कानपुर नगर के ग्राम सचिवालयों में शुरू होंगी आधार अपडेट सेवाएं, 50 पंचायत सहायकों को मिला प्रशिक्षण
रिपोर्ट- विक्की रघुवंशी
कानपुर: ग्रामीण क्षेत्रों में आधार सेवाओं को अधिक सुलभ, पारदर्शी और नागरिकों के नजदीक पहुंचाने की दिशा में जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल की है। अब जनपद के ग्राम सचिवालयों को चरणबद्ध तरीके से आधार सेवा केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
प्रथम चरण में 50 पंचायत सहायकों को आधार नामांकन एवं आधार अपडेट से संबंधित कार्यों का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। अगले माह ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद ग्रामीणों को आधार से जुड़ी अधिकांश सेवाएं अपने ही ग्राम सचिवालय में उपलब्ध होने लगेंगी।
यह निर्णय जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय आधार मॉनिटरिंग समिति की बैठक में लिया गया। बैठक में आधार सेवाओं के विस्तार, बच्चों के आधार नामांकन, बायोमेट्रिक अपडेट और लंबित मामलों के निस्तारण सहित कई महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की गई।
ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर मिलेगी आधार सेवा
अब तक ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को आधार कार्ड में संशोधन, मोबाइल नंबर अपडेट, बायोमेट्रिक अपडेट या अन्य सेवाओं के लिए शहर अथवा दूर स्थित आधार केंद्रों तक जाना पड़ता था। इससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त आवश्यकता पड़ती थी।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद ग्राम सचिवालयों में ही आधार से संबंधित अधिकांश कार्य उपलब्ध होंगे। इससे ग्रामीणों को लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी और सरकारी सेवाओं तक उनकी पहुंच भी आसान होगी।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्राम सचिवालयों को चरणबद्ध तरीके से आधार सेवाओं से जोड़ा जाए, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीणों को इसका लाभ मिल सके।
कौन-कौन सी आधार सेवाएं होंगी उपलब्ध
जिला प्रशासन के अनुसार ग्राम सचिवालयों में कई महत्वपूर्ण आधार सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इनमें—
- आधार में नाम संशोधन
- पता अपडेट
- जन्मतिथि संशोधन
- लिंग संबंधी सुधार
- मोबाइल नंबर अपडेट
- फोटो अपडेट
- बायोमेट्रिक अपडेट
- बच्चों का नया आधार नामांकन
- अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (Mandatory Biometric Update)
हालांकि, 18 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों का नया आधार नामांकन ग्राम सचिवालयों में नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों के लिए निर्धारित आधार नामांकन केंद्रों की व्यवस्था पूर्ववत लागू रहेगी।
50 पंचायत सहायकों को दिया गया प्रशिक्षण
बैठक में जानकारी दी गई कि प्रथम चरण में 50 पंचायत सहायकों को आधार नामांकन एवं अपडेट प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
प्रशिक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्राम स्तर पर उपलब्ध सेवाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित हों और नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिल सकें।
प्रशिक्षित पंचायत सहायकों की ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद वे अधिकृत रूप से आधार सेवाएं प्रदान कर सकेंगे।
जून में हुए 64 हजार से अधिक आधार ट्रांजैक्शन
बैठक के दौरान आधार सेवाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों ने बताया कि जून माह में जनपद में कुल 64,161 आधार ट्रांजैक्शन दर्ज किए गए।
इनमें—
- 54,105 आधार अपडेट
- 10,056 नए आधार नामांकन
शामिल रहे।
जिलाधिकारी ने इन आंकड़ों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि आधार सेवाओं की वर्तमान गति को बनाए रखा जाए तथा लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
बच्चों के बायोमेट्रिक अपडेट पर विशेष जोर
बैठक में बच्चों के आधार नामांकन और अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट की भी विस्तार से समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि समय पर बायोमेट्रिक अपडेट नहीं होने पर भविष्य में छात्रों को छात्रवृत्ति, विद्यालय प्रवेश, स्वास्थ्य सेवाओं, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और अन्य सरकारी लाभ प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
इसी कारण अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि 0 से 5 वर्ष तथा 15 से 17 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों का अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट अभियान चलाकर पूरा कराया जाए।
विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश
छोटे बच्चों के आधार नामांकन और आधार सैचुरेशन को बढ़ाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को संयुक्त रूप से विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए।
इसके लिए—
- इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक
- स्वास्थ्य विभाग
- महिला एवं बाल विकास विभाग
को मिलकर विशेष शिविर आयोजित करने को कहा गया, ताकि अधिक से अधिक बच्चों का आधार नामांकन और आवश्यक अपडेट समय पर पूरे किए जा सकें।
प्रशासन का मानना है कि विभागीय समन्वय से अभियान अधिक प्रभावी होगा और ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर परिणाम प्राप्त होंगे।
विद्यालयों के माध्यम से होगा लंबित मामलों का निस्तारण
बैठक में बेसिक शिक्षा अधिकारी और जिला विद्यालय निरीक्षक को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई।
उन्हें निर्देश दिए गए कि विद्यालयों के माध्यम से लंबित एमबीयू-1 और एमबीयू-2 मामलों की पहचान कर उनका समयबद्ध निस्तारण कराया जाए।
विद्यालय स्तर पर अभियान चलाकर ऐसे विद्यार्थियों की सूची तैयार की जाएगी, जिनका बायोमेट्रिक अपडेट अभी लंबित है।
100 वर्ष से अधिक आयु के आधार धारकों का होगा सत्यापन
बैठक के दौरान 18 वर्ष से अधिक आयु के नए आधार नामांकन और 100 वर्ष से अधिक आयु वाले आधार धारकों के राज्य पोर्टल सत्यापन की भी समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि उप जिलाधिकारियों के माध्यम से लंबित सत्यापन कार्य शीघ्र पूरा कराया जाए।
उन्होंने कहा कि सभी लंबित मामलों का निस्तारण निर्धारित समयसीमा के भीतर होना चाहिए।
नई तकनीक से बढ़ेगी पारदर्शिता
बैठक में अधिकारियों को नए आधार ऐप, आधार हेल्पलाइन तथा टोकन मैनेजमेंट सिस्टम की जानकारी भी दी गई।
बताया गया कि इन नई व्यवस्थाओं के लागू होने से—
- सेवा प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी।
- नागरिकों की प्रतीक्षा अवधि कम होगी।
- टोकन व्यवस्था अधिक व्यवस्थित होगी।
- आधार सेवाएं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
प्रशासन का उद्देश्य डिजिटल माध्यमों के बेहतर उपयोग से नागरिक सेवाओं को अधिक सुविधाजनक बनाना है।
कई विभागों के अधिकारियों ने लिया भाग
जिला स्तरीय आधार मॉनिटरिंग समिति की बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन, अपर जिलाधिकारी, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी, यूआईडीएआई के प्रतिनिधि, बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, सहायक अधीक्षक डाक तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में आधार सेवाओं के विस्तार, विभागीय समन्वय और नागरिकों को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक रणनीति पर भी चर्चा की गई।
ग्रामीणों के लिए बड़ी सुविधा साबित हो सकती है नई व्यवस्था
ग्राम सचिवालयों में आधार सेवाएं शुरू होने से ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को बड़ी राहत मिलने की संभावना है। आधार कार्ड में छोटे-छोटे संशोधनों के लिए अब शहरों के चक्कर लगाने की आवश्यकता कम होगी। साथ ही बच्चों के बायोमेट्रिक अपडेट और आधार नामांकन जैसे कार्य भी स्थानीय स्तर पर आसानी से किए जा सकेंगे।
यदि यह व्यवस्था निर्धारित योजना के अनुसार लागू होती है, तो इससे आधार सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी, समय की बचत होगी और ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं को भी नई मजबूती मिलेगी।

