बांदा के नगला पुरवा की मूलभूत समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन, सड़क, पानी और बिजली सुधार की मांग
रिपोर्ट-शेलेन्द्र शानू वर्मा
बांदा: जनपद के बिसंडा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत बाघा के मजरा नगला पुरवा में मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर मंगलवार को एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व असंगठित मजदूर मोर्चा के बुंदेलखंड प्रभारी एडवोकेट पुष्पेंद्र भास्कर ने किया। ज्ञापन में गांव की सड़क, पेयजल, बिजली, साफ-सफाई, नालियां और मुक्तिधाम जैसी आवश्यक सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का उल्लेख करते हुए उनके शीघ्र समाधान की मांग की गई।
प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि नगला पुरवा के ग्रामीण कई वर्षों से बुनियादी सुविधाओं के अभाव में जीवनयापन कर रहे हैं। विशेष रूप से बरसात के मौसम में स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाती है। ऐसे में प्रशासन से संबंधित विभागों को निर्देश देकर आवश्यक विकास कार्य जल्द शुरू कराने की मांग की गई है।
वर्षों से मूलभूत सुविधाओं के अभाव का सामना कर रहे ग्रामीण
ज्ञापन के अनुसार, तहसील अतर्रा के अंतर्गत आने वाला नगला पुरवा लंबे समय से आधारभूत सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क, जल निकासी, पेयजल और बिजली जैसी आवश्यक सुविधाओं के अभाव का असर उनके दैनिक जीवन पर पड़ रहा है।
प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से आग्रह किया कि गांव की समस्याओं का स्थलीय निरीक्षण कराकर प्राथमिकता के आधार पर विकास कार्य कराए जाएं, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।
अधूरी सड़क से बढ़ रही आवागमन की समस्या
ज्ञापन में सबसे प्रमुख मुद्दा गांव की अधूरी सड़क का उठाया गया है।
प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, रघुबीर बाबा के स्थान से नाला संख्या 1602 तक लगभग 20 से 22 गांठा चकरोड का निर्माण अधूरा है। इसके आगे उत्तर और पश्चिम दिशा में मौजा की अंतिम सीमा तक केवल कच्चा मार्ग उपलब्ध है।
ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दौरान इस मार्ग पर जलभराव हो जाता है, जिससे आवाजाही कठिन हो जाती है। कई बार स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को तालाब के किनारे से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
ज्ञापन में मांग की गई है कि इस मार्ग का शीघ्र निर्माण कराया जाए ताकि पूरे वर्ष सुरक्षित आवागमन संभव हो सके।
कच्ची गलियां और नालियां भी बनी परेशानी
प्रतिनिधिमंडल ने गांव की गलियों और नालियों की स्थिति का भी उल्लेख किया।
ज्ञापन के अनुसार, कई स्थानों पर गलियां कच्ची हैं और जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बरसात के समय पानी भर जाता है। इससे लोगों के आवागमन में कठिनाई होती है और स्वच्छता संबंधी समस्याएं भी बढ़ जाती हैं।
ग्रामीणों ने मांग की कि गांव की प्रमुख गलियों का निर्माण कराया जाए तथा नालियों को व्यवस्थित कर जल निकासी प्रणाली को बेहतर बनाया जाए।
पेयजल व्यवस्था सुधारने की मांग
ज्ञापन में पेयजल संकट को भी प्रमुख समस्या बताया गया है।
प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि गांव के कई हैंडपंप लंबे समय से खराब पड़े हैं। इसके अलावा सरकारी पेयजल परियोजना से भी नियमित रूप से पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से खराब हैंडपंपों की मरम्मत कराने और पेयजल आपूर्ति को नियमित एवं सुचारु बनाने की मांग की है, ताकि लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके।
साफ-सफाई व्यवस्था पर भी उठे सवाल
ज्ञापन में गांव में साफ-सफाई की व्यवस्था को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई है।
प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि नियमित सफाई नहीं होने के कारण कई स्थानों पर गंदगी जमा रहती है। बरसात के मौसम में यह समस्या और बढ़ जाती है, जिससे ग्रामीणों को असुविधा का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने संबंधित विभाग से नियमित सफाई अभियान चलाने और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
मुक्तिधाम के निर्माण की भी मांग
ग्रामीणों ने ज्ञापन में गांव में श्मशान घाट (मुक्तिधाम) की अनुपलब्धता का मुद्दा भी उठाया।
प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, मुक्तिधाम नहीं होने के कारण विशेषकर बरसात के समय अंतिम संस्कार करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
ज्ञापन में प्रशासन से गांव में उपयुक्त स्थान पर मुक्तिधाम विकसित कराने की मांग की गई है, जिससे ग्रामीणों को आवश्यक सुविधा मिल सके।
बिजली व्यवस्था सुधारने का आग्रह
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि गांव में कई स्थानों पर बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हैं, जिसके कारण विद्युत आपूर्ति प्रभावित होती है।
उन्होंने संबंधित विभाग से टूटे हुए खंभों की मरम्मत अथवा नए खंभे लगाने और विद्युत व्यवस्था को सुचारु करने की मांग की, ताकि ग्रामीणों को नियमित बिजली आपूर्ति मिल सके।
बरसात में बढ़ जाती हैं समस्याएं
ज्ञापन में कहा गया कि बरसात के मौसम में गांव की अधिकांश समस्याएं और गंभीर रूप ले लेती हैं।
जलभराव, खराब सड़कें, गंदगी, जल निकासी की कमी और बिजली संबंधी दिक्कतों के कारण ग्रामीणों का दैनिक जीवन प्रभावित होता है। ऐसे में प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से बरसात को ध्यान में रखते हुए तत्काल राहत एवं दीर्घकालिक विकास कार्य शुरू कराने का अनुरोध किया है।
जिलाधिकारी से शीघ्र कार्रवाई की मांग
असंगठित मजदूर मोर्चा के बुंदेलखंड प्रभारी एडवोकेट पुष्पेंद्र भास्कर ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी कर गांव की समस्याओं का जल्द समाधान कराया जाए।
उन्होंने कहा कि यदि समयबद्ध कार्रवाई होती है तो ग्रामीणों को राहत मिलेगी और गांव में आधारभूत सुविधाओं का विकास भी तेज होगा।
इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि समस्याओं के समाधान की दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं होती है, तो ग्रामीणों के साथ आगे की रणनीति तय की जाएगी।
प्रशासनिक कार्रवाई पर रहेगी निगाह
फिलहाल ज्ञापन प्रशासन को सौंप दिया गया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित विभाग गांव का निरीक्षण कर किन समस्याओं को प्राथमिकता देते हैं और विकास कार्यों की दिशा में क्या कदम उठाए जाते हैं।
यदि सड़क, पेयजल, बिजली, नालियों और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कार्य समय पर पूरे होते हैं, तो नगला पुरवा के ग्रामीणों को लंबे समय से चली आ रही समस्याओं से राहत मिलने की उम्मीद है।

