कानपुर: रेउना पुलिस की कार्रवाई में साइबर अपराध के आरोप में 12 आरोपी गिरफ्तार, पोर्टल इनपुट पर छापेमारी

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रिपोर्ट-विक्की रघुवंशी

कानपुर: साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और डिजिटल माध्यमों से होने वाले अपराधों की रोकथाम के उद्देश्य से कमिश्नरेट कानपुर नगर पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है।

थाना रेउना पुलिस ने विशेष अभियान के तहत साइबर अपराध के आरोप में 12 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई विभिन्न साइबर अपराध पोर्टलों से प्राप्त सूचनाओं, हॉटस्पॉट विश्लेषण और मुखबिर की सूचना के आधार पर की गई।

पुलिस ने बताया कि सभी आरोपियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। मामले की विस्तृत जांच जारी है और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का परीक्षण भी किया जाएगा।

साइबर अपराध रोकथाम अभियान के तहत हुई कार्रवाई

कमिश्नरेट कानपुर नगर में पुलिस आयुक्त तथा संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) के निर्देशन में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

इसी क्रम में पुलिस उपायुक्त, अपर पुलिस उपायुक्त (ऑपरेशन), अपर पुलिस उपायुक्त दक्षिण जोन तथा सहायक पुलिस आयुक्त घाटमपुर के पर्यवेक्षण में थाना रेउना पुलिस ने यह कार्रवाई की।

पुलिस के अनुसार साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है। साथ ही डिजिटल प्लेटफॉर्म से प्राप्त सूचनाओं का विश्लेषण कर संभावित गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

विभिन्न पोर्टलों से मिली जानकारी के आधार पर बनाई गई रणनीति

पुलिस ने बताया कि कार्रवाई से पहले एनसीआरपी (NCRP) पोर्टल, समन्वय पोर्टल तथा प्रतिबिंब पोर्टल पर दर्ज साइबर अपराध संबंधी सूचनाओं का विश्लेषण किया गया।

इन पोर्टलों से प्राप्त इनपुट और साइबर अपराध के हॉटस्पॉट संबंधी सूचनाओं के आधार पर थाना रेउना पुलिस ने क्षेत्र में विशेष निगरानी शुरू की। इसी दौरान संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने अभियान को आगे बढ़ाया।

पुलिस का कहना है कि साइबर अपराध की रोकथाम के लिए तकनीकी निगरानी और फील्ड इंटेलिजेंस दोनों का समन्वय किया जा रहा है।

मुखबिर की सूचना पर हुई छापेमारी

पुलिस के अनुसार 13 जुलाई 2026 को थाना रेउना के प्रभारी निरीक्षक पुलिस बल के साथ क्षेत्र में गश्त और जांच कर रहे थे। इसी दौरान एक मुखबिर ने सूचना दी कि गिरसी नहर पुल स्थित गौशाला के पास पुरानी नहर कोठी में कुछ लोग कथित रूप से साइबर अपराध से संबंधित गतिविधियों में शामिल हैं।

सूचना मिलने के बाद थाना प्रभारी ने वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया। इसके पश्चात पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर नियोजित तरीके से चारों ओर से घेराबंदी की।

मौके से 12 आरोपी गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार घेराबंदी के दौरान मौके से 12 व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया, जिन पर साइबर अपराध से जुड़ी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है।

गिरफ्तारी के बाद सभी आरोपियों को थाना लाया गया, जहां प्रारंभिक पूछताछ की गई। इसके बाद उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर उनके विरुद्ध संबंधित धाराओं में अभियोग दर्ज किया गया।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है और आरोपियों की भूमिका का विस्तृत परीक्षण किया जाएगा।

इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की होगी जांच

साइबर अपराध से जुड़े मामलों में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और डिजिटल रिकॉर्ड की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार जांच के दौरान बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, मोबाइल फोन, कंप्यूटर, डिजिटल डेटा तथा अन्य तकनीकी साक्ष्यों का परीक्षण किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर फॉरेंसिक विशेषज्ञों की भी सहायता ली जा सकती है।

जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

साइबर अपराध के प्रति बढ़ाई निगरानी

कमिश्नरेट पुलिस का कहना है कि ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी निवेश, बैंकिंग फ्रॉड, सोशल मीडिया ठगी और अन्य साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए विशेष अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं।

इसके लिए तकनीकी पोर्टलों से प्राप्त सूचनाओं, साइबर सेल, स्थानीय पुलिस और अन्य एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित किया जा रहा है।

पुलिस का उद्देश्य केवल अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि साइबर अपराध की घटनाओं को रोकना और आम नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल वातावरण उपलब्ध कराना भी है।

नागरिकों से सतर्क रहने की अपील

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक, फर्जी निवेश योजना, ओटीपी साझा करने या बैंकिंग जानकारी देने से बचें।

यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर धोखाधड़ी होती है, तो वह तत्काल राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर शिकायत दर्ज करा सकता है। समय पर शिकायत करने से कई मामलों में धनराशि को सुरक्षित रखने की संभावना बढ़ जाती है।

इसके साथ ही पुलिस ने लोगों से अपील की कि यदि उन्हें किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले, तो तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर हेल्पलाइन को सूचित करें।

जांच पूरी होने के बाद सामने आएंगे और तथ्य

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान कार्रवाई प्रारंभिक जांच और उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर की गई है। मामले की विवेचना जारी है और जांच पूरी होने के बाद ही आरोपियों की भूमिका, अपराध के स्वरूप तथा संभावित नेटवर्क के संबंध में स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।

कानूनी प्रक्रिया के अनुसार प्रत्येक आरोपी तब तक निर्दोष माना जाता है, जब तक न्यायालय में आरोप सिद्ध नहीं हो जाते।

साइबर सुरक्षा को लेकर पुलिस की सक्रियता जारी

डिजिटल तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराध भी नई चुनौतियां प्रस्तुत कर रहे हैं। ऐसे में कमिश्नरेट कानपुर नगर पुलिस तकनीकी निगरानी, खुफिया सूचना और नियमित अभियानों के माध्यम से साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण का प्रयास कर रही है।

रेउना थाना पुलिस की यह कार्रवाई इसी अभियान का हिस्सा है। पुलिस का कहना है कि भविष्य में भी साइबर अपराध से जुड़े मामलों में इसी प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि नागरिकों की डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और ऑनलाइन अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

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