मिशन शक्ति फेज-6.0: लखीमपुर खीरी में महिला थाना पुलिस ने 3 परिवारों में कराया समझौता, पढिए आखिर किसके-किसके बीच था झगड़ा?
रिपोर्ट – शरद अवस्थी
लखीमपुर खीरी: उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चलाए जा रहे मिशन शक्ति अभियान फेज-6.0 के तहत लखीमपुर खीरी पुलिस ने सराहनीय पहल की है। पुलिस अधीक्षक डॉ. ख्याति गर्ग के निर्देशन में महिला थाना पुलिस और काउंसलरों की टीम ने पारिवारिक विवादों को सुलझाने के लिए विशेष प्रयास किए। इस दौरान आपसी मतभेदों को दूर कर तीन पति-पत्नी के जोड़ों के बीच सुलह कराई गई और उन्हें आपसी सहमति के साथ विदा किया गया।
पुलिस की इस पहल का उद्देश्य केवल विवादों का निस्तारण करना ही नहीं, बल्कि परिवारों को टूटने से बचाना और पति-पत्नी के बीच आपसी विश्वास एवं सामंजस्य को दोबारा स्थापित करना भी है।
महिला थाना प्रभारी के नेतृत्व में चला सुलह समझौता अभियान
पुलिस अधीक्षक डॉ. ख्याति गर्ग के दिशा-निर्देशन में महिला थाना की नवागत प्रभारी निरीक्षक बबिता पटेल ने काउंसलरों के सहयोग से पारिवारिक विवादों के मामलों में काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू की। इस अभियान में काउंसलर श्रीमती नीति गुप्ता, सुश्री कुसुम गुप्ता और कय्यूम जरवानी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
महिला थाना में दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा से संबंधित शिकायतों और साझा गृहस्थी में रहने को लेकर उत्पन्न होने वाली समस्याओं के संबंध में प्राप्त प्रार्थना पत्रों पर सुनवाई की गई। इसके बाद संबंधित पक्षों को बुलाकर उनकी समस्याओं को समझा गया और आपसी बातचीत के माध्यम से विवादों को समाप्त कराने का प्रयास किया गया।
नौ मामलों में हुई काउंसलिंग, तीन परिवारों में बनी सहमति
महिला थाना पुलिस और काउंसलरों की टीम ने कुल नौ पारिवारिक विवादों में सुलह समझौते का प्रयास किया। इनमें से तीन मामलों में पति-पत्नी के बीच आपसी सहमति बन गई। इसके बाद तीनों जोड़ों की विदाई कराई गई।
वहीं, चार मामले ऐसे सामने आए जिनमें पति-पत्नी के बीच काफी समय से मनमुटाव और मतभेद चल रहे थे। इन मामलों में तत्काल किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय दोनों पक्षों को विचार करने और आपसी रिश्तों को समझने के लिए समय दिया गया।
इसके अतिरिक्त दो मामलों में काउंसलिंग के दौरान सुलह का प्रयास सफल नहीं हो सका। ऐसे मामलों में पक्षकारों की समस्याओं और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आगे की प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
महिला पुलिसकर्मियों ने निभाई अहम भूमिका
इस पूरे अभियान को सफल बनाने में महिला थाना की पुलिसकर्मियों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। महिला आरक्षी सुमन लता, रेखा गौड़ और सारिका चौहान ने काउंसलिंग एवं सुलह समझौते की प्रक्रिया के दौरान आवश्यक सहयोग प्रदान किया।
सुलह समझौते के दौरान संबंधित पति-पत्नी के परिवार के सदस्य भी मौजूद रहे। पुलिस और काउंसलरों ने दोनों पक्षों की बातों को गंभीरता से सुना और उन्हें आपसी विवादों को बातचीत के माध्यम से सुलझाने के लिए प्रेरित किया।
महिलाओं को सरकारी योजनाओं और हेल्पलाइन की दी जानकारी
मिशन शक्ति अभियान फेज-6.0 के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में केवल पारिवारिक विवादों का निस्तारण ही नहीं किया गया, बल्कि महिलाओं और उनके परिजनों को सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक भी किया गया।
इस दौरान महिलाओं को विभिन्न महिला हेल्पलाइन नंबरों और सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। इनमें मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, सामूहिक विवाह योजना और निराश्रित महिला पेंशन योजना प्रमुख रूप से शामिल रहीं।
पुलिसकर्मियों और काउंसलरों ने महिलाओं को बताया कि आवश्यकता पड़ने पर वे महिला सुरक्षा से जुड़ी हेल्पलाइन सेवाओं का लाभ उठा सकती हैं। साथ ही उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और किसी भी प्रकार की समस्या होने पर संबंधित विभाग या पुलिस से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया गया।
परिवारों को जोड़ने की दिशा में पुलिस की पहल
लखीमपुर खीरी महिला थाना की यह पहल मिशन शक्ति अभियान के सामाजिक उद्देश्य को आगे बढ़ाने वाली है। पारिवारिक विवादों में समय रहते काउंसलिंग और संवाद के माध्यम से कई समस्याओं का समाधान संभव हो सकता है। हालांकि, किसी भी समझौते में संबंधित पक्षों की स्वतंत्र सहमति और सुरक्षा को प्राथमिकता देना भी आवश्यक है।
कुल मिलाकर, मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत लखीमपुर खीरी महिला थाना पुलिस द्वारा किए गए प्रयास में नौ मामलों की काउंसलिंग की गई, जिनमें तीन परिवारों के बीच सहमति बनने पर पति-पत्नी की विदाई कराई गई। वहीं, अन्य मामलों में भी विवादों के समाधान के लिए प्रयास जारी रखने की बात सामने आई है।

