यूपी PET 2026: कानपुर से मथुरा और टूंडला के लिए चलीं स्पेशल ट्रेनें, करीब 4 हजार अभ्यर्थियों को मिली राहत

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रिपोर्ट – हनुमंत सिंह पिंटू

कानपुर नगर: उत्तर प्रदेश प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (UP PET) 2026 में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए रेलवे प्रशासन ने विशेष ट्रेनों का संचालन कर बड़ी राहत दी। परीक्षा केंद्रों तक समय से पहुंचने की चिंता के बीच कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन से मथुरा और टूंडला के लिए दो स्पेशल ट्रेनें चलाई गईं। इन ट्रेनों के माध्यम से करीब चार हजार परीक्षार्थियों ने अपने-अपने परीक्षा केंद्रों की ओर यात्रा की। वहीं, प्रयागराज और मैनपुरी के बीच भी परीक्षा स्पेशल ट्रेन का संचालन किया गया, जिसका ठहराव रूरा स्टेशन पर रखा गया।

परीक्षा के दिन सुबह से ही कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर अभ्यर्थियों की भारी भीड़ देखने को मिली। स्टेशन परिसर में हाथों में एडमिट कार्ड, किताबें और जरूरी दस्तावेज लिए परीक्षार्थी अपनी ट्रेन का इंतजार करते नजर आए। किसी के साथ परिवार के सदस्य मौजूद थे तो कोई दोस्तों के साथ परीक्षा केंद्र तक पहुंचने की योजना बना रहा था। ऐसे में रेलवे की विशेष व्यवस्था अभ्यर्थियों के लिए काफी मददगार साबित हुई।

कानपुर से मथुरा और टूंडला के लिए चलीं दो स्पेशल ट्रेनें

यूपी पीईटी 2026 में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने कानपुर सेंट्रल से दो विशेष ट्रेनों का संचालन किया। इनमें से एक ट्रेन मथुरा और दूसरी टूंडला के लिए रवाना हुई। इन दोनों ट्रेनों से लगभग चार हजार अभ्यर्थियों ने सफर किया।

दरअसल, प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले युवाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती परीक्षा केंद्र तक समय पर पहुंचने की होती है। कई बार परीक्षा केंद्र दूसरे जिलों में होने के कारण अभ्यर्थियों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। इसके अलावा सामान्य ट्रेनों में भीड़ और सीटों की उपलब्धता को लेकर भी परेशानी रहती है। ऐसे में परीक्षा के मद्देनजर चलाई गई विशेष ट्रेनों ने अभ्यर्थियों की यात्रा को काफी आसान बनाया।

स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर सुबह से ही परीक्षार्थियों की आवाजाही बनी रही। कोई अपने प्रवेश पत्र और पहचान पत्र की जांच कर रहा था तो कोई परीक्षा से पहले अंतिम बार महत्वपूर्ण विषयों के नोट्स पढ़ता दिखाई दिया। वहीं, परिजन भी अभ्यर्थियों को समय से ट्रेन में बैठाने और परीक्षा केंद्र तक सुरक्षित पहुंचने की हिदायत देते नजर आए।

प्रयागराज-मैनपुरी रूट पर भी परीक्षा स्पेशल का संचालन

कानपुर सेंट्रल से चलाई गई दो विशेष ट्रेनों के अलावा रेलवे प्रशासन ने प्रयागराज और मैनपुरी के बीच भी परीक्षा स्पेशल ट्रेन संचालित की। इस ट्रेन का ठहराव रूरा रेलवे स्टेशन पर भी निर्धारित किया गया था।

इस व्यवस्था से रूरा और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले अभ्यर्थियों को विशेष लाभ मिला। उन्हें परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त साधनों पर निर्भर रहने की जरूरत कम हुई। इसके साथ ही रेलवे की इस पहल से अलग-अलग क्षेत्रों से परीक्षा देने जाने वाले युवाओं को आवागमन का बेहतर विकल्प उपलब्ध हुआ।

गौरतलब है कि प्रदेश स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शामिल होते हैं। ऐसे में परिवहन व्यवस्था पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इसलिए परीक्षा के दौरान विशेष ट्रेनों का संचालन अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण सुविधा बन जाता है।

भीड़ नियंत्रण के लिए आरपीएफ और जीआरपी रही मुस्तैद

कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर परीक्षार्थियों की भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए। स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के जवानों के साथ रेलवे अधिकारी भी मुस्तैद रहे।

प्लेटफॉर्म पर यात्रियों की आवाजाही को व्यवस्थित रखने और अभ्यर्थियों को सुरक्षित तरीके से ट्रेनों में चढ़ाने के लिए विशेष सतर्कता बरती गई। इसके अलावा भीड़ को नियंत्रित करने के लिए परीक्षार्थियों को कतारबद्ध तरीके से ट्रेन में प्रवेश कराया गया।

रेलवे कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों की सक्रियता के चलते स्टेशन पर व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिली। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि किसी भी अभ्यर्थी को जल्दबाजी या अव्यवस्थित भीड़ के कारण परेशानी का सामना न करना पड़े। साथ ही, सभी परीक्षार्थी समय पर अपनी निर्धारित ट्रेन पकड़ सकें।

पहली पाली की परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न

उधर, यूपी अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET) 2026 की पहली पाली की परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित हुई। परीक्षा समाप्त होने के बाद केंद्रों से बाहर निकले अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र को लेकर अपनी प्रतिक्रियाएं भी साझा कीं।

अभ्यर्थियों के मुताबिक, गणित, हिंदी और सामान्य अध्ययन से जुड़े प्रश्नों का स्तर कुल मिलाकर संतुलित रहा। हालांकि, कुछ सवाल ऐसे भी थे, जिनमें परीक्षार्थियों को अधिक समय देना पड़ा। कुछ प्रश्नों ने अभ्यर्थियों को सोचने पर मजबूर किया, लेकिन कुल मिलाकर परीक्षा को संतुलित बताया गया।

पहली पाली की परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने से अभ्यर्थियों और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों ने राहत महसूस की।

रेलवे की पहल से अभ्यर्थियों को मिली बड़ी राहत

किसी भी बड़ी प्रतियोगी परीक्षा में शामिल होने वाले युवाओं के लिए तैयारी के साथ-साथ परीक्षा केंद्र तक पहुंचना भी एक बड़ी चुनौती होती है। खासकर तब, जब परीक्षा केंद्र गृह जनपद से काफी दूर निर्धारित किया गया हो। ऐसी स्थिति में समय पर परिवहन सुविधा मिलना बेहद जरूरी हो जाता है।

कानपुर सेंट्रल से मथुरा और टूंडला के लिए विशेष ट्रेनों का संचालन इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम रहा। इसके अलावा प्रयागराज-मैनपुरी रूट पर परीक्षा स्पेशल चलने से अन्य क्षेत्रों के अभ्यर्थियों को भी सुविधा मिली।

कुल मिलाकर, रेलवे प्रशासन की इस व्यवस्था ने हजारों परीक्षार्थियों की यात्रा को आसान बनाने में अहम भूमिका निभाई। परीक्षा से पहले सफर की चिंता कम होने से अभ्यर्थियों को अपनी तैयारी और परीक्षा पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिला। प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान परिवहन सुविधाओं को बेहतर बनाना युवाओं के हित में एक जरूरी पहल है।