कानपुर में भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के संगठन विस्तार पर मंथन, एक सप्ताह में नगर अध्यक्ष और महामंत्री की घोषणा

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 रिपोर्ट- विक्की रघुवंशी

कानपुर:  शहर में व्यापारिक संगठनों की सक्रियता के बीच भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के संगठन विस्तार को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

माल रोड स्थित वरिष्ठ व्यापारी सुभाष गुप्ता के प्रतिष्ठान पर आयोजित इस बैठक में संगठन के प्रदेश पदाधिकारियों और शहर के प्रमुख व्यापारी नेताओं ने भाग लिया।

बैठक में संगठन की भावी रणनीति, कानपुर महानगर इकाई के गठन, व्यापारियों की भागीदारी बढ़ाने तथा संगठन को अधिक प्रभावी बनाने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक की सबसे महत्वपूर्ण घोषणा यह रही कि भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश डिप्टी चेयरमैन श्याम मोहन दुबे ने बताया कि कानपुर महानगर इकाई के नगर अध्यक्ष और महामंत्री के नामों की घोषणा एक सप्ताह के भीतर कर दी जाएगी। इस घोषणा के बाद स्थानीय व्यापारिक समुदाय में संगठन के नए नेतृत्व को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

संगठन विस्तार को लेकर हुई महत्वपूर्ण बैठक

भारतीय उद्योग व्यापार मंडल की बैठक का उद्देश्य कानपुर महानगर में संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करना और व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए एक प्रभावी मंच तैयार करना था।

बैठक में उपस्थित व्यापारिक नेताओं ने कहा कि बदलते आर्थिक और कारोबारी परिवेश में व्यापारियों की आवाज को संगठित तरीके से उठाना आवश्यक है। इसके लिए मजबूत संगठनात्मक संरचना और सक्रिय नेतृत्व की जरूरत है।

इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए महानगर इकाई के गठन की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने पर विचार-विमर्श किया गया।

एक सप्ताह में होगी नए पदाधिकारियों की घोषणा

बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश डिप्टी चेयरमैन श्याम मोहन दुबे ने कहा कि संगठन कानपुर महानगर में नई कार्यकारिणी के गठन की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ा रहा है।

उन्होंने बताया कि संगठन के नगर अध्यक्ष और महामंत्री के पदों के लिए विचार-विमर्श अंतिम चरण में है तथा अगले एक सप्ताह के भीतर दोनों पदों की आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि नए पदाधिकारियों का चयन संगठन की कार्यशैली, अनुभव, व्यापारी हितों के प्रति प्रतिबद्धता और सक्रियता जैसे विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर किया जाएगा।

व्यापारियों को एकजुट करने पर दिया गया जोर

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में व्यापारिक समुदाय अनेक प्रकार की चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे में व्यापारियों के बीच समन्वय और संगठनात्मक एकजुटता पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।

उन्होंने कहा कि यदि व्यापारी एक मजबूत मंच से जुड़े रहेंगे तो उनकी समस्याओं को संबंधित विभागों और प्रशासन के समक्ष अधिक प्रभावी ढंग से रखा जा सकेगा।

इसके साथ ही छोटे, मध्यम और बड़े सभी वर्गों के व्यापारियों को संगठन से जोड़ने पर भी बल दिया गया।

व्यापारी हितों की रक्षा के लिए मजबूत संगठन जरूरी

बैठक के दौरान विभिन्न व्यापारिक नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि व्यापारियों के हितों की सुरक्षा, व्यापारिक वातावरण में सुधार और प्रशासन के साथ बेहतर संवाद के लिए एक सक्रिय संगठन की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।

उन्होंने कहा कि भारतीय उद्योग व्यापार मंडल भविष्य में व्यापारिक समस्याओं, बाजार विकास, व्यापारिक सुविधाओं और उद्यमियों से जुड़े विभिन्न विषयों पर नियमित रूप से संवाद स्थापित करेगा।

इसके अलावा संगठन के माध्यम से विभिन्न व्यापारिक क्षेत्रों के प्रतिनिधियों को भी जोड़ने की योजना पर चर्चा हुई।

भविष्य की कार्ययोजना पर भी हुआ विचार-विमर्श

बैठक में केवल पदाधिकारियों की नियुक्ति तक ही चर्चा सीमित नहीं रही, बल्कि संगठन की आगामी गतिविधियों और कार्ययोजना पर भी विस्तार से विचार किया गया।

व्यापारी नेताओं ने सुझाव दिया कि समय-समय पर व्यापारिक सम्मेलन, सदस्यता अभियान, जागरूकता कार्यक्रम और विभिन्न विषयों पर संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, ताकि संगठन की पहुंच अधिक से अधिक व्यापारियों तक हो सके।

इसके साथ ही नए सदस्यों को जोड़ने और विभिन्न बाजारों में संगठन की इकाइयों को सक्रिय करने पर भी चर्चा की गई।

शहर के प्रमुख व्यापारी नेताओं की रही मौजूदगी

बैठक में शहर के कई वरिष्ठ व्यापारी नेताओं ने भाग लिया और अपने विचार साझा किए।

इस अवसर पर संगठन के संरक्षक अरविंद चतुर्वेदी, विशाल अग्रवाल, श्रीमती दीपिका द्विवेदी, प्रदेश उपाध्यक्ष अजय मित्तल, प्रदेश संगठन मंत्री सुशील कनोडिया, संजय अग्रवाल सहित अन्य व्यापारी नेता उपस्थित रहे।

सभी वक्ताओं ने संगठन को मजबूत बनाने और अधिक से अधिक व्यापारियों को जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया।

व्यापारिक संगठनों की भूमिका पर भी हुई चर्चा

बैठक के दौरान वक्ताओं ने कहा कि व्यापारिक संगठन केवल समस्याएं उठाने का मंच नहीं होते, बल्कि वे व्यापारियों और प्रशासन के बीच संवाद स्थापित करने का महत्वपूर्ण माध्यम भी होते हैं।

उन्होंने कहा कि यदि व्यापारिक संगठन सक्रिय रहते हैं तो बाजारों के विकास, व्यापारिक सुविधाओं के विस्तार, प्रशासनिक समन्वय और विभिन्न नीतिगत विषयों पर सकारात्मक पहल संभव हो सकती है।

इसी कारण संगठनात्मक मजबूती को प्राथमिकता देने पर सभी नेताओं ने सहमति व्यक्त की।

कानपुर के व्यापारिक परिदृश्य में बढ़ सकती है सक्रियता

भारतीय उद्योग व्यापार मंडल की महानगर इकाई के गठन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शहर में संगठन की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना व्यक्त की जा रही है।

व्यापारिक जानकारों का मानना है कि यदि नई कार्यकारिणी सक्रिय रूप से कार्य करती है, तो विभिन्न बाजारों के व्यापारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सकता है और व्यापारिक मुद्दों पर संगठित रूप से पहल की जा सकती है।

हालांकि, संगठन की भावी कार्ययोजना और प्राथमिकताएं नई कार्यकारिणी के गठन के बाद अधिक स्पष्ट होंगी।

अगले सप्ताह पर रहेगी व्यापारियों की नजर

बैठक में की गई घोषणा के बाद अब शहर के व्यापारी समुदाय की नजर अगले सप्ताह होने वाली नगर अध्यक्ष और महामंत्री की घोषणा पर टिकी हुई है।

संगठन के प्रदेश नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि महानगर इकाई के गठन के बाद सदस्यता विस्तार, संगठनात्मक कार्यक्रमों और व्यापारी हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सक्रिय रूप से कार्य किया जाएगा।

ऐसे में आने वाले दिनों में भारतीय उद्योग व्यापार मंडल की कानपुर महानगर इकाई की नई टीम और उसकी कार्ययोजना व्यापारिक जगत के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।