आजमगढ़ के एकरामपुर में महर्षि वाल्मीकि जयंती पर चला विशेष स्वच्छता अभियान, ग्रामीणों को किया जागरूक

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रिपोर्ट – पित्तेश्वर कुमार 

आजमगढ़: महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर आजमगढ़ जिले में स्वच्छता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में विकासखंड पल्हनी की ग्राम पंचायत एकरामपुर में सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को बाबा की कुटिया के पास स्थित मेला परिसर में साफ-सफाई कराई गई। ग्राम प्रधान की देखरेख में आयोजित इस अभियान के तहत मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ बनाने के साथ ग्रामीणों को भी साफ-सफाई के प्रति जागरूक किया गया।

जिला पंचायत राज अधिकारी के निर्देश पर जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में मंदिरों, पूजा स्थलों और कीर्तन स्थलों के आसपास सफाई अभियान चलाने पर जोर दिया जा रहा है। इसके तहत सार्वजनिक और धार्मिक स्थलों पर जमा कचरे को हटाने, सड़कों की पटरियों की सफाई करने, झाड़ू लगाने तथा जरूरत के अनुसार चूने और दवा का छिड़काव करने जैसे कार्य किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य धार्मिक आयोजनों के दौरान स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के साथ लोगों को साफ-सफाई के प्रति जिम्मेदार बनाना है।

एकरामपुर के मेला परिसर में चला सफाई अभियान

ग्राम पंचायत एकरामपुर में बाबा की कुटिया के पास स्थित मेला परिसर में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस दौरान परिसर और उसके आसपास के क्षेत्रों की सफाई की गई। अभियान के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि धार्मिक स्थल और सार्वजनिक स्थान केवल आयोजनों के समय ही नहीं, बल्कि सामान्य दिनों में भी स्वच्छ रखे जाने चाहिए।

महर्षि वाल्मीकि जयंती जैसे अवसरों पर धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों में लोगों की भागीदारी बढ़ती है। ऐसे में आयोजन स्थलों की साफ-सफाई का विशेष महत्व होता है। स्वच्छ परिसर से लोगों को बेहतर वातावरण मिलता है और कचरे के अनुचित निस्तारण से होने वाली परेशानियों को भी कम करने में मदद मिल सकती है।

इसी को ध्यान में रखते हुए एकरामपुर में मेला स्थल की सफाई पर ध्यान दिया गया। ग्राम प्रधान की देखरेख में हुए इस कार्य में स्थानीय लोगों ने भी सहभागिता की।

जिला पंचायत राज अधिकारी के निर्देश पर अभियान

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिला पंचायत राज अधिकारी के निर्देश पर विकासखंड की सभी ग्राम पंचायतों में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत मंदिरों, पूजा स्थलों और कीर्तन स्थलों के आसपास साफ-सफाई कराने पर जोर दिया गया है।

अभियान में सड़कों की पटरियों से कचरा हटाने, झाड़ू लगाने और आवश्यकता के अनुसार चूने तथा दवा का छिड़काव करने जैसे कार्य शामिल हैं। इन गतिविधियों का उद्देश्य सार्वजनिक स्थलों को साफ-सुथरा रखना और धार्मिक आयोजनों के दौरान स्वच्छता संबंधी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाना है।

इसके अलावा, नियमित सफाई से आसपास के वातावरण को व्यवस्थित रखने में मदद मिलती है। हालांकि, स्वच्छता का प्रभाव तभी लंबे समय तक बना रह सकता है, जब सफाई के बाद भी लोग कचरा निर्धारित स्थान पर डालें और सार्वजनिक जगहों को गंदा करने से बचें।

ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति किया गया जागरूक

अभियान के दौरान ग्रामीणों से अपील की गई कि वे अपने घरों के साथ-साथ आसपास के सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता का भी ध्यान रखें। लोगों को समझाया गया कि कूड़ा इधर-उधर फेंकने से बचना चाहिए और धार्मिक स्थलों, मेला परिसरों तथा सड़कों के आसपास सफाई बनाए रखने में सहयोग करना चाहिए।

स्वच्छता केवल किसी एक व्यक्ति या विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। इसके लिए स्थानीय प्रशासन, ग्राम पंचायत और आम नागरिकों की सामूहिक भागीदारी जरूरी होती है। यदि लोग अपने आसपास कचरा जमा न होने दें और नियमित सफाई में सहयोग करें, तो गांवों में स्वच्छ वातावरण बनाए रखना आसान हो सकता है।

इसी तरह, धार्मिक आयोजनों में शामिल होने वाले लोगों की भी जिम्मेदारी है कि वे परिसर को साफ रखें। पूजा सामग्री और अन्य कचरे को उचित स्थान पर डालना तथा सफाई व्यवस्था में सहयोग करना छोटे लेकिन महत्वपूर्ण कदम हैं।

महर्षि वाल्मीकि जयंती पर स्वच्छता का संदेश

महर्षि वाल्मीकि जयंती भारतीय सांस्कृतिक और साहित्यिक परंपरा से जुड़ा महत्वपूर्ण अवसर है। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से उनके योगदान को याद करने के साथ सामाजिक जागरूकता से जुड़े संदेश भी दिए जाते हैं।

एकरामपुर में चलाया गया स्वच्छता अभियान इसी क्रम में सार्वजनिक और धार्मिक स्थलों को साफ रखने की पहल के रूप में सामने आया। इस तरह के प्रयास लोगों को यह समझाने में मदद करते हैं कि स्वच्छता का संबंध केवल किसी विशेष आयोजन से नहीं, बल्कि रोजमर्रा की आदतों से भी है।

इसके साथ ही, सामूहिक रूप से किए गए सफाई कार्य ग्रामीणों में सहभागिता की भावना को बढ़ावा दे सकते हैं। यदि स्थानीय लोग सफाई व्यवस्था को नियमित रूप से बनाए रखने का संकल्प लें, तो ऐसे अभियान का लाभ लंबे समय तक मिल सकता है।

अभियान में स्थानीय लोगों की रही भागीदारी

ग्राम पंचायत एकरामपुर में आयोजित विशेष स्वच्छता अभियान के दौरान गुलाब चौरसिया, अभय चौहान, रामबचन और सुनील यादव सहित अन्य लोग मौजूद रहे। अभियान में उनकी सहभागिता के साथ मेला परिसर और आसपास के क्षेत्र को साफ रखने का प्रयास किया गया।

स्थानीय लोगों की भागीदारी ऐसे अभियानों को प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण होती है। जब ग्रामीण स्वयं सार्वजनिक स्थानों की साफ-सफाई में सहयोग करते हैं, तो स्वच्छता के प्रति सामुदायिक जिम्मेदारी मजबूत होती है।

महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर आजमगढ़ के पल्हनी विकासखंड की ग्राम पंचायत एकरामपुर में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। बाबा की कुटिया के पास स्थित मेला परिसर की सफाई कर ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। अभियान के माध्यम से लोगों से अपील की गई कि वे धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों को साफ रखने में नियमित सहयोग करें।

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