पहले ही उस पर काबू पा लिया गया।
कर्मचारी ने बाल्टी से पानी डालकर बुझाई आग
मोबाइल में आग लगने के बाद क्लीनिक के कर्मचारी तुरंत सक्रिय हुए। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, एक कर्मचारी बाल्टी में पानी लेकर पहुंचा और जलते हुए मोबाइल पर पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया। कुछ ही देर में आग नियंत्रित हो गई।
कर्मचारियों की तत्परता के कारण आग आसपास रखे फर्नीचर और अन्य सामान तक नहीं पहुंच सकी। इससे क्लीनिक में मौजूद लोगों को राहत मिली। हालांकि, अचानक हुई इस घटना से वहां मौजूद मरीज और उनके परिजन काफी घबरा गए थे।
CCTV कैमरे में कैद हुई पूरी घटना
क्लीनिक में लगे सीसीटीवी कैमरे में मोबाइल में आग लगने से लेकर लोगों के इधर-उधर हटने और आग बुझाने तक की गतिविधियां रिकॉर्ड हुईं। इसी फुटेज के सामने आने के बाद घटना की जानकारी तेजी से लोगों तक पहुंची।
वीडियो में मोबाइल में आग लगने के बाद वहां मौजूद लोगों की हलचल और कर्मचारियों की ओर से आग बुझाने की कोशिश देखी जा सकती है। सोशल मीडिया पर वीडियो साझा किए जाने के बाद मोबाइल फोन की सुरक्षा को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है।
मोबाइल ब्लास्ट होने की वजह अभी स्पष्ट नहीं
फिलहाल मोबाइल फोन में आग लगने या ब्लास्ट होने की वास्तविक वजह सामने नहीं आई है। यह स्पष्ट नहीं है कि घटना बैटरी में तकनीकी खराबी, अधिक गर्म होने, फोन को नुकसान पहुंचने या किसी अन्य कारण से हुई। बिना तकनीकी जांच के किसी एक कारण को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा।
मोबाइल फोन में इस्तेमाल होने वाली लिथियम-आयन बैटरी में खराबी आने पर तापमान तेजी से बढ़ सकता है। कुछ परिस्थितियों में इससे धुआं निकलने और आग लगने का खतरा पैदा हो सकता है। इसलिए फोन की बैटरी में असामान्य गर्मी, फूलने या खराबी के संकेत मिलने पर उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
मोबाइल फोन इस्तेमाल करते समय रखें सावधानी
विशेषज्ञों की सामान्य सुरक्षा सलाह के अनुसार, मोबाइल फोन के साथ सावधानी बरतना जरूरी है। हमेशा अच्छी गुणवत्ता के और निर्माता द्वारा सुझाए गए चार्जर का इस्तेमाल करना चाहिए। इसके अलावा, फोन को अत्यधिक गर्म जगह पर रखने से बचना चाहिए।
यदि मोबाइल की बैटरी फूलने लगे, फोन असामान्य रूप से गर्म हो या उससे धुआं निकलने लगे तो उसका इस्तेमाल और चार्जिंग बंद कर दें। ऐसी स्थिति में फोन को खोलने या बैटरी के साथ खुद छेड़छाड़ करने के बजाय अधिकृत सर्विस सेंटर से जांच करानी चाहिए। यदि फोन में आग लग जाए तो उसे हाथ से उठाने की कोशिश न करें और लोगों को उससे दूर सुरक्षित स्थान पर ले जाएं।
कुल मिलाकर, ग्वालियर के क्लीनिक में हुई यह घटना मोबाइल फोन की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की जरूरत बताती है। राहत की बात है कि इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। वहीं, मोबाइल में आग लगने की असली वजह तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

