भागलपुर डबल मर्डर: जेडीयू दिव्यांग प्रकोष्ठ ने बच्ची की सुरक्षित बरामदगी और उच्चस्तरीय जांच की मांग की

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रिपोर्ट – विपिन यादव 

पटना/बांदा: बिहार के भागलपुर जिले के इस्माइलपुर थाना क्षेत्र के हटिया गांव में दिव्यांग दंपति रंजन कुमार मंडल और उनकी पत्नी किरण देवी की हत्या तथा परिवार की करीब ढाई वर्षीय बच्ची के लापता होने का मामला चर्चा में है। इस प्रकरण को लेकर जनता दल (यूनाइटेड) के दिव्यांग प्रकोष्ठ ने बिहार सरकार से तत्काल कार्रवाई करने, मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने और लापता बच्ची को सुरक्षित बरामद करने की मांग की है।

जेडीयू बांदा, उत्तर प्रदेश के जिला अध्यक्ष दिव्यांग प्रकोष्ठ बिहारी लाल अनुरागी ने 22 अक्टूबर 2026 को बांदा के जिलाधिकारी के माध्यम से बिहार के मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भेजा। इसमें उन्होंने घटना की गंभीरता का उल्लेख करते हुए पुलिस और प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई करने की अपील की। साथ ही, उन्होंने मांग की कि बच्ची की तलाश को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और मामले की जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो।

मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में उठाई गईं पांच प्रमुख मांगें

बिहारी लाल अनुरागी की ओर से भेजे गए ज्ञापन में दिव्यांग दंपति की हत्या और बच्ची के लापता होने को अत्यंत संवेदनशील मामला बताया गया है। ज्ञापन के अनुसार, इस प्रकरण में प्रभावी कार्रवाई करते हुए पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की दिशा में कदम उठाए जाने चाहिए।

ज्ञापन में मुख्य रूप से पांच मांगें रखी गई हैं:

  • हत्या के मामले में शामिल आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए।
  • प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
  • बच्ची की तलाश के लिए विशेष पुलिस टीम गठित की जाए।
  • बच्ची की सुरक्षित बरामदगी के लिए सघन तलाशी अभियान चलाया जाए।
  • जांच के दौरान किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आने पर उसकी जवाबदेही तय की जाए।

संगठन का कहना है कि बच्ची की सुरक्षा से जुड़ा विषय अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसलिए प्रशासन को तलाश अभियान में तेजी लाने के साथ-साथ मामले के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच करनी चाहिए।

बच्ची की सुरक्षित बरामदगी पर विशेष जोर

ज्ञापन में करीब दो से ढाई वर्ष की बच्ची का अब तक पता नहीं चलने को लेकर चिंता जताई गई है। संगठन ने बिहार सरकार से अनुरोध किया है कि बच्ची का पता लगाने के लिए आवश्यक संसाधनों का उपयोग किया जाए और संभावित स्थानों पर तलाश की जाए।

बच्ची के लापता होने और दंपति की हत्या से जुड़े घटनाक्रम को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, दोनों घटनाओं के बीच क्या संबंध है, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। ऐसे में बच्ची की तलाश के साथ-साथ उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित लोगों के बयानों के आधार पर तथ्यों की पड़ताल करना भी जरूरी है।

जेडीयू दिव्यांग प्रकोष्ठ ने मांग की है कि बच्ची की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन जल्द से जल्द प्रभावी कदम उठाए। संगठन ने यह भी कहा है कि मामले में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

22 अक्टूबर को हुई थी दिव्यांग दंपति की हत्या

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 22 अक्टूबर 2026 की सुबह भागलपुर जिले के इस्माइलपुर थाना क्षेत्र के हटिया गांव में चाय-नाश्ते की दुकान चलाने वाले रंजन कुमार मंडल और उनकी पत्नी किरण देवी पर हमला हुआ था। घटना में दोनों की गोली लगने से मौत हो गई।

बताया गया है कि रंजन मंडल को गोली मारे जाने के बाद उनकी पत्नी ने वहां से भागने की कोशिश की, लेकिन हमलावरों ने उनका पीछा किया और उन्हें भी गोली मार दी। घटना के बाद इलाके में चिंता और आक्रोश का माहौल बना। स्थानीय लोगों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग भी उठाई।

इसी प्रकरण के साथ परिवार की करीब ढाई वर्षीय बच्ची के लापता होने की जानकारी सामने आई। कुछ रिपोर्टों में बच्ची का नाम पल्लवी कुमारी और उसे मृतक दंपति की भतीजी बताया गया है। हालांकि, बच्ची की पहचान और पारिवारिक संबंधों को लेकर उपलब्ध विवरणों में अंतर है। इसलिए इन तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।

पुलिस की कार्रवाई और जांच पर टिकी नजरें

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, मामले में पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ की है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी होने की बात कही गई है। हालांकि, हिरासत में लिए गए किसी व्यक्ति की भूमिका या दोष की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही की जा सकती है।

इस बीच, जेडीयू दिव्यांग प्रकोष्ठ ने मांग की है कि हत्या के मामले में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। संगठन ने जांच को निष्पक्ष रखने और सभी जरूरी तथ्यों को सामने लाने पर भी जोर दिया है।

इसके अलावा, ज्ञापन में प्रशासनिक जवाबदेही का मुद्दा भी उठाया गया है। संगठन का कहना है कि यदि जांच के दौरान किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। हालांकि, अभी किसी अधिकारी की लापरवाही साबित होने की जानकारी उपलब्ध नहीं है।

बांदा के जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा गया ज्ञापन

बिहारी लाल अनुरागी ने 22 अक्टूबर 2026 को बांदा के जिलाधिकारी के माध्यम से बिहार के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया। इसमें कहा गया है कि यह केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था और मानवीय संवेदनशीलता से जुड़ा गंभीर विषय है।

ज्ञापन के जरिए बिहार सरकार से अपील की गई है कि बच्ची की सुरक्षित बरामदगी के लिए सभी जरूरी प्रयास किए जाएं और दंपति की हत्या के मामले में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए। संगठन ने यह भी मांग की है कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए।

जांच के निष्कर्षों से स्पष्ट होगी आगे की स्थिति

भागलपुर के हटिया गांव में हुई इस घटना को लेकर जेडीयू दिव्यांग प्रकोष्ठ ने बिहार सरकार के सामने अपनी मांगें रखी हैं। इनमें बच्ची की तलाश, आरोपियों की गिरफ्तारी, उच्चस्तरीय जांच और अधिकारियों की जवाबदेही प्रमुख हैं।

फिलहाल, बच्ची की सुरक्षित बरामदगी और दंपति की हत्या से जुड़े तथ्यों का स्पष्ट होना सबसे महत्वपूर्ण है। पुलिस जांच में सामने आने वाले साक्ष्य ही घटना की परिस्थितियों और संभावित जिम्मेदार लोगों के बारे में स्थिति स्पष्ट कर सकेंगे। अब संबंधित प्रशासनिक कार्रवाई और जांच की प्रगति पर नजर रहेगी।