कानपुर में बारिश के बाद जलभराव से निपटने के लिए नगर निगम सक्रिय, नालों की सफाई और फॉगिंग अभियान तेज

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रिपोर्ट- विवेक दीक्षित

कानपुर: शहर में हाल ही में हुई बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव, नालियों के चोक होने और जल निकासी में बाधा जैसी समस्याएं सामने आईं। कई स्थानों पर सड़कों और गलियों में पानी भरने से लोगों को आवागमन में कठिनाई का सामना करना पड़ा। इन परिस्थितियों को देखते हुए कानपुर नगर निगम ने जलभराव की समस्या के समाधान और संभावित संक्रमणजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए विशेष अभियान शुरू किया है।

नगर निगम के अनुसार, शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने, बड़े और छोटे नालों की सफाई कराने, फॉगिंग कराने तथा दवाओं का छिड़काव करने का कार्य लगातार किया जा रहा है। इसके साथ ही सभी जोनों को क्षेत्रवार जिम्मेदारी सौंपकर निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि बारिश के दौरान नागरिकों को कम से कम परेशानी हो।

बारिश के बाद कई इलाकों में सामने आई जलभराव की समस्या

हाल की बारिश के बाद शहर के कई हिस्सों में जलभराव की शिकायतें मिलीं। कुछ स्थानों पर नालियां अवरुद्ध होने के कारण पानी की निकासी प्रभावित हुई, जबकि कई मोहल्लों में गलियों और सड़कों पर पानी जमा हो गया।

नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि बारिश के समय यदि नालियां और क्रॉस पाइप अवरुद्ध हो जाएं तो जल निकासी प्रभावित होती है, जिससे जलभराव की स्थिति उत्पन्न होती है। इसलिए इस बार बारिश के बाद तत्काल सफाई अभियान तेज किया गया है।

नगर निगम ने शुरू किया विशेष सफाई अभियान

नगर स्वास्थ्य अधिकारी अमित सिंह गौर ने बताया कि नगर निगम लगातार जल निकासी व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए कार्य कर रहा है।उन्होंने कहा कि शहर के प्रमुख और बड़े नालों की सफाई पहले ही कराई जा चुकी है। वहीं, छोटे नालों, गलियों और मोहल्लों में स्थित नालियों की सफाई का कार्य भी तेजी से चल रहा है। इसके अतिरिक्त जहां आवश्यकता महसूस की जा रही है, वहां मशीनों और सफाई कर्मियों की अतिरिक्त टीमें भी लगाई जा रही हैं।

क्रॉस पाइप और गली पिट की भी हो रही सफाई

नगर निगम के अनुसार, केवल बड़े नालों की सफाई पर्याप्त नहीं होती। इसलिए जल निकासी को प्रभावी बनाने के लिए क्रॉस पाइप, गली पिट और छोटी जल निकासी संरचनाओं की भी नियमित सफाई और मरम्मत की जा रही है।

नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि कई स्थानों पर जलभराव का कारण छोटे पाइपों का अवरुद्ध होना भी होता है। ऐसे में संबंधित क्षेत्रों में तकनीकी टीमों को भेजकर समस्या का समाधान कराया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इन कार्यों के पूरा होने से वर्षा जल की निकासी पहले की तुलना में अधिक सुचारु होने की उम्मीद है।

जलभराव वाले क्षेत्रों में दवाओं का छिड़काव और फॉगिंग

बारिश के बाद जलभराव वाले क्षेत्रों में मच्छरों के पनपने और संक्रमण फैलने की आशंका को देखते हुए नगर निगम ने फॉगिंग और एंटी-लार्वा दवा छिड़काव का अभियान भी तेज कर दिया है।

नगर निगम की टीमें विभिन्न वार्डों में जाकर जलभराव वाले स्थानों का निरीक्षण कर रही हैं और आवश्यकतानुसार दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है।

इसके साथ ही नियमित रूप से फॉगिंग कर मच्छरों की संख्या नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि डेंगू, मलेरिया और अन्य मच्छरजनित रोगों की संभावना को कम किया जा सके।

सभी जोनों को सौंपी गई जिम्मेदारी

नगर निगम ने शहर के प्रत्येक जोन को अपने-अपने क्षेत्र में जल निकासी व्यवस्था की निगरानी और सुधार की जिम्मेदारी दी है।

अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमित रूप से क्षेत्र का निरीक्षण करें और जहां भी जलभराव या नालियों के चोक होने की शिकायत मिले, वहां तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें। इसके अलावा, नगर निगम की विशेष टीमें भी संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

संचारी रोग नियंत्रण अभियान भी जारी

नगर स्वास्थ्य अधिकारी अमित सिंह गौर ने बताया कि 1 जुलाई से संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की टीमें शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी लोगों को जागरूक कर रही हैं। स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर आवश्यक जानकारी दे रहे हैं तथा संक्रमणजनित बीमारियों की रोकथाम के संबंध में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि समय रहते जागरूकता और सफाई दोनों आवश्यक हैं, ताकि बरसात के मौसम में बीमारियों के प्रसार को नियंत्रित किया जा सके।

नागरिकों से भी सहयोग की अपील

नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घरों और आसपास पानी जमा न होने दें।

इसके अलावा, नालियों में कूड़ा-कचरा न डालें, क्योंकि इससे जल निकासी बाधित होती है और बारिश के समय जलभराव की समस्या बढ़ सकती है।

यदि किसी क्षेत्र में जलभराव, नाली चोक होने या सफाई संबंधी समस्या दिखाई देती है, तो नागरिक नगर निगम के संबंधित जोन कार्यालय या शिकायत प्रणाली के माध्यम से सूचना दे सकते हैं।

मानसून में सफाई व्यवस्था की बढ़ जाती है अहमियत

विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून के दौरान नियमित सफाई, समय पर जल निकासी और फॉगिंग जैसी व्यवस्थाएं सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण होती हैं।

यदि बारिश का पानी लंबे समय तक जमा रहता है, तो मच्छरों के प्रजनन की संभावना बढ़ सकती है। इसलिए स्थानीय निकायों के साथ-साथ नागरिकों की भागीदारी भी आवश्यक मानी जाती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ लोगों को साफ-सफाई बनाए रखने, स्वच्छ पेयजल का उपयोग करने और बुखार या अन्य लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेने की सलाह देते हैं।

शहर को जलभराव मुक्त बनाने की दिशा में प्रयास जारी

नगर निगम का कहना है कि बारिश के मौसम को देखते हुए जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने और सफाई अभियान को निरंतर जारी रखा जाएगा।

बड़े नालों की सफाई, छोटे नालों का रखरखाव, फॉगिंग, दवा छिड़काव और संचारी रोग नियंत्रण अभियान को समानांतर रूप से चलाया जा रहा है, ताकि नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

आने वाले दिनों में यदि बारिश का दौर जारी रहता है, तो नगर निगम की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी करेंगी और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन भी लगाए जाएंगे।

प्रशासन का उद्देश्य जलभराव की समस्या को कम करना और शहरवासियों को सुरक्षित एवं स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना है।

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