मुरादाबाद में 315 जोड़ों का सामूहिक विवाह, एक पंडाल में गूंजे वैदिक मंत्र और निकाह
रिपोर्ट – मोहम्मद अरशद
मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 315 जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधे। बुद्धि विहार स्थित एमडीए ग्राउंड में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह खुशियों, नई उम्मीदों और सामाजिक समरसता का प्रतीक बना। एक ही पंडाल में कहीं वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सात फेरे लिए गए, तो कहीं मुस्लिम जोड़ों का निकाह उनकी धार्मिक परंपराओं के अनुसार संपन्न कराया गया। इस आयोजन ने विभिन्न धार्मिक परंपराओं के सम्मान और आपसी सौहार्द का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संचालित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बेटियों के विवाह में सहायता उपलब्ध कराना है। इसी क्रम में आयोजित कार्यक्रम में नवदंपतियों को जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने आशीर्वाद दिया तथा उनके सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की।
एक ही पंडाल में संपन्न हुईं विवाह की रस्में
बुद्धि विहार में सर्किट हाउस के पीछे स्थित एमडीए ग्राउंड में आयोजित समारोह के दौरान उत्साह और उल्लास का माहौल रहा। कार्यक्रम में कुल 315 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया। परिवारों और उपस्थित लोगों ने नवदंपतियों को शुभकामनाएं दीं।
समारोह की खास बात यह रही कि अलग-अलग धार्मिक परंपराओं के अनुसार विवाह की रस्में एक ही आयोजन स्थल पर संपन्न हुईं। हिंदू जोड़ों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए सात फेरे लिए। वहीं, मुस्लिम जोड़ों का निकाह उनकी धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं के अनुसार कराया गया।
इस तरह कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि सरकारी योजनाओं के माध्यम से विभिन्न समुदायों के परिवारों को समान रूप से सहायता उपलब्ध कराई जा सकती है। साथ ही, सामूहिक आयोजन आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए सहयोग और सामाजिक सहभागिता का अवसर भी बन सकते हैं।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना से जरूरतमंद परिवारों को सहारा
बेटी का विवाह हर परिवार के जीवन का महत्वपूर्ण अवसर होता है। हालांकि, सीमित आय वाले परिवारों के लिए विवाह की व्यवस्थाएं करना कई बार आर्थिक चुनौती बन जाता है। ऐसे में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सहायता देने और विवाह समारोह को सम्मानपूर्वक संपन्न कराने में मदद करती है।
मुरादाबाद में आयोजित इस समारोह में भी योजना के इसी उद्देश्य को प्रमुखता मिली। सामूहिक विवाह के माध्यम से एक साथ बड़ी संख्या में जोड़ों का विवाह कराया गया, जिससे पात्र परिवारों को सरकारी सहायता का लाभ मिल सके।
इसके अतिरिक्त, इस प्रकार के आयोजन परिवारों को सामाजिक सहयोग का अनुभव कराते हैं। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी से कार्यक्रम को प्रशासनिक समर्थन भी मिला। हालांकि, योजना का लाभ निर्धारित पात्रता और सरकारी नियमों के अनुसार ही दिया जाता है।
प्रति जोड़ा एक लाख रुपये के मानक के अनुसार धनराशि का प्रावधान
कार्यक्रम में उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत प्रति जोड़ा एक लाख रुपये के निर्धारित मानक के अनुसार कुल 3 करोड़ 15 लाख रुपये की धनराशि का प्रावधान किया गया।
बताए गए विवरण के मुताबिक, इस राशि में वधू के बैंक खाते में 64 हजार रुपये देने का प्रावधान है। इसके अलावा, 21 हजार रुपये के निर्धारित प्रावधान के तहत उपहार सामग्री और 15 हजार रुपये विवाह समारोह की व्यवस्थाओं के लिए निर्धारित हैं।
इस तरह योजना के माध्यम से आर्थिक सहायता के साथ विवाह से जुड़ी आवश्यक व्यवस्थाओं में भी सहयोग देने का उद्देश्य है। हालांकि, वास्तविक भुगतान और सहायता का वितरण योजना के लागू नियमों, पात्रता तथा संबंधित विभाग की प्रक्रिया के अनुसार होता है।
आर्थिक मदद का उद्देश्य परिवारों पर विवाह से जुड़ा खर्च कम करने में सहयोग देना है, ताकि सीमित संसाधनों वाले परिवार भी अपनी बेटियों का विवाह सम्मानपूर्वक संपन्न करा सकें।
जनप्रतिनिधियों ने नवदंपतियों को दिया आशीर्वाद
सामूहिक विवाह समारोह में नगर विधायक रितेश गुप्ता, एमएलसी गोपाल अंजान और एमएलसी डॉ. जयपाल सिंह व्यस्त सहित अन्य जनप्रतिनिधि शामिल हुए। उन्होंने नवविवाहित जोड़ों को शुभकामनाएं दीं और उनके सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की।
जनप्रतिनिधियों ने योजना को जरूरतमंद परिवारों के लिए उपयोगी बताते हुए कहा कि ऐसे प्रयास बेटियों के विवाह में आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके साथ ही, पात्र परिवारों को सरकारी सहायता मिलने से उन्हें विवाह की व्यवस्थाएं करने में सहूलियत मिलती है।
समारोह में प्रशासनिक अधिकारियों ने भी भाग लिया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी मृणाली अविनाश जोशी, परियोजना निदेशक श्वेतांग पाण्डेय और जिला समाज कल्याण अधिकारी प्रज्ञा बाजपेयी सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
सामाजिक समरसता और आपसी सौहार्द का संदेश
मुरादाबाद में 315 जोड़ों का सामूहिक विवाह केवल एक आयोजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने आर्थिक सहायता और सामाजिक सहभागिता के महत्व को भी सामने रखा। एक ही परिसर में अलग-अलग धार्मिक परंपराओं के अनुसार विवाह संपन्न होना कार्यक्रम की प्रमुख विशेषता रही।
जहां एक ओर योजना के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया, वहीं दूसरी ओर समारोह ने विभिन्न समुदायों की परंपराओं के सम्मान और आपसी सौहार्द का संदेश भी दिया।
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में 315 जोड़ों ने नए जीवन की शुरुआत की। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उपस्थिति के बीच संपन्न हुए इस समारोह ने यह रेखांकित किया कि सरकारी सहायता योजनाएं पात्र परिवारों के लिए उपयोगी सहारा बन सकती हैं। साथ ही, ऐसे आयोजन सामाजिक समरसता, सहयोग और सम्मान की भावना को मजबूत करने का अवसर भी प्रदान करते हैं।

