मेरठ नीला ड्रम हत्याकांड: किराए के मकान का हुआ शुद्धिकरण, सौरभ की मां ने की आरोपियों को फांसी देने की मांग
रिपोर्ट – मनीष पराशर
मेरठ। देशभर में चर्चित मेरठ के नीला ड्रम हत्याकांड से जुड़े किराए के मकान का रविवार को विधि-विधान के साथ शुद्धिकरण किया गया। अखिल भारत हिंदू महासभा की आगरा जिलाध्यक्ष मीरा राठौर अपने समर्थकों के साथ घटनास्थल पर पहुंचीं। इस दौरान मंत्रोच्चारण के बीच मकान के मुख्य द्वार को संगम के जल से धोया गया। इसके बाद नारियल फोड़कर और धूप-बत्ती जलाकर शुद्धिकरण की प्रक्रिया पूरी की गई।
इस मौके पर मृतक सौरभ कुमार राजपूत की मां रेनू राजपूत भी मौजूद रहीं। बेटे की दर्दनाक मौत को याद कर वह भावुक हो गईं। उन्होंने मीडिया से बातचीत में आरोपियों के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग की। रेनू राजपूत ने कहा कि उनके बेटे की हत्या बेहद क्रूर तरीके से की गई। उन्होंने सरकार और न्याय व्यवस्था से मांग की कि मुख्य आरोपी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को जल्द से जल्द फांसी की सजा दी जाए।
मीरा राठौर ने भी की सख्त सजा की मांग
शुद्धिकरण कार्यक्रम में शामिल मीरा राठौर ने हत्याकांड की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि इस घटना ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए वह हर संभव प्रयास कर रही हैं। उनके मुताबिक, आरोपियों को कठोरतम सजा मिलने से ही पीड़ित परिवार को न्याय का एहसास होगा।
कार्यक्रम के दौरान मकान के मुख्य द्वार पर धार्मिक अनुष्ठान किए गए। इसके जरिए उस स्थान को दोबारा सामान्य वातावरण में लाने का प्रयास किया गया, जहां इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया गया था।
3 मार्च 2025 को हुई थी सौरभ की हत्या
गौरतलब है कि मेरठ का नीला ड्रम हत्याकांड मार्च 2025 में सामने आया था। पुलिस के अनुसार, लंदन से लौटे सौरभ कुमार राजपूत की हत्या का आरोप उसकी पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला उर्फ मोहित पर लगा। आरोप है कि 3 मार्च 2025 को दोनों ने मिलकर हत्या की साजिश रची और सौरभ को पहले नशीली दवा देकर बेहोश किया। इसके बाद धारदार हथियार से हमला कर उसकी जान ले ली।
पुलिस के सामने आए घटनाक्रम के मुताबिक, हत्या के बाद शव को बाथरूम में ले जाया गया और उसे कई हिस्सों में काट दिया गया। इसके बाद साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव के टुकड़ों को प्लास्टिक के नीले ड्रम में रखकर सीमेंट के घोल से बंद कर दिया गया। इस घटना ने पूरे देश में सनसनी फैला दी थी।
13 दिन बाद हुआ था हत्याकांड का खुलासा
घटना के बाद आरोपियों पर शक न हो, इसके लिए कथित तौर पर सामान्य जीवन दिखाने की कोशिश की गई। बताया गया कि दोनों आरोपी शिमला-मनाली घूमने भी गए थे और सोशल मीडिया पर तस्वीरें व वीडियो साझा कर रहे थे।
हालांकि, 18 मार्च 2025 को सौरभ का छोटा भाई राहुल जब घर पहुंचा तो उसे कुछ परिस्थितियां संदिग्ध लगीं। घर से दुर्गंध आने के बाद मामले की जानकारी पुलिस तक पहुंची। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और हत्याकांड का खुलासा हुआ। पुलिस ने मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार कर लिया था।
न्याय की आस में परिवार, शुद्धिकरण के बाद फिर उठा सजा का मुद्दा
इस हत्याकांड के बाद से ही सौरभ का परिवार आरोपियों को कठोरतम सजा देने की मांग कर रहा है। रविवार को मकान के शुद्धिकरण के दौरान एक बार फिर परिवार ने अपना दर्द सार्वजनिक रूप से जाहिर किया। मां रेनू राजपूत की मांग है कि उनके बेटे को न्याय मिले और दोषियों को कानून के तहत ऐसी सजा दी जाए, जिससे पीड़ित परिवार को इंसाफ मिल सके।
फिलहाल मामले में अंतिम सजा का निर्णय अदालत की न्यायिक प्रक्रिया के तहत होना है। ऐसे में पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद बनी हुई है।

