कानपुर में किन्नरों का हंगामा: डायल 112 के सिपाही की वर्दी फाड़ी, वीडियो वायरल होने से पुलिस महकमे में हड़कंप

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रिपोर्ट – शुभम साहू

कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में डायल 112 की पुलिस टीम के साथ अभद्रता और मारपीट का मामला सामने आया है। सजेती थाना क्षेत्र के आलियापुर टोल प्लाजा के पास 26 अक्टूबर की रात अवैध वसूली का विरोध करने पर किन्नरों के एक समूह पर हंगामा करने और पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई करने का आरोप लगा है। इस दौरान पीआरवी में तैनात एक सिपाही की वर्दी फाड़े जाने की भी बात सामने आई है। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हलचल मच गई है।

टोल प्लाजा के पास कार सवार युवक से मांगे रुपये

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 26 अक्टूबर की रात भदोही निवासी एक युवक अपनी कार से कानपुर की ओर से गुजर रहा था। इसी दौरान सजेती थाना क्षेत्र के आलियापुर टोल प्लाजा के पास मौजूद किन्नरों के एक समूह ने उसे रोककर रुपये मांगे। बताया जा रहा है कि कार सवार युवक ने रुपये देने का विरोध किया, जिसके बाद विवाद शुरू हो गया।

आरोप है कि रुपये देने से इनकार करने पर समूह के सदस्यों ने युवक के साथ अभद्रता की और मारपीट शुरू कर दी। अचानक हुई इस घटना से परेशान युवक ने पुलिस सहायता के लिए डायल 112 पर सूचना दी। सूचना मिलते ही डायल 112 की पीआरवी टीम मौके पर पहुंची और मामले को शांत कराने का प्रयास करने लगी।

समझाने पहुंची पुलिस टीम के साथ भी हुई हाथापाई

मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने दोनों पक्षों को समझाने और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। हालांकि, आरोप है कि इसी दौरान किन्नरों के समूह ने पुलिसकर्मियों के साथ भी विवाद शुरू कर दिया। देखते ही देखते मामला बढ़ गया और पुलिस टीम को विरोध का सामना करना पड़ा।

इस दौरान पीआरवी पर तैनात सिपाही सोनू यादव की वर्दी फाड़ दिए जाने का आरोप है। घटना के समय मौके पर काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही। पुलिसकर्मियों के साथ हुए इस व्यवहार ने कानून-व्यवस्था और आपातकालीन पुलिस सहायता व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्थानीय थाने से बैकअप नहीं मिलने का आरोप

इस घटना का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी सामने आया है कि मौके पर मौजूद पीआरवी टीम को काफी देर तक स्थानीय थाने से अतिरिक्त पुलिस बल नहीं मिला। बताया जा रहा है कि सिपाही सोनू यादव ने स्थिति संभालने के लिए सहायता की उम्मीद की थी, लेकिन समय पर बैकअप टीम नहीं पहुंचने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा।

हालांकि, स्थानीय थाने से पुलिस सहायता नहीं मिलने के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। इस पहलू की जांच भी मामले में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि आपातकालीन परिस्थितियों में पुलिस टीमों के बीच समन्वय बेहद जरूरी होता है।

डायल 112 के व्हाट्सएप ग्रुप में साझा की पीड़ा

बताया जा रहा है कि घटना के बाद सिपाही सोनू यादव ने अपनी परेशानी डायल 112 के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप में साझा की। उन्होंने मौके पर हुए घटनाक्रम और सहायता नहीं मिलने को लेकर अपनी बात रखी। इसके बाद घटना से संबंधित संदेश और कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने लगे।

वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस विभाग में चर्चा तेज हो गई। सोशल मीडिया पर सामने आए घटनाक्रम ने पुलिसकर्मियों की सुरक्षा और आपातकालीन ड्यूटी के दौरान मिलने वाले सहयोग को लेकर लोगों का ध्यान आकर्षित किया है।

डीसीपी साउथ ने लिया संज्ञान, जांच के आदेश

मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने संज्ञान लिया है। उन्होंने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर संबंधित दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस अधिकारियों के इस रुख के बाद अब मामले की जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं। खासतौर पर यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि विवाद किस वजह से शुरू हुआ, पुलिस टीम के साथ अभद्रता की घटना किन परिस्थितियों में हुई और स्थानीय स्तर पर अतिरिक्त पुलिस बल पहुंचने में देरी क्यों हुई।

पुलिसकर्मियों की सुरक्षा और जवाबदेही पर उठे सवाल

इस घटना ने एक बार फिर आपातकालीन पुलिस सेवाओं में तैनात जवानों की सुरक्षा और विभागीय समन्वय की जरूरत को सामने ला दिया है। डायल 112 की टीम आम नागरिकों की शिकायत पर तत्काल सहायता पहुंचाने के लिए तैनात रहती है। ऐसे में मौके पर पहुंचने वाले पुलिसकर्मियों को पर्याप्त सुरक्षा और जरूरत पड़ने पर स्थानीय थाने से सहयोग मिलना आवश्यक है।

इसके साथ ही, किसी भी विवाद में कानून को अपने हाथ में लेने के बजाय पुलिस और प्रशासन के माध्यम से समाधान निकालना चाहिए। वहीं, वायरल वीडियो के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय निष्पक्ष जांच और आधिकारिक तथ्यों को प्राथमिकता देना जरूरी है।

फिलहाल डीसीपी साउथ के निर्देश पर मामले की जांच जारी है। अब देखना होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और इस घटना में शामिल पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ पुलिस क्या कार्रवाई करती है।

 

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