औरैया में दवाइयों की आड़ में शराब तस्करी का खुलासा, डाक पार्सल लिखे लोडर से मिलीं 80 पेटियां
रिपोर्ट- अंजुमन तिवारी
औरैया। उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में शराब तस्करी का एक अनोखा मामला सामने आया है। तस्करों ने पुलिस की नजरों से बचने के लिए अवैध शराब की ढुलाई में डाक पार्सल लिखे लोडर का इस्तेमाल किया। इतना ही नहीं, लोडर में दवाइयों के पैकेज और उनसे संबंधित बिल व चालान भी रखे गए थे, ताकि वाहन की जांच होने पर किसी को संदेह न हो। हालांकि, औरैया पुलिस की सतर्कता के चलते तस्करी का यह तरीका काम नहीं आया। अजीतमल पुलिस और स्वाट-सर्विलांस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय शराब तस्कर को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चंडीगढ़ निर्मित अंग्रेजी शराब की 80 पेटियां और दवाइयों के 83 पैकेज बरामद किए हैं। बरामद शराब की अनुमानित कीमत करीब छह लाख रुपये बताई गई है। वहीं, शराब की तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे लोडर की कीमत लगभग 15 लाख रुपये आंकी गई है।
डाक पार्सल लिखे लोडर में छिपाकर ले जाई जा रही थी शराब
जानकारी के मुताबिक, आगामी त्योहारों धनतेरस और दीपावली को देखते हुए औरैया पुलिस जिले में विशेष वाहन चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी क्रम में अजीतमल पुलिस और स्वाट-सर्विलांस की संयुक्त टीम अनंतराम टोल प्लाजा पर संदिग्ध वाहनों की जांच कर रही थी।
इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि डाक पार्सल लिखे एक लोडर में दवाइयों की आड़ लेकर अवैध शराब की तस्करी की जा रही है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई की योजना बनाई।
इसके बाद एनएच-19 पर इटावा से औरैया मार्ग स्थित अजीतमल कस्बे में भटा रोड के पास सर्विस रोड पर संदिग्ध लोडर को रोक लिया गया। पुलिस ने जब वाहन की तलाशी ली तो उसमें दवाइयों के 83 पैकेज के साथ चंडीगढ़ निर्मित अंग्रेजी शराब की 80 पेटियां छिपाकर रखी मिलीं। इसके अलावा दवाइयों से संबंधित बिल, रसीद और चालान भी बरामद किए गए।
कन्नौज का रहने वाला है गिरफ्तार आरोपी
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी की पहचान कन्नौज जिले के इंदरगढ़ थाना क्षेत्र के महादेव पूर्वा निवासी करीब 30 वर्षीय रामकुमार के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने शराब तस्करी से जुड़े अपने तरीके के बारे में जानकारी दी।
आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह चंडीगढ़ से कम कीमत पर अंग्रेजी शराब खरीदता था और फिर उसे बिहार में अधिक कीमत पर बेचकर मुनाफा कमाता था। पुलिस के अनुसार, रास्ते में जांच से बचने के लिए वह डाक पार्सल लिखे लोडर में दवाइयों के पैकेज रखता था। इससे वाहन सामान्य पार्सल और दवाइयों की सप्लाई करने वाला प्रतीत होता था।
बिहार में पहले भी जेल जाने की बात आई सामने
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बिहार के मोतिहारी और मुजफ्फरपुर में दो बार जेल जाने की बात भी बताई है। हालांकि, इस संबंध में पुलिस द्वारा विस्तृत जांच की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि शराब तस्करी के इस नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं और शराब की आपूर्ति कहां-कहां की जाती थी।
21 लाख रुपये का सामान बरामद
इस पूरी कार्रवाई में पुलिस ने करीब छह लाख रुपये कीमत की चंडीगढ़ निर्मित अंग्रेजी शराब की 80 पेटियां, दवाइयों के 83 पैकेज और लगभग 15 लाख रुपये कीमत का लोडर बरामद किया है। इस तरह बरामद शराब और वाहन की अनुमानित कीमत करीब 21 लाख रुपये है।
फिलहाल अजीतमल थाने में आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
औरैया पुलिस की इस कार्रवाई से स्पष्ट हुआ है कि अवैध शराब की तस्करी के लिए तस्कर नए-नए तरीके अपना रहे हैं। हालांकि, पुलिस की सतर्कता और मुखबिर तंत्र की सक्रियता से दवाइयों की आड़ में चल रही इस तस्करी का खुलासा हो गया। अब पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाने में लगी है।

