कानपुर सेंट्रल पर 20 मिनट में मिली बिछड़ी 12 वर्षीय बालिका, जीआरपी ने पिता को सौंपा
रिपोर्ट – हनुमंत सिंह
कानपुर: कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने तत्परता और संवेदनशीलता दिखाते हुए यात्रा के दौरान अपने पिता से बिछड़ी 12 वर्षीय बालिका को महज 20 मिनट में सकुशल तलाश लिया। ऑपरेशन मुस्कान के तहत की गई इस कार्रवाई के बाद बालिका को आवश्यक पुष्टि के पश्चात उसके पिता के सुपुर्द कर दिया गया। बेटी के सुरक्षित मिलने पर पिता ने राहत की सांस ली और जीआरपी की कार्यशैली की सराहना करते हुए पुलिसकर्मियों का आभार जताया।
रेलवे स्टेशन जैसे व्यस्त सार्वजनिक स्थान पर किसी बच्चे का परिवार से बिछड़ जाना चिंता का कारण बन सकता है। ऐसे में समय पर सूचना देना और पुलिस की मदद लेना बेहद महत्वपूर्ण होता है। इस मामले में भी पिता की सूचना मिलने के बाद जीआरपी ने तुरंत तलाश शुरू की और कुछ ही समय में बालिका को खोज लिया।
यात्रा के दौरान पिता से बिछड़ गई थी बालिका
जीआरपी से मिली जानकारी के अनुसार, 26 अक्टूबर को कन्नौज जिले के तालग्राम थाना क्षेत्र के सिल्वापुर निवासी योगेंद्र सिंह अपनी लगभग 12 वर्षीय बेटी के साथ यात्रा कर रहे थे। इसी दौरान किसी वजह से बालिका अपने पिता से अलग हो गई।
पिता ने स्टेशन परिसर में बेटी को तलाशने का प्रयास किया, लेकिन काफी खोजबीन के बाद भी उसका पता नहीं चल सका। इसके बाद उन्होंने जीआरपी कानपुर सेंट्रल थाने पहुंचकर पुलिस को घटना की जानकारी दी और बालिका को खोजने में मदद मांगी।
सूचना मिलने के बाद जीआरपी ने मामले को गंभीरता से लिया। बालिका की उम्र को ध्यान में रखते हुए पुलिसकर्मियों ने तत्काल तलाश शुरू की, ताकि उसे जल्द से जल्द सुरक्षित उसके परिवार तक पहुंचाया जा सके।
सूचना मिलते ही जीआरपी ने शुरू की तलाश
बालिका के लापता होने की सूचना मिलने पर थाना प्रभारी निरीक्षक ओम नारायण सिंह ने तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) और प्लेटफॉर्म ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को बालिका की तलाश में लगाया।
इसके बाद पुलिस टीम ने पिता से बालिका के पहनावे और हुलिए से संबंधित जानकारी प्राप्त की। इसी जानकारी के आधार पर स्टेशन परिसर और प्लेटफॉर्म पर खोजबीन शुरू की गई। पुलिसकर्मियों ने आसपास के क्षेत्रों में भी सतर्कता के साथ तलाश की, ताकि बालिका का पता लगाया जा सके।
जीआरपी की टीम ने आपसी समन्वय के साथ काम किया। परिणामस्वरूप, सूचना मिलने के महज 20 मिनट के भीतर प्लेटफॉर्म संख्या 6/7 पर बालिका अकेली मिल गई। पुलिस के मुताबिक, बालिका सकुशल थी।
प्लेटफॉर्म संख्या 6/7 से मिली बालिका
तलाश के दौरान प्लेटफॉर्म संख्या 6/7 पर बालिका के मिलने के बाद जीआरपी ने उसे सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया। इसके बाद उसे थाने ले जाया गया और आवश्यक प्रक्रिया पूरी की गई।
पुलिस ने बालिका की पहचान की पुष्टि करने के बाद उसे उसके पिता योगेंद्र सिंह के सुपुर्द कर दिया। बेटी के सकुशल मिलने से पिता की चिंता दूर हुई। उन्होंने जीआरपी के अधिकारियों और कर्मचारियों का धन्यवाद किया तथा कम समय में की गई कार्रवाई की सराहना की।
इस घटना में पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण रही। समय पर सूचना मिलने और बालिका के हुलिए के आधार पर तलाश किए जाने से उसे जल्द खोजने में मदद मिली। साथ ही, पुलिसकर्मियों के बीच समन्वय ने भी कार्रवाई को आगे बढ़ाने में भूमिका निभाई।
ऑपरेशन मुस्कान के तहत की गई कार्रवाई
जीआरपी के अनुसार, यह कार्रवाई ऑपरेशन मुस्कान और मिशन शक्ति फेज-6 के तहत की गई। ऑपरेशन मुस्कान का उद्देश्य बिछड़े या लापता बच्चों को तलाशकर सुरक्षित उनके परिवारों तक पहुंचाने के प्रयासों को मजबूत करना है।
रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री आते-जाते हैं। ऐसे में बच्चों के परिवार से अलग होने की स्थिति में तत्काल सहायता और सतर्कता की आवश्यकता होती है। जीआरपी स्टेशन परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ ऐसी परिस्थितियों में भी कार्रवाई करती है।
इस मामले में पुलिस ने बालिका की पहचान से संबंधित जानकारी जुटाई और उसके आधार पर तलाश की। इसके बाद उसे सुरक्षित बरामद कर परिवार के सुपुर्द किया गया। यह कार्रवाई दर्शाती है कि समय पर सूचना मिलने पर संबंधित एजेंसियां त्वरित कदम उठाकर मदद कर सकती हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई
जीआरपी के मुताबिक, यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक रेलवे प्रकाश डी., पुलिस महानिरीक्षक रेलवे प्रयागराज एन. कोलांची और पुलिस अधीक्षक रेलवे अनुभाग प्रयागराज प्रशांत वर्मा के निर्देशन में की गई। वहीं, क्षेत्राधिकारी रेलवे कानपुर शेषमणि उपाध्याय के पर्यवेक्षण में टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया।
बालिका को खोजने और उसके पिता के सुपुर्द करने की इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक ओम नारायण सिंह, वरिष्ठ उपनिरीक्षक मोहित कुमार और उपनिरीक्षक शशिकांत सरोज शामिल रहे। इनके साथ हेड कांस्टेबल हेमंत कुमार, शिव सिंह, वैश खान और सत्येंद्र सिंह तथा कांस्टेबल सूर्यकांत यादव ने भी सहयोग किया।
यात्रियों के लिए जरूरी संदेश
कानपुर सेंट्रल की यह घटना यात्रियों को सतर्क रहने का संदेश भी देती है। रेलवे स्टेशन पर भीड़ के बीच बच्चों को अपने साथ रखना और उनकी गतिविधियों पर ध्यान देना आवश्यक है। यदि कोई बच्चा अपने परिवार से बिछड़ जाए, तो घबराने के बजाय तुरंत रेलवे पुलिस या स्टेशन पर तैनात सुरक्षा कर्मियों को सूचना देनी चाहिए।
कुल मिलाकर, कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर जीआरपी ने सूचना मिलने के बाद तेजी से कार्रवाई करते हुए 12 वर्षीय बालिका को 20 मिनट के भीतर तलाश लिया। इसके बाद उसे उसके पिता के सुपुर्द कर दिया गया। ऑपरेशन मुस्कान के तहत हुई इस कार्रवाई से परिवार को राहत मिली और पुलिस की तत्परता सामने आई।

