अमेठी में जनगणना 2027 की तैयारी तेज, प्रगणकों और पर्यवेक्षकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू

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रिपोर्ट – अंजनी मिश्रा 

अमेठी: भारत की जनगणना 2027 को लेकर उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में संग्रामपुर ब्लॉक स्थित बीआरसी कार्यालय के सभागार में मंगलवार, 27 अक्टूबर से प्रगणकों और पर्यवेक्षकों के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर शुरू हुआ। प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ अमेठी के तहसीलदार रवि कुमार और खंड शिक्षा अधिकारी शशांक मिश्रा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित करके किया। इस शिविर का उद्देश्य जनगणना से जुड़े कर्मचारियों को निर्धारित प्रक्रियाओं, आंकड़ों के संकलन और जानकारी दर्ज करने के तरीकों से परिचित कराना है, ताकि जनगणना का कार्य व्यवस्थित और सटीक तरीके से पूरा किया जा सके।

50 प्रतिभागियों ने लिया प्रशिक्षण के पहले दिन हिस्सा

संग्रामपुर ब्लॉक में आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के पहले दिन कुल 50 प्रतिभागी शामिल हुए। इनमें 42 प्रगणक, छह पर्यवेक्षक और दो प्रशिक्षक शामिल रहे। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को जनगणना से संबंधित कार्यों की जानकारी देने और उनकी जिम्मेदारियों को स्पष्ट करने पर जोर दिया गया।

प्रगणक जनगणना प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्हें निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार जानकारी एकत्र करनी होती है। वहीं, पर्यवेक्षकों की जिम्मेदारी संबंधित कार्यों की निगरानी करना और प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाए रखने में सहयोग देना है। इसलिए दोनों श्रेणियों के कर्मचारियों को प्रशिक्षित करना जनगणना की तैयारियों का अहम हिस्सा माना जाता है।

इसके अलावा, प्रशिक्षण शिविर में प्रतिभागियों की सुविधा का भी ध्यान रखा गया। आयोजन स्थल पर प्रकाश, पेयजल और भोजन की व्यवस्था की गई, जिससे प्रशिक्षण में शामिल कर्मचारियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

डिजिटल तकनीक और सही आंकड़े दर्ज करने पर जोर

जनगणना कार्यक्रम के नोडल अधिकारी एवं तहसीलदार रवि कुमार ने प्रशिक्षण के उद्देश्य की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के माध्यम से जनगणना कर्मियों को आंकड़ों के संकलन, डिजिटल तकनीक के उपयोग, जनगणना प्रपत्र भरने और निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार सही जानकारी दर्ज करने में दक्ष बनाया जाना है।

आज के समय में सरकारी आंकड़ों के संकलन में तकनीक की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण हो रही है। ऐसे में जनगणना से जुड़े कर्मचारियों को निर्धारित तकनीकी प्रक्रियाओं की जानकारी देना जरूरी है। प्रशिक्षण के जरिए उन्हें यह समझने में मदद मिलती है कि जानकारी किस प्रकार एकत्र करनी है और उसे निर्धारित प्रारूप में कैसे दर्ज करना है।

साथ ही, सही और व्यवस्थित आंकड़े जुटाने से जनगणना प्रक्रिया को बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिलती है। इसलिए प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य है।

जनगणना 2027 के लिए तैयारियों का महत्वपूर्ण चरण

भारत की जनगणना देश की जनसंख्या और उससे संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी जुटाने की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इससे प्राप्त आंकड़े प्रशासनिक योजना बनाने और विकास से जुड़ी जरूरतों को समझने में उपयोगी होते हैं। ऐसे में जनगणना कार्य में लगे कर्मचारियों का प्रशिक्षण इसकी तैयारियों का महत्वपूर्ण चरण है।

हालांकि, जनगणना के प्रत्येक चरण में निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करना आवश्यक होता है। कर्मचारियों को यह सुनिश्चित करना होता है कि संकलित जानकारी स्पष्ट, व्यवस्थित और निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप हो। इसी उद्देश्य से प्रशिक्षण के दौरान कार्यप्रणाली और प्रपत्रों से जुड़ी जानकारी दी जाती है।

अमेठी के संग्रामपुर ब्लॉक में शुरू हुआ यह शिविर भी इसी दिशा में एक कदम है। तीन दिनों तक चलने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से संबंधित कर्मियों को जनगणना से जुड़े कार्यों के लिए तैयार किया जा रहा है।

अधिकारियों और कर्मचारियों की मौजूदगी में शुरू हुआ शिविर

प्रशिक्षण शिविर के उद्घाटन अवसर पर तहसीलदार रवि कुमार और खंड शिक्षा अधिकारी शशांक मिश्रा मौजूद रहे। इसके अलावा अभिनव सिंह, संजय तिवारी, ललित पांडेय, जीबी सिंह, हरिबक्स सिंह, आशुतोष मिश्रा और अरुण सिंह सहित अन्य लोग भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इसके बाद प्रशिक्षण से संबंधित गतिविधियां शुरू की गईं। पहले दिन बड़ी संख्या में प्रगणकों और पर्यवेक्षकों की भागीदारी रही, जो जनगणना की तैयारियों को लेकर प्रशिक्षण की आवश्यकता को दर्शाती है।

कुल मिलाकर, अमेठी के संग्रामपुर ब्लॉक में जनगणना 2027 के लिए शुरू किया गया तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर जनगणना कर्मियों को निर्धारित प्रक्रियाओं से परिचित कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। प्रशिक्षण के माध्यम से कर्मचारियों को आंकड़ों के संकलन, डिजिटल तकनीक और प्रपत्रों से संबंधित जानकारी दी जा रही है। इससे जनगणना कार्य को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने में सहयोग मिलने की उम्मीद है।

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