वाराणसी में ‘रोड नहीं तो टोल नहीं’ प्रदर्शन से पहले हड़कंप, पेट्रोल की बोतल मिलने पर तीन हिरासत में
रिपोर्ट – धर्मेंद्र पांण्डे
वाराणसी। चोलापुर क्षेत्र के ढेरही स्थित टोल प्लाजा को हटाने की मांग को लेकर बुधवार को प्रस्तावित धरने से पहले पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। मंगलवार रात से ही चोलापुर क्षेत्र से लेकर जौनपुर जनपद की सीमा तक पुलिस और पीएसी के जवानों की तैनाती कर दी गई थी। वहीं, धरना स्थल की ओर जाने वाले प्रमुख रास्तों पर भी पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई थी।
इसके बावजूद पूर्वांचल किसान संगठन के अध्यक्ष अजीत सिंह अपने दो साथियों के साथ रोडवेज बस से ढेरही टोल प्लाजा पहुंच गए। पुलिस के अनुसार, उनके पास से कथित तौर पर पेट्रोल से भरी एक बोतल और लाइटर बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस ने अजीत सिंह और उनके दोनों साथियों को हिरासत में ले लिया। घटना के बाद टोल प्लाजा क्षेत्र में कुछ समय के लिए गहमागहमी की स्थिति बनी रही।
पुलिस की निगरानी के बीच टोल प्लाजा पहुंचे किसान नेता
बुधवार दोपहर करीब एक बजे पूर्वांचल किसान संगठन के अध्यक्ष अजीत सिंह अपने दो साथियों के साथ वाराणसी की ओर से रोडवेज बस में सवार होकर ढेरही टोल प्लाजा पहुंचे। तीनों के हाथों में तिरंगा था और वे ‘रोड नहीं तो टोल नहीं’ के नारे लगाते हुए प्रस्तावित धरना स्थल की ओर बढ़ने लगे।
टोल प्लाजा पर पहले से ही पुलिस और पीएसी की तैनाती थी। ऐसे में किसान नेता और उनके साथियों के अचानक मौके पर पहुंचने से वहां मौजूद पुलिसकर्मियों में हलचल बढ़ गई। कुछ ही देर में आसपास के ग्रामीण भी मौके पर जुटने लगे। इसके चलते टोल प्लाजा के आसपास लोगों की भीड़ बढ़ गई और पुलिस को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी।
प्रशासन की ओर से पहले ही धरने को लेकर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी गई थी। इसके बावजूद प्रदर्शन से जुड़े लोगों का टोल प्लाजा तक पहुंचना पुलिस के लिए चुनौती बन गया।
पेट्रोल की बोतल और लाइटर मिलने का पुलिस का दावा
पुलिस के मुताबिक, अजीत सिंह के पास मौजूद एक बोतल में पेट्रोल था। पुलिस और पीएसी के जवानों ने मौके पर ही बोतल को अपने कब्जे में ले लिया। इसके साथ ही उनके पास मौजूद लाइटर भी पुलिस ने अपने कब्जे में लिया।
पेट्रोल की बोतल और लाइटर मिलने की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने मौके पर मौजूद लोगों को नियंत्रित करने की कार्रवाई शुरू की। हालांकि, पुलिस के इस दावे और बरामदगी से जुड़े तथ्यों की विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना अभी बाकी है।
मौके पर भीड़ बढ़ने के बाद कई थानों की पुलिस और पीएसी को सक्रिय किया गया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए अजीत सिंह और उनके दोनों साथियों को हिरासत में ले लिया। इसके बाद तीनों को वज्र वाहन से थाने ले जाया गया।
धरने को लेकर मंगलवार रात से ही सक्रिय था प्रशासन
ढेरही टोल प्लाजा हटाने की मांग को लेकर बुधवार को प्रस्तावित धरने को देखते हुए प्रशासन मंगलवार रात से ही सतर्क था। चोलापुर से लेकर जौनपुर जनपद की सीमा तक पुलिस और पीएसी के जवानों को तैनात किया गया था।
इसके अलावा धरने में शामिल होने की संभावना वाले लोगों की गतिविधियों पर भी पुलिस नजर रख रही थी। कई लोगों को मंगलवार रात से ही नजरबंद किए जाने की बात सामने आई। वहीं, जौनपुर की ओर से धरना स्थल पर पहुंचने का प्रयास कर रहे लोगों को जनपद की सीमा पर रोकने की जानकारी भी सामने आई।
प्रशासन ने धरना स्थल तक पहुंचने वाले प्रमुख मार्गों पर भी निगरानी बढ़ा दी थी। इसका उद्देश्य किसी भी तरह की अव्यवस्था को रोकना और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखना था।
वाराणसी और जौनपुर के अधिकारी लेते रहे सुरक्षा व्यवस्था का जायजा
प्रस्तावित धरने को देखते हुए वाराणसी और जौनपुर दोनों जनपदों का प्रशासन सतर्क रहा। अधिकारियों ने संबंधित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया और पुलिस तथा पीएसी की तैनाती की स्थिति का जायजा लिया।
दोनों जिलों की सीमा से जुड़े इलाकों में भी विशेष निगरानी रखी गई। पुलिस की कोशिश रही कि बड़ी संख्या में लोग एक स्थान पर एकत्र न हों और किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो।
हालांकि, इन तैयारियों के बीच पूर्वांचल किसान संगठन के अध्यक्ष अजीत सिंह अपने दो साथियों के साथ टोल प्लाजा तक पहुंच गए। उनके पहुंचने के बाद ग्रामीणों की भीड़ भी मौके पर जमा होने लगी। इससे कुछ समय के लिए टोल प्लाजा क्षेत्र में स्थिति संवेदनशील हो गई।
टोल प्लाजा हटाने की मांग को लेकर प्रस्तावित था धरना
पूर्वांचल किसान संगठन की ओर से ढेरही टोल प्लाजा को हटाने की मांग को लेकर धरना प्रस्तावित किया गया था। संगठन से जुड़े लोगों का कहना है कि टोल प्लाजा को लेकर उनकी मांगों पर प्रशासन को ध्यान देना चाहिए। इसी मांग को लेकर बुधवार को प्रदर्शन की तैयारी की गई थी।
प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पहले ही कई स्तर पर इंतजाम किए गए थे। वहीं, धरना स्थल तक पहुंचने वाले रास्तों पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई थी।
इसी बीच अजीत सिंह और उनके साथियों के टोल प्लाजा पहुंचने तथा पुलिस द्वारा पेट्रोल की बोतल और लाइटर बरामद किए जाने के दावे ने मामले को चर्चा में ला दिया। पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की।
फिलहाल, पूरे घटनाक्रम में पुलिस की ओर से की गई बरामदगी, हिरासत में लिए गए लोगों के खिलाफ प्रस्तावित कार्रवाई और धरने से जुड़े अन्य मामलों को लेकर विस्तृत जानकारी का इंतजार है। प्रशासन का मुख्य फोकस क्षेत्र में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर है।
इस घटना के बाद ढेरही टोल प्लाजा और आसपास के क्षेत्र में पुलिस की निगरानी बढ़ी हुई है। साथ ही, वाराणसी-जौनपुर सीमा से जुड़े इलाकों में भी सुरक्षा व्यवस्था पर अधिकारियों की नजर बनी हुई है।

