संतकबीरनगर में मिशन शक्ति अभियान के तहत चार परिवारों में कराया गया सुलह-समझौता, फिर एक हुए पति-पत्नी

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रिपोर्ट- शैलेन्द्र मणि त्रिपाठी

संतकबीरनगर। परिवारों को टूटने से बचाने और आपसी रिश्तों में आई दूरियों को कम करने के उद्देश्य से संतकबीरनगर पुलिस लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में मिशन शक्ति अभियान फेज 6.0 के अंतर्गत संचालित ‘साथ-साथ कार्यक्रम’ के तहत परिवार परामर्श केंद्र महिला थाना में चार दंपतियों के बीच आपसी सुलह-समझौता कराया गया। पुलिस और काउंसलर की समझाइश के बाद चारों परिवार एक बार फिर साथ रहने के लिए राजी हो गए।

यह पहल उन परिवारों के लिए उम्मीद की किरण बनी, जिनके रिश्ते आपसी विवाद और मनमुटाव के कारण टूटने की कगार पर पहुंच गए थे।

महिला थाना परिवार परामर्श केंद्र में हुई काउंसलिंग

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार 1 नवंबर 2026 को महिला थाना स्थित परिवार परामर्श केंद्र में सुलह-समझौते की प्रक्रिया आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता महिला थानाध्यक्ष श्रीमती पूनम मौर्या ने की। इस दौरान थाने पर नियुक्त काउंसलर रिफातुल्लाह अंसारी भी मौजूद रहे।

कार्यक्रम के दौरान कुल चार पारिवारिक विवाद के मामले सामने आए। इनमें पति-पत्नी के बीच चल रहे विवादों को गंभीरता से सुना गया। इसके बाद दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर उनकी समस्याओं को समझा गया और आपसी बातचीत के माध्यम से विवाद समाप्त कराने का प्रयास किया गया।

समझाइश के बाद चारों दंपतियों ने साथ रहने पर जताई सहमति

परिवार परामर्श केंद्र में पहला मामला सूरजमुखी पत्नी सुजीत और सुजीत पुत्र स्वर्गीय ठाकुर प्रसाद निवासी डोमहर, थाना सहजनवां, जनपद गोरखपुर का पहुंचा। दोनों के बीच पारिवारिक विवाद के चलते संबंधों में तनाव था। काउंसलिंग के दौरान दोनों पक्षों को समझाया गया। इसके बाद उन्होंने आपसी सहमति से सुलह कर ली।

दूसरा मामला अनुराधा पुत्री लक्ष्मीकांत निवासी ग्राम एकमा, थाना कोतवाली खलीलाबाद और बृजेश प्रताप पुत्र सुरेमन निवासी मैलानी, थाना कोतवाली खलीलाबाद, जनपद संतकबीरनगर का था। दोनों पति-पत्नी के बीच पारिवारिक विवाद चल रहा था। बातचीत और समझाइश के बाद दोनों ने अपने मतभेद भुलाकर खुशी-खुशी एक साथ रहने की सहमति जताई।

इसी तरह तीसरा मामला रीमा पत्नी देवराज और देवराज पुत्र सूर्यमान निवासी ग्राम इस्लामपुर, थाना दुधारा, जनपद संतकबीरनगर का था। दोनों के बीच पारिवारिक विवाद के कारण रिश्ते में दूरी आ गई थी। हालांकि, परिवार परामर्श केंद्र में हुई काउंसलिंग के बाद दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से विवाद समाप्त कर साथ रहने का निर्णय लिया।

वहीं, चौथा मामला सुप्रिया पुत्री अशोक निवासी ग्राम टड़वां नंदौर, थाना बखिरा और देवप्रकाश पुत्र रामलौट निवासी ग्राम चमरियां काली जगदीशपुर, थाना महुली, जनपद संतकबीरनगर का था। दोनों के बीच भी पारिवारिक मतभेद के कारण रिश्ते में तनाव बना हुआ था। महिला थाना की टीम ने दोनों पक्षों को समझाया और आपसी बातचीत के जरिए विवाद का समाधान कराया। इसके बाद दोनों ने साथ रहने की सहमति दे दी।

मिशन शक्ति के तहत परिवारों को जोड़ने की पहल

मिशन शक्ति अभियान फेज 6.0 के अंतर्गत चलाया जा रहा ‘साथ-साथ कार्यक्रम’ पारिवारिक विवादों को बातचीत और आपसी समझ के माध्यम से सुलझाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य केवल विवादों का निस्तारण करना ही नहीं, बल्कि परिवारों को बिखरने से बचाना और पति-पत्नी के बीच आपसी विश्वास एवं सामंजस्य को बढ़ावा देना भी है।

इस कार्यक्रम के माध्यम से ऐसे दंपतियों को एक मंच उपलब्ध कराया जाता है, जहां वे बिना किसी दबाव के अपनी समस्याएं रख सकें और समाधान की दिशा में आगे बढ़ सकें।

पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में महिला थाना परिवार परामर्श केंद्र द्वारा किए जा रहे इन प्रयासों से चार परिवारों को फिर से साथ रहने का अवसर मिला। रविवार को हुई इस कार्रवाई में चारों मामलों का आपसी सहमति से समाधान कराया गया।

 

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