बांदा के पैलानी में खाद संकट से किसान परेशान, सपा ने ज्ञापन सौंपकर की जल्द आपूर्ति की मांग

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रिपोर्ट – शैलेन्द्र शानू वर्मा 

बांदा: उत्तर प्रदेश के बांदा जिले की पैलानी तहसील क्षेत्र में सहकारी समितियों पर खाद की कमी को लेकर किसानों की परेशानी सामने आई है। खाद उपलब्ध न होने के कारण किसानों को रबी की फसलों की बुआई में देरी की चिंता सता रही है। इस समस्या को लेकर समाजवादी पार्टी ने प्रशासन से जल्द समाधान कराने की मांग की है। सपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री विशंभर प्रसाद निषाद ने एसडीएम पैलानी को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपकर क्षेत्र की सहकारी समितियों में खाद की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की मांग उठाई।

ज्ञापन में कहा गया कि जसपुरा ब्लॉक सहित पैलानी क्षेत्र की कई सहकारी समितियों पर डीएपी और अन्य उर्वरकों की उपलब्धता नहीं होने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में किसानों को अपनी फसलों की बुआई के लिए खाद जुटाने में दिक्कतें आ रही हैं। वहीं, जरूरत के समय खाद नहीं मिलने से खेती का काम प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई है।

सहकारी समितियों पर खाद उपलब्ध कराने की मांग

विशंभर प्रसाद निषाद ने प्रशासन से मांग की कि जसपुरा ब्लॉक की चंदवारा, रामपुर, बड़ागांव, जसपुरा और सिंघन कला सहित क्षेत्र की सभी संबंधित सहकारी समितियों पर जल्द से जल्द खाद उपलब्ध कराई जाए। उनका कहना है कि किसानों को समय पर उर्वरक मिलना जरूरी है, ताकि वे कृषि कार्य निर्धारित समय के अनुसार पूरा कर सकें।

ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन का ध्यान इस ओर भी दिलाया गया कि सहकारी समितियों पर खाद उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में किसानों को दूसरे विकल्प तलाशने पड़ते हैं। इससे उन्हें अतिरिक्त समय और खर्च उठाना पड़ सकता है। इसलिए जरूरी है कि संबंधित विभाग खाद की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की समीक्षा कर किसानों की जरूरत के अनुसार आपूर्ति सुनिश्चित करें।

निजी दुकानों से महंगे दाम पर खाद खरीदने की शिकायत

सपा की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि सहकारी समितियों पर खाद नहीं मिलने के कारण किसानों को मजबूरी में निजी दुकानों से महंगे दाम पर उर्वरक खरीदना पड़ रहा है। इससे खेती की लागत बढ़ने और किसानों पर आर्थिक दबाव पड़ने की बात कही गई है।

खेती में खाद की समय पर उपलब्धता महत्वपूर्ण होती है। विशेषकर रबी की फसलों की बुआई के दौरान किसानों को बीज, उर्वरक और अन्य कृषि सामग्री की जरूरत होती है। ऐसे में यदि खाद की उपलब्धता प्रभावित होती है, तो किसानों को अपने कृषि कार्य की योजना बदलनी पड़ सकती है। हालांकि, निजी दुकानों पर खाद के दाम और सहकारी समितियों में उपलब्धता की वास्तविक स्थिति का स्वतंत्र आधिकारिक आंकड़ा ज्ञापन में नहीं दिया गया है।

इसलिए किसानों की शिकायतों के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों द्वारा समितियों में उपलब्ध स्टॉक, मांग और वितरण की स्थिति की जांच करना महत्वपूर्ण होगा। साथ ही, यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि किसानों को निर्धारित नियमों के अनुसार उर्वरक मिल सके।

रबी की बुआई प्रभावित होने की जताई चिंता

ज्ञापन में खाद की कमी को रबी की फसलों की बुआई में देरी से जोड़ते हुए किसानों की चिंता उठाई गई है। किसानों के लिए बुआई का समय महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि समय पर कृषि कार्य पूरा होने से फसल की देखभाल और आगे की तैयारी व्यवस्थित तरीके से की जा सकती है।

ऐसे में खाद की उपलब्धता में परेशानी होने पर किसानों को अतिरिक्त इंतजार करना पड़ सकता है। इसके अलावा, यदि उन्हें खाद खरीदने के लिए दूर जाना पड़े, तो समय और परिवहन पर भी अतिरिक्त खर्च हो सकता है। सपा ने प्रशासन से मांग की है कि किसानों को इस तरह की परेशानियों से बचाने के लिए जल्द कार्रवाई की जाए।

हालांकि, क्षेत्र में कितने किसानों को खाद की कमी का सामना करना पड़ रहा है और कितनी मात्रा में उर्वरक की जरूरत है, इसका विस्तृत आंकड़ा ज्ञापन में नहीं बताया गया है। इन पहलुओं पर संबंधित विभाग की जानकारी से स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकती है।

समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी

विशंभर प्रसाद निषाद ने तहसीलदार के माध्यम से प्रशासन से खाद की आपूर्ति जल्द बहाल कराने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्या का समाधान नहीं हुआ और सहकारी समितियों पर खाद उपलब्ध नहीं कराई गई, तो समाजवादी पार्टी खाद एवं बीज की उपलब्धता को लेकर आंदोलन करेगी। इसके तहत धरना-प्रदर्शन भी किया जा सकता है।

सपा की इस पहल के जरिए किसानों की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है। अब खाद की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को लेकर संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई पर नजर रहेगी। यदि समितियों पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध होती है, तो किसानों को बुआई के लिए जरूरी सामग्री जुटाने में राहत मिल सकती है।

ज्ञापन सौंपने के दौरान कई नेता और किसान रहे मौजूद

ज्ञापन सौंपने के दौरान समाजवादी पार्टी के कई वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और किसान मौजूद रहे। इनमें वरिष्ठ सपा नेता पुष्पेंद्र सिंह चुनाले, भरतपाल, आशीष निषाद, अमित निषाद एडवोकेट, कुलदीप खेंगर, गया प्रसाद निषाद (महासचिव, बार संघ पैलानी), पंकज यादव (पूर्व प्रधान, कानाखेड़ा), चंद्रभान निषाद, रामप्रकाश निषाद, रामदास निषाद, कपिल निषाद एडवोकेट, वीरेंद्र यादव एडवोकेट, जय निषाद एडवोकेट, महेश निषाद (पूर्व प्रधान) और ओम दीक्षित सहित सैकड़ों किसानों की मौजूदगी बताई गई।

कुल मिलाकर, पैलानी तहसील क्षेत्र में खाद की उपलब्धता को लेकर उठी शिकायत ने किसानों की कृषि संबंधी जरूरतों को एक बार फिर सामने रखा है। किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराना और वितरण व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना महत्वपूर्ण है। अब देखना होगा कि प्रशासन और संबंधित विभाग सहकारी समितियों में खाद की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाते हैं।

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