ब्रजरज उत्सव 2026 में छाया स्वदेशी का जादू, ODOP और खादी उत्पादों की खरीदारी के लिए उमड़ी भीड़
रिपोर्ट – योगेश भारद्वाज
मथुरा: कान्हा की नगरी मथुरा में आयोजित ‘ब्रजरज उत्सव 2026’ में स्वदेशी उत्पादों का आकर्षण लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। उत्सव में लगे एक जिला एक उत्पाद (ODOP), खादी और ग्रामोद्योग के स्टॉलों पर पर्यटक और श्रद्धालु खरीदारी करते नजर आ रहे हैं। यहां पारंपरिक हस्तकला, मिट्टी से बने उत्पाद, खादी के परिधान, हस्तनिर्मित आभूषण और स्थानीय व्यंजनों को पसंद किया जा रहा है। इसके साथ ही मथुरा के प्रसिद्ध पेड़े और ब्रज के पारंपरिक स्वाद भी उत्सव में आने वाले लोगों को आकर्षित कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की ओर से आयोजित इस उत्सव में प्रदेश के अलग-अलग जिलों के स्थानीय उत्पादों को प्रदर्शित करने और उनकी बिक्री के लिए मंच उपलब्ध कराया गया है। इन स्टॉलों के माध्यम से कारीगरों, छोटे उद्यमियों और ग्रामोद्योग से जुड़े लोगों को अपने उत्पाद ग्राहकों तक पहुंचाने का अवसर मिल रहा है। वहीं, स्वदेशी सामान की खरीदारी के जरिए ‘वोकल फॉर लोकल’ और आत्मनिर्भरता जैसे संदेशों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
ODOP उत्पादों के स्टॉल पर दिख रही रौनक
ब्रजरज उत्सव में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों के उत्पादों को एक ही स्थान पर देखने और खरीदने का अवसर मिल रहा है। एक जिला एक उत्पाद (ODOP) योजना के तहत प्रदेश की पारंपरिक कला और स्थानीय उत्पादों को प्रदर्शित किया गया है। इनमें आगरा के चमड़े के उत्पाद, फिरोजाबाद की कांच की चूड़ियां, वाराणसी की सिल्क साड़ियां, लखनऊ की चिकनकारी और कन्नौज का इत्र प्रमुख हैं।
इसके अलावा मथुरा की पारंपरिक पोशाक और कंठी माला, मुजफ्फरनगर का गुड़, प्रयागराज के मूंज उत्पाद, कानपुर के चर्म उत्पाद, अलीगढ़ के ब्रास उत्पाद और मैनपुरी की तारकशी कला भी लोगों का ध्यान खींच रही है। इन उत्पादों में स्थानीय कारीगरी और पारंपरिक हुनर की झलक देखने को मिलती है।
खास बात यह है कि अलग-अलग जिलों के उत्पाद एक ही परिसर में उपलब्ध होने से ग्राहकों को अपनी पसंद और जरूरत के अनुसार खरीदारी करने में सुविधा मिल रही है। वहीं, कारीगरों को भी अपने उत्पादों की विशेषता सीधे ग्राहकों तक पहुंचाने का अवसर मिल रहा है।
खादी के परिधानों में परंपरा के साथ आधुनिकता
उत्सव में उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड की ओर से खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों की बिक्री के लिए 21 स्टॉल लगाए गए हैं। इन स्टॉलों पर पारंपरिक खादी के कपड़ों के साथ बदलते फैशन और युवाओं की पसंद को ध्यान में रखकर तैयार किए गए परिधान भी उपलब्ध हैं।
खादी लंबे समय से भारतीय स्वदेशी परंपरा और स्थानीय उत्पादन से जुड़ी रही है। इसके साथ ही, खादी से बने परिधानों में नए डिजाइन और आधुनिक शैली का समावेश इसे अलग-अलग आयु वर्ग के ग्राहकों के लिए आकर्षक बना रहा है। इसके अतिरिक्त, मिट्टी से बने सामान, हस्तनिर्मित आभूषण, हर्बल सामग्री, जैविक गुड़ और अगरबत्ती जैसे ग्रामोद्योग उत्पाद भी स्टॉलों पर उपलब्ध हैं।
इस तरह उत्सव में खरीदारी करने वाले लोगों को कपड़ों से लेकर घरेलू उपयोग और सजावट से जुड़े सामान तक कई विकल्प मिल रहे हैं। स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले इन उत्पादों की बिक्री से छोटे कारोबारियों और कारीगरों को आर्थिक अवसर मिलने की उम्मीद है।
ब्रज के स्वाद के साथ मथुरा के पेड़ों का आकर्षण
ब्रजरज उत्सव में केवल हस्तशिल्प और कपड़ों की ही मांग नहीं है, बल्कि यहां आने वाले लोग ब्रज के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद भी ले रहे हैं। एक जिला एक व्यंजन (ODOC) योजना के तहत स्थानीय खाद्य उत्पादों को प्रदर्शित करने के लिए विशेष स्टॉल लगाए गए हैं।
इन स्टॉलों पर मथुरा के प्रसिद्ध पेड़े और अन्य पारंपरिक व्यंजन उपलब्ध हैं। मथुरा आने वाले पर्यटकों के लिए पेड़े की पहचान खास है, इसलिए उत्सव में भी यह स्थानीय स्वाद का प्रमुख आकर्षण बना हुआ है। इसके अलावा, ब्रज की खानपान परंपरा से जुड़े व्यंजन लोगों को क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने में मदद कर रहे हैं।
इस प्रकार, ब्रजरज उत्सव स्थानीय उत्पादों की बिक्री के साथ-साथ ब्रज की कला, संस्कृति और खानपान को एक मंच पर प्रस्तुत कर रहा है।
खादी और ग्रामोद्योग के 21 स्टॉल, ODOP-ODOC के 40 स्टॉल
जिला ग्रामोद्योग अधिकारी अनिल कुमार के अनुसार, ब्रजरज उत्सव में विभाग की ओर से खादी एवं ग्रामोद्योग उत्पादों के कुल 21 स्टॉल लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि वाराणसी, मथुरा, लखनऊ, आगरा, फिरोजाबाद, एटा और मैनपुरी सहित विभिन्न जनपदों के उत्पाद यहां उपलब्ध हैं। इनमें हस्तनिर्मित आभूषण, मिट्टी से बने सामान, हर्बल उत्पाद, जैविक गुड़ और अगरबत्ती शामिल हैं।
वहीं, उपायुक्त उद्योग चंद्रभान सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप उत्सव में ODOP और ODOC उत्पादों को मंच देने के लिए कुल 40 स्टॉल लगाए गए हैं। उनके मुताबिक, इससे स्थानीय उद्यमियों और छोटे कारीगरों को अपने उत्पादों की बिक्री के लिए बड़ा बाजार मिल रहा है।
इन अधिकारियों के बयानों के अनुसार, उत्सव का उद्देश्य स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ कारीगरों और उद्यमियों को नए ग्राहक उपलब्ध कराना भी है।
स्थानीय कारीगरों और छोटे उद्यमियों को मिल रहा मंच
ब्रजरज उत्सव 2026 में स्वदेशी उत्पादों की मौजूदगी स्थानीय अर्थव्यवस्था और पारंपरिक कला के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रस्तुत करती है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से कारीगर अपने काम को सीधे ग्राहकों के सामने रख सकते हैं। साथ ही, लोगों को भी स्थानीय स्तर पर बने उत्पादों की गुणवत्ता, विविधता और उपयोगिता को समझने का मौका मिलता है।
हालांकि, उत्पादों की बिक्री और कारीगरों को होने वाले वास्तविक आर्थिक लाभ का आकलन उत्सव के दौरान बिक्री के आंकड़ों से ही किया जा सकेगा। फिलहाल, स्टॉलों पर दिखाई दे रही गतिविधियां स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के प्रयासों को रेखांकित करती हैं।
कुल मिलाकर, ब्रजरज उत्सव 2026 में ODOP, ODOC, खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों की भागीदारी ने स्थानीय कला, पारंपरिक स्वाद और स्वदेशी सामान को एक साझा मंच दिया है। मथुरा में आयोजित यह उत्सव पर्यटकों को खरीदारी और खानपान के विकल्प उपलब्ध कराने के साथ प्रदेश के विभिन्न जिलों के कारीगरों तथा छोटे उद्यमियों के उत्पादों से परिचित होने का अवसर भी प्रदान कर रहा है।

