कानपुर में झूलेलाल चालिहा महोत्सव से पहले बदहाल व्यवस्थाओं पर सिंधी समाज नाराज, प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
रिपोर्ट – विक्की रघुवंशी
कानपुर: दक्षिण क्षेत्र में 16 जुलाई से शुरू होने वाले भगवान झूलेलाल चालिहा महोत्सव को लेकर सिंधी समाज में उत्साह के साथ-साथ प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर गहरी नाराजगी भी देखने को मिल रही है। समाज के पदाधिकारियों का कहना है कि महोत्सव और शोभायात्रा को लेकर लगभग एक माह पहले जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर सड़क, सफाई, प्रकाश व्यवस्था और अन्य आवश्यक कार्यों की मांग की गई थी। हालांकि, उनका आरोप है कि अब तक संबंधित विभागों की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई है।
इसी कारण सिंधी समाज के लोगों ने नगर निगम, लोक निर्माण विभाग (PWD), सिंचाई विभाग और मेट्रो प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए जल्द से जल्द व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने की मांग की है। समाज का कहना है कि यदि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो श्रद्धालुओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
16 जुलाई से शुरू होगा झूलेलाल चालिहा महोत्सव
भगवान झूलेलाल चालिहा महोत्सव समिति के महामंत्री रमेश सिहवानी ने बताया कि 16 जुलाई से 24 अगस्त तक भगवान झूलेलाल चालिहा महोत्सव पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस दौरान धार्मिक आयोजन, भजन-कीर्तन, बहराणा साहब, शोभायात्रा तथा सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
उन्होंने बताया कि महोत्सव के सफल आयोजन के लिए समाज की ओर से पहले ही प्रशासन को आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी दे दी गई थी, ताकि समय रहते सभी विभाग अपने-अपने कार्य पूरे कर सकें।
एक माह पहले दिया गया था ज्ञापन
महामंत्री रमेश सिहवानी के अनुसार, महोत्सव की तैयारियों को देखते हुए करीब एक माह पहले कानपुर के जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया था। ज्ञापन में शोभायात्रा मार्ग की मरम्मत, गड्ढों की भराई, मंदिरों के आसपास सफाई, स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था तथा अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई थी।
हालांकि, उनका कहना है कि अभी तक किसी भी विभाग ने प्रभावी कार्रवाई नहीं की है। इससे समाज में निराशा और असंतोष का माहौल है।
सड़कों पर गड्ढे और सफाई व्यवस्था बनी चिंता
समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि शोभायात्रा जिन मार्गों से निकलेगी, वहां कई स्थानों पर सड़कें क्षतिग्रस्त हैं और गहरे गड्ढे बने हुए हैं। इसके अलावा मंदिरों के आसपास पर्याप्त सफाई भी नहीं कराई गई है।
समाज का कहना है कि यदि इन कमियों को समय रहते दूर नहीं किया गया तो श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए संबंधित विभागों को तत्काल आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
मेट्रो और लोक निर्माण विभाग पर भी लगाए आरोप
समिति का आरोप है कि मेट्रो परियोजना के अंतर्गत जिन स्थानों पर कार्य हुआ है, वहां सड़क की मरम्मत अब तक पूरी नहीं की गई है। वहीं, सीटीआई से बरा बाईपास होते हुए रतनलाल नगर तक सड़क का पेचवर्क भी नहीं कराया गया है।
इसके अलावा नगर निगम पर मार्ग प्रकाश व्यवस्था की अनदेखी करने का आरोप भी लगाया गया है। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि कई स्थानों पर स्ट्रीट लाइटें सही ढंग से कार्य नहीं कर रही हैं, जबकि रिकॉर्ड में उन्हें ठीक बताया जाता है।
सिंचाई विभाग पर सिल्ट नहीं हटाने का आरोप
समिति ने यह भी कहा कि सीटीआई नहर से इंद्रप्रस्थ अपार्टमेंट, रतनलाल नगर तक निकाली गई सिल्ट अभी तक नहीं हटाई गई है। इससे आसपास गंदगी बनी हुई है और आवागमन भी प्रभावित हो रहा है।
समाज के पदाधिकारियों का कहना है कि संबंधित विभाग को इस ओर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए, ताकि महोत्सव के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो।
सिंधी समाज ने जताई नाराजगी
महामंत्री रमेश सिहवानी, सतीश रोचलानी और दीपक अश्विनी सहित अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि सिंधी समाज के साथ संबंधित विभागों का रवैया उचित नहीं दिखाई दे रहा है। उनका कहना है कि समाज केवल धार्मिक आयोजन को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए मूलभूत सुविधाओं की मांग कर रहा है।
उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए।
‘एक वृक्ष झूलेलाल के नाम’ अभियान जारी
धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ सिंधी समाज पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दे रहा है। इसी क्रम में ‘एक वृक्ष झूलेलाल के नाम’ अभियान के तहत रतनलाल नगर क्षेत्र में वृक्षारोपण किया गया।
इस अभियान की शुरुआत 12 जुलाई को दक्षिण क्षेत्र के गुजैनी झूलेलाल पार्क से हुई थी। कार्यक्रम का शुभारंभ विधायक अरुण पाठक, पार्षद नीरज गुप्ता तथा पूर्व पार्षद प्रतिनिधि संजीव मिश्रा ने पौधरोपण कर किया।
समिति ने बताया कि 16 जुलाई से 24 अगस्त तक नगर निगम और वन विभाग के सहयोग से दक्षिण क्षेत्र के विभिन्न पार्कों में लगातार पौधे लगाए जाएंगे। इसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करना है।
महिलाओं ने किया भजन-कीर्तन
वृक्षारोपण कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने भगवान झूलेलाल के भजन और कीर्तन प्रस्तुत किए। धार्मिक वातावरण के बीच श्रद्धालुओं ने समाज की एकता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
इसके अलावा श्रद्धालुओं ने झूलेलाल चालिहा बहराणा साहब का विसर्जन मर्दनपुर स्थित पांडव नदी में श्रद्धापूर्वक किया।
इन लोगों की रही प्रमुख उपस्थिति
कार्यक्रम में रमेश सिहवानी, मनोहर लाल आडवाणी, अजीत गंगवानी, हेमा खट्टर, एकता कपूर, गरिमा अरोरा, ज्योति भाटिया, हरीश चादलानी, कमल रोचलानी, धीरज हीरानी, सुबोध रोचलानी, आनंद अरोड़ा, सतीश रोचलानी, दीपक अशवानी, मनोज आहूजा, धर्मेंद्र फतवानी, शिप्रा पमनानी, नवीन रामनानी, नरेंद्र जयसिहानी सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।
प्रशासन से सहयोग की अपेक्षा
सिंधी समाज ने कहा कि धार्मिक आयोजनों के सफल संचालन के लिए प्रशासन और संबंधित विभागों का सहयोग आवश्यक है। समाज का विश्वास है कि प्रशासन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगा और शोभायात्रा मार्ग सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को समय रहते दुरुस्त कराया जाएगा। इससे श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी और महोत्सव शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सकेगा।

