MyBranch का उत्तर भारत में विस्तार, 19 शहरों में 23 वर्कस्पेस सेंटर के साथ मजबूत नेटवर्क
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नई दिल्ली: फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस और मैनेज्ड ऑफिस समाधान उपलब्ध कराने वाली कंपनी मायब्रांच (MyBranch) ने उत्तर भारत में अपनी उपस्थिति को मजबूत किया है। कंपनी के अनुसार, उसका नेटवर्क अब 19 शहरों में फैले 23 वर्कस्पेस सेंटर तक पहुंच गया है। ये केंद्र कुल 75,000 वर्ग फुट क्षेत्र में फैले हैं। इस विस्तार का उद्देश्य उन कंपनियों और कारोबारों को पेशेवर कार्यस्थल उपलब्ध कराना है, जो नए शहरों में अपनी मौजूदगी स्थापित करना चाहते हैं या मौजूदा परिचालन का विस्तार करने की योजना बना रहे हैं।
कंपनी का नेटवर्क उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर तक फैला हुआ है। इसके केंद्र आगरा, अजमेर, प्रयागराज, अंबाला, अमृतसर, देहरादून, गुरुग्राम, जयपुर, जालंधर, जोधपुर, कानपुर, लखनऊ, लुधियाना, नोएडा, जम्मू, शिमला, सीकर, उदयपुर और वाराणसी जैसे शहरों में मौजूद हैं। इस तरह मायब्रांच स्थापित कारोबारी केंद्रों के साथ-साथ दूसरे शहरों में भी व्यवसायों को कार्यस्थल उपलब्ध कराने पर ध्यान दे रही है।
19 शहरों में 23 सेंटर, 75,000 वर्ग फुट में फैला नेटवर्क
मायब्रांच का कहना है कि उसका विस्तारित नेटवर्क कंपनियों को अलग-अलग शहरों में अपनी टीमें स्थापित करने और उनका संचालन करने के लिए अधिक विकल्प देता है। कंपनी के आगरा, लुधियाना और वाराणसी में एक से अधिक केंद्र हैं। इससे इन बाजारों में कार्यालय की जरूरत के अनुसार स्थान चुनने की सुविधा मिलती है।
आज कई कंपनियां अपने कारोबार को केवल बड़े महानगरों तक सीमित रखने के बजाय दूसरे व्यावसायिक शहरों में भी विस्तार करना चाहती हैं। ऐसे में उन्हें कार्यालय के लिए उपयुक्त स्थान, जरूरी बुनियादी सुविधाओं और कामकाज के अनुकूल व्यवस्था की आवश्यकता होती है। फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस इसी जरूरत को पूरा करने का एक विकल्प है।
इसके अतिरिक्त, विभिन्न शहरों में उपलब्ध कार्यस्थलों के माध्यम से कंपनियां अपनी टीमों को ग्राहकों और स्थानीय कारोबारी नेटवर्क के करीब स्थापित कर सकती हैं। इससे अलग-अलग बाजारों में परिचालन की योजना बनाने में मदद मिल सकती है।
फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस की बढ़ती भूमिका
कंपनी का यह विस्तार ऐसे समय में हुआ है, जब कारोबारी जगत में कार्यालयों के लिए लचीले विकल्पों की भूमिका बढ़ रही है। पारंपरिक कार्यालय व्यवस्था में जगह तय करने, बुनियादी सुविधाएं तैयार करने और परिचालन शुरू करने में समय तथा शुरुआती निवेश की जरूरत हो सकती है। इसके विपरीत, फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस और मैनेज्ड ऑफिस कंपनियों को तैयार कार्यस्थल उपलब्ध कराने का विकल्प देते हैं।
उदाहरण के तौर पर, यदि किसी कंपनी को दूसरे शहर में छोटी टीम के साथ काम शुरू करना है, तो वह अपनी जरूरत के अनुसार उपलब्ध कार्यालय का चयन कर सकती है। इसी तरह, किसी नई परियोजना के लिए अस्थायी टीम बनाने या मौजूदा कर्मचारियों के लिए अतिरिक्त जगह की आवश्यकता होने पर भी ऐसे समाधान उपयोगी हो सकते हैं।
हालांकि, कार्यालय का चुनाव करते समय कंपनियों को स्थान, लागत, सुविधाओं, कर्मचारियों की जरूरतों और अनुबंध की शर्तों का मूल्यांकन करना आवश्यक है। सही विकल्प व्यवसाय के आकार और उसकी परिचालन योजना पर निर्भर करता है।
दिल्ली-NCR में फ्लेक्सिबल ऑफिस स्पेस की मांग का उल्लेख
मायब्रांच की ओर से जारी जानकारी में CBRE की India Office Figures for Q2 2026 रिपोर्ट का भी उल्लेख किया गया है। कंपनी के अनुसार, इस रिपोर्ट में दिल्ली-NCR में एक तिमाही के दौरान फ्लेक्सिबल स्पेस की रिकॉर्ड मांग दर्ज होने की बात कही गई है। जारी विवरण के मुताबिक, इस अवधि में क्षेत्र में लगभग 36 लाख वर्ग फुट की कुल ऑफिस लीजिंग में फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस ऑपरेटरों की हिस्सेदारी 45 प्रतिशत रही।
कंपनी ने इस रुझान को कार्यालयों की योजना बनाने के बदलते तरीके से जोड़ा है। रिपोर्ट से संबंधित इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि प्रकाशन से पहले मूल रिपोर्ट के आधार पर की जानी चाहिए।
इसके साथ ही, ‘कोर + फ्लेक्स’ मॉडल भी कंपनियों के लिए एक विकल्प के रूप में उभर रहा है। इस व्यवस्था में व्यवसाय अपने मुख्य कार्यालय के साथ जरूरत के अनुसार अतिरिक्त या लचीले कार्यस्थलों का उपयोग कर सकते हैं। इससे परियोजना आधारित टीमों, सैटेलाइट कार्यालयों और बदलती कार्यबल आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायता मिल सकती है।
गुरुग्राम, नोएडा और लखनऊ जैसे बाजारों पर फोकस
उत्तर भारत में कारोबारी गतिविधियां अलग-अलग शहरों में विविध रूपों में विकसित हो रही हैं। गुरुग्राम और नोएडा जैसे शहरों में कॉर्पोरेट गतिविधियों के साथ जयपुर, लखनऊ और अन्य व्यावसायिक केंद्र भी कंपनियों के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण विकल्प प्रस्तुत करते हैं।
मायब्रांच का नेटवर्क इन बाजारों में कारोबार करने वाली कंपनियों को कार्यालय संबंधी विकल्प उपलब्ध कराने पर केंद्रित है। कंपनी के मुताबिक, इसके समाधान उन व्यवसायों के लिए उपयोगी हो सकते हैं, जो पहली बार किसी शहर में प्रवेश कर रहे हैं, अपनी मौजूदा टीम का विस्तार करना चाहते हैं या कई स्थानों पर कार्यालय संचालित कर रहे हैं।
इसके अलावा, विभिन्न शहरों में कार्यस्थल उपलब्ध होने से कंपनियों को अपने कार्यालय क्षेत्र और परिचालन संबंधी खर्चों की योजना बनाने में लचीलापन मिल सकता है। हालांकि, वास्तविक बचत और सुविधा प्रत्येक कंपनी की जरूरतों तथा चुने गए समाधान पर निर्भर करेगी।
संस्थापक कुशल भार्गव ने विस्तार को लेकर क्या कहा?
मायब्रांच के संस्थापक कुशल भार्गव ने कहा कि उत्तर भारत उन व्यवसायों के लिए मजबूत अवसर प्रस्तुत करता है, जो अलग-अलग बाजारों में अपना विस्तार करना चाहते हैं। उनके अनुसार, पारंपरिक कारोबारी केंद्रों के अलावा अन्य शहरों में भी पेशेवर कार्यस्थलों की मांग बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि कंपनियां ऐसे कार्यस्थलों की तलाश कर रही हैं, जहां वे अपना संचालन स्थापित करने के साथ स्थानीय कारोबारी नेटवर्क से जुड़ सकें। उनके मुताबिक, 23 केंद्रों का नेटवर्क व्यवसायों को विभिन्न बाजारों में टीमें बनाने और अपने परिचालन का विस्तार करने में सहायता प्रदान करता है।
भार्गव ने यह भी कहा कि क्षेत्र में कारोबारी गतिविधियों के बढ़ने के साथ फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।
मैनेज्ड ऑफिस से लेकर वर्चुअल ऑफिस तक सेवाएं
मायब्रांच के अनुसार, कंपनी एंटरप्राइजेज, बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MNCs), ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs), स्टार्टअप्स और तेजी से बढ़ते व्यवसायों को कार्यस्थल संबंधी समाधान उपलब्ध कराती है।
इन सेवाओं में मैनेज्ड ऑफिस, को-वर्किंग स्पेस, साझा कार्यालय, वर्चुअल ऑफिस तथा मीटिंग और कॉन्फ्रेंस सुविधाएं शामिल हैं। अलग-अलग सेवाओं के माध्यम से कंपनियां अपनी टीम के आकार और कामकाज की जरूरत के अनुसार विकल्प चुन सकती हैं।
कुल मिलाकर, उत्तर भारत के 19 शहरों में 23 वर्कस्पेस सेंटर के साथ मायब्रांच का विस्तार क्षेत्रीय बाजारों में अपनी उपस्थिति बढ़ाने की कंपनी की रणनीति का हिस्सा है। 75,000 वर्ग फुट में फैला यह नेटवर्क व्यवसायों को विभिन्न शहरों में कार्यालय संबंधी विकल्प उपलब्ध कराता है। आने वाले समय में फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस की मांग और कंपनियों की बदलती जरूरतें इस क्षेत्र में कारोबार के विकास को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण कारक हो सकते हैं।

