कानपुर में 1984 के सिख नरसंहार के 127 शहीदों की स्मृति में बना शहीद चौक, संगतों को समर्पित

WhatsApp Image 2026-11-01 at 4.17.34 PM (1)

Digital UP News

कानपुर। वर्ष 1984 में हुए सिख नरसंहार के शहीदों की स्मृति को संजोने और उनके बलिदान को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से कानपुर के शास्त्री नगर स्थित चैन फैक्ट्री चौराहे पर नवनिर्मित शहीद चौक का लोकार्पण किया गया। उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि राज्यमंत्री सरदार बलदेव सिंह औलख ने विधिवत लोकार्पण कर शहीद चौक को सिख संगतों को समर्पित किया। इस अवसर पर वर्ष 1984 में कानपुर में जान गंवाने वाले 127 निर्दोष सिखों के नाम शहीद चौक पर अंकित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस आयोजन में सिख समाज के लोगों, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उन परिवारों के दर्द और संघर्ष को सम्मान देना था, जिन्होंने वर्ष 1984 की हिंसक घटनाओं में अपने प्रियजनों को खोया था।

चौपाई साहिब के पाठ से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ बलजीत कौर एवं गुरुद्वारा फुलवारी की बहनों द्वारा चौपाई साहिब के पाठ से किया गया। इसके बाद उपस्थित लोगों ने शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। शहीद चौक पर 127 शहीदों के नाम अंकित किए जाने को सिख समाज के इतिहास और बलिदान को सम्मान देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया गया। इस दौरान आयोजकों ने स्पष्ट किया कि जिन शहीदों के नाम अभी जानकारी के अभाव में अंकित नहीं हो पाए हैं, उनके नाम की जानकारी मिलने के बाद उन्हें भी शहीद चौक पर अंकित कराया जाएगा। इससे भविष्य में शहीदों की स्मृति को और व्यापक स्वरूप मिल सकेगा।

पीड़ित परिवारों को सिरोपा भेंट कर किया सम्मानित

कार्यक्रम के दौरान वर्ष 1984 के नरसंहार में अपने परिजनों को खोने और उस समय हुई हिंसा एवं लूटपाट से प्रभावित परिवारों के सदस्यों को सम्मानित किया गया। कृषि राज्यमंत्री सरदार बलदेव सिंह औलख ने सरदार महिंदर सिंह, सरदार जे.एस. अरोड़ा, सरदार हरिंदर पाल सिंह, सरदार हरजीत सिंह, सरदार अमनदीप सिंह और सरदार तिरलोच पाल सिंह को गुरु महाराज का सिरोपा भेंट किया। यह सम्मान उन परिवारों के संघर्ष, धैर्य और पीड़ा के प्रति सम्मान का प्रतीक रहा। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए शहीदों के बलिदान को हमेशा याद रखने का संकल्प लिया।

विधायक सुरेंद्र मैथानी ने बताया सिख समाज से आत्मीय संबंध

गोविंद नगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुरेंद्र मैथानी ने अपने संबोधन में कहा कि सिख समाज के साथ उनका प्रारंभ से ही गहरा आत्मीय और पारिवारिक संबंध रहा है। उन्होंने वर्ष 1984 की घटनाओं को याद करते हुए बताया कि उस समय उनके पड़ोस में रहने वाले अनेक सिख परिवारों को हिंसा और हमलों का सामना करना पड़ा था। ऐसे कठिन समय में उन्होंने उनकी सुरक्षा और सहायता के लिए हर संभव प्रयास किया। उन्होंने कहा कि सिख समाज के साथ उनका रिश्ता आज भी उसी तरह कायम है। वे पहले भी सिख समाज के साथ खड़े थे, आज भी खड़े हैं और भविष्य में भी हमेशा साथ रहेंगे।

गुरविंदर सिंह छाबड़ा ने सरकारों के प्रयासों का किया उल्लेख

उत्तर प्रदेश पंजाबी अकादमी के उपाध्यक्ष एवं सिख वेलफेयर सोसाइटी, उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष सरदार गुरविंदर सिंह छाबड़ा ने अपने संबोधन में वर्ष 1984 की घटनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस समय कांग्रेस सरकार के शासनकाल में कानपुर सहित देश के विभिन्न हिस्सों में सिख समाज के निर्दोष लोगों को निशाना बनाया गया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सिख नरसंहार के मामलों में दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई और पीड़ितों को न्याय दिलाने की दिशा में प्रयास किए गए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री आवास पर सिख पर्वों के आयोजन, लाल किले पर श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के प्रकाश पर्व के आयोजन तथा वीर बाल दिवस को व्यापक पहचान मिलने का भी उल्लेख किया।

दोषियों को कानून के दायरे में लाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध: बलदेव सिंह औलख

कृषि राज्यमंत्री सरदार बलदेव सिंह औलख ने कहा कि किसी एक व्यक्ति के कृत्य के लिए पूरी कौम को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। वर्ष 1984 में सिख समाज के साथ हुई घटनाएं अत्यंत दुखद थीं। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। जो दोषी अभी तक चिह्नित नहीं हो पाए हैं, उन्हें भी पहचानकर कानून के दायरे में लाने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने शहीद चौक को सिख समाज के बलिदान, संघर्ष और ऐतिहासिक स्मृतियों का महत्वपूर्ण प्रतीक बताया।

कई गणमान्य लोग रहे मौजूद

कार्यक्रम का संचालन सिख वेलफेयर सोसाइटी, उत्तर प्रदेश के प्रदेश महामंत्री डॉ. मनप्रीत सिंह भट्टी ने किया। इस अवसर पर हरविंदर सिंह लाड, अवध बिहारी मिश्रा, रिंपी बिंद्रा, गगनदीप सिंह, परमजीत सिंह संडोक, संदीप छाबड़ा, रविंदर सिंह सोमी, रविंदर सिंह सोनू, जसबीर जुनेजा, गगन सोनी, मंजीत ठकुराल, जसमीत सिंह और विक्की गिल सहित बड़ी संख्या में सिख समाज के गणमान्य लोग एवं संगत उपस्थित रहे। अंत में सभी उपस्थित लोगों ने 1984 के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बलिदान को सदैव याद रखने का संकल्प लिया। शास्त्री नगर में स्थापित यह शहीद चौक आने वाली पीढ़ियों को इतिहास के उस अध्याय की याद दिलाने के साथ ही शहीदों के प्रति सम्मान और एकजुटता का संदेश भी देगा।

You may have missed