कानपुर देहात में जल सारथी ऐप के यूजर्स पहुंचे 4,522, पेयजल से जुड़ी शिकायतें अब होंगी आसान – जानिए कैसे?

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Digital UP News

कानपुर देहात: ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति से जुड़ी जानकारी और शिकायतों को आसान बनाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की जल जीवन मिशन योजना के तहत विकसित जल सारथी मोबाइल ऐप लोगों के बीच अपनी पहुंच बढ़ा रहा है। इस ऐप के माध्यम से ग्रामीण पेयजल योजनाओं, घरेलू नल कनेक्शन, जलापूर्ति की स्थिति और परियोजनाओं की प्रगति से संबंधित जानकारियां एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। खास बात यह है कि कानपुर देहात में इस ऐप के यूजर्स की संख्या बढ़कर 4,522 पहुंच गई है।

जल सारथी ऐप का उद्देश्य ग्रामीण पेयजल व्यवस्था से संबंधित सूचनाओं को नागरिकों तक पहुंचाना और शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना है। इसके जरिए आम नागरिक न केवल पेयजल आपूर्ति से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, बल्कि अपनी समस्याएं और सुझाव भी दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा, शिकायत की स्थिति को ट्रैक करने की सुविधा भी उपलब्ध है।

कानपुर देहात में 4,522 लोगों ने अपनाया ऐप

उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) के कानपुर कार्यालय के अंतर्गत आने वाले जिलों में जल सारथी ऐप का इस्तेमाल बढ़ रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, कानपुर देहात में ऐप के 4,522 यूजर्स हैं। वहीं, कानपुर नगर में 4,425, इटावा में 4,069, औरैया में 3,328 और कन्नौज में 2,684 यूजर्स दर्ज किए गए हैं।

इन आंकड़ों से संबंधित जिलों में ऐप के इस्तेमाल की स्थिति का पता चलता है। हालांकि, केवल यूजर्स की संख्या के आधार पर पेयजल आपूर्ति की गुणवत्ता या शिकायतों के निस्तारण की सफलता का आकलन नहीं किया जा सकता। इसके लिए संबंधित योजनाओं की प्रगति और शिकायतों के समाधान से जुड़े आंकड़े भी महत्वपूर्ण हैं।

कानपुर देहात में ऐप की पहुंच बढ़ाने के लिए विभागीय स्तर पर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, ग्रामीणों को ऐप के फीचर्स और इसके उपयोग की जानकारी दी जा रही है, ताकि वे पेयजल संबंधी समस्याओं की सूचना संबंधित विभाग तक पहुंचा सकें।

यूपी समेत अन्य राज्यों में 3.47 लाख से अधिक यूजर्स

जल सारथी ऐप का इस्तेमाल उत्तर प्रदेश के साथ अन्य राज्यों में भी किया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश और दूसरे राज्यों को मिलाकर ऐप के कुल यूजर्स की संख्या 3,47,823 बताई गई है।

ऐप के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को पेयजल योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने के लिए अलग-अलग कार्यालयों पर निर्भर रहने की जरूरत कम हो सकती है। एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध सूचनाओं से नागरिक अपने गांव और क्षेत्र में संचालित पेयजल परियोजनाओं की स्थिति देख सकते हैं।

इसके साथ ही, डिजिटल माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की सुविधा लोगों को अपनी समस्या सीधे संबंधित व्यवस्था तक पहुंचाने का अवसर देती है। हालांकि, शिकायत का समाधान संबंधित विभाग की कार्रवाई और उपलब्ध संसाधनों पर निर्भर करेगा।

एक क्लिक पर मिलेगी पेयजल योजनाओं की जानकारी

जल सारथी ऐप की प्रमुख विशेषता यह है कि इसमें ग्रामीण पेयजल योजनाओं से जुड़ी कई तरह की जानकारियां उपलब्ध कराई जाती हैं। इनमें गांव और ब्लॉक के स्तर पर जलापूर्ति की स्थिति, जिला स्तर पर परियोजनाओं की प्रगति और ग्राम पंचायतों से संबंधित डैशबोर्ड शामिल हैं।

इसके अलावा, ऐप पर जल अवसंरचना और परियोजनाओं की स्थिति की निगरानी से जुड़ी जानकारियां भी उपलब्ध हैं। हर घर जल योजना के तहत घरेलू नल कनेक्शन से संबंधित आंकड़े, जीआईएस मैपिंग और जल परिसंपत्तियों का विवरण भी इस प्लेटफॉर्म की उपयोगी सुविधाओं में शामिल हैं।

इन सुविधाओं के माध्यम से ग्रामीण अपने क्षेत्र की पेयजल व्यवस्था के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। वहीं, विभागीय अधिकारी और इंजीनियर भी उपलब्ध आंकड़ों की मदद से योजनाओं की प्रगति पर नजर रख सकते हैं।

इस तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल सूचना तक पहुंच आसान बनाने के साथ-साथ योजनाओं की निगरानी में भी सहायक हो सकता है।

शिकायत दर्ज करने और उसकी स्थिति जानने की सुविधा

ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति बाधित होने, नल कनेक्शन या योजना से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए शिकायत दर्ज कराना जरूरी होता है। जल सारथी ऐप नागरिकों को पेयजल संबंधी शिकायत और सुझाव दर्ज कराने की सुविधा देता है।

इसके साथ ही शिकायतकर्ता अपनी शिकायत की स्थिति भी ट्रैक कर सकते हैं। इससे यह जानने में मदद मिल सकती है कि शिकायत किस स्थिति में है और उसके निस्तारण की प्रक्रिया कहां तक पहुंची है।

डिजिटल माध्यम से शिकायत दर्ज होने पर संबंधित जानकारी उपलब्ध रहने की संभावना बढ़ती है। इसके परिणामस्वरूप शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा मिल सकता है। हालांकि, इसका वास्तविक लाभ शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई और विभागीय निगरानी पर निर्भर करेगा।

हिंदी और अंग्रेजी में उपलब्ध है ऐप

जल सारथी ऐप को विभिन्न वर्गों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें हिंदी और अंग्रेजी भाषा के विकल्प दिए गए हैं, जिससे अलग-अलग भाषा की सुविधा चाहने वाले लोग इसका उपयोग कर सकते हैं।

आम नागरिकों के अलावा ग्राम पंचायत प्रतिनिधि, सरकारी अधिकारी, इंजीनियर, कर्मचारी और निगरानी एजेंसियां भी ऐप पर उपलब्ध जानकारियों का इस्तेमाल कर सकती हैं। गांव और जिला स्तर पर पेयजल योजनाओं का अवलोकन करने की सुविधा से संबंधित पक्षों को आवश्यक जानकारी एक स्थान पर मिल सकती है।

हालांकि, ऐप की सभी सुविधाओं का लाभ लेने के लिए उपयोगकर्ताओं को इसके विकल्पों और शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया की जानकारी होना जरूरी है। इसी वजह से ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

गांव-गांव जाकर ग्रामीणों को जागरूक कर रही टीम

कानपुर देहात के अधिशासी अभियंता टीकाराम कटारिया के अनुसार, जिले में जल सारथी ऐप के यूजर्स की संख्या 4,522 तक पहुंच गई है। उन्होंने बताया कि जिला परियोजना प्रबंधन इकाई (डीपीएमयू) की टीम गांव-गांव जाकर लोगों को ऐप के बारे में जानकारी देती है।

इस दौरान ग्रामीणों को ऐप का उपयोग करने, पेयजल योजनाओं से संबंधित जानकारी देखने और अपनी समस्याएं दर्ज कराने के तरीके समझाए जाते हैं। विभाग का प्रयास है कि अधिक से अधिक लोग डिजिटल माध्यम का इस्तेमाल कर सकें और पेयजल आपूर्ति से जुड़ी जानकारी तक उनकी पहुंच आसान हो।

कुल मिलाकर, जल सारथी ऐप ग्रामीण पेयजल योजनाओं की जानकारी, शिकायत दर्ज करने और उनकी स्थिति जानने के लिए एक डिजिटल माध्यम उपलब्ध कराता है। कानपुर देहात में 4,522 यूजर्स तक पहुंचना इस ऐप के इस्तेमाल का संकेत है। अब इसकी उपयोगिता इस बात पर भी निर्भर करेगी कि ग्रामीणों को समय पर जानकारी मिले और दर्ज शिकायतों का प्रभावी ढंग से निस्तारण किया जाए।

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